अपर्णा यादव ने लगाया रिश्तों को कमजोर करने की साजिश का आरोप

उन्होंने आगे कहा कि कई लोग यह नहीं चाहते कि उनका पारिवारिक जीवन स्थिर और मजबूत बना रहे। उनके अनुसार, लगातार दबाव बनाने और अफवाहें फैलाने का मकसद उन्हें मानसिक रूप से कमजोर करना और सार्वजनिक जीवन से दूर करना है।

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अपर्णा यादव और प्रतीक यादव
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar22 Jan 2026 02:54 PM
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UP News : प्रतीक यादव के सोशल मीडिया अकाउंट से पत्नी अपर्णा यादव से अलगाव को लेकर आई पोस्ट के बाद अब इस पूरे मामले पर अपर्णा यादव ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि उनके निजी जीवन को जानबूझकर विवादों में घसीटा जा रहा है और उनके वैवाहिक रिश्ते को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की जा रही है। अपर्णा यादव ने कहा कि उनके और उनके पति के बीच किसी तरह की कोई समस्या नहीं है, लेकिन कुछ लोग सुनियोजित तरीके से ऐसी परिस्थितियाँ बना रहे हैं, जिससे दोनों के बीच मतभेद पैदा हों। उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया।

कुछ लोग नहीं चाहते कि उनका पारिवारिक जीवन स्थिर और मजबूत बना रहे

उन्होंने आगे कहा कि कई लोग यह नहीं चाहते कि उनका पारिवारिक जीवन स्थिर और मजबूत बना रहे। उनके अनुसार, लगातार दबाव बनाने और अफवाहें फैलाने का मकसद उन्हें मानसिक रूप से कमजोर करना और सार्वजनिक जीवन से दूर करना है। अपर्णा यादव ने यह भी कहा कि वह सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर लगातार मुखर रही हैं, जिसकी वजह से कुछ लोगों को उनकी सक्रियता खटकने लगी है।

साजिश रचने वालों की पहचान का दावा

अपर्णा यादव ने दावा किया कि जो लोग उनके और प्रतीक यादव के रिश्ते को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं, उनकी पहचान कर ली गई है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब दबाव में न आने पर किसी महिला को बदनाम करने की कोशिश की गई हो। समय आने पर ऐसे लोगों को सबके सामने लाया जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि अफवाहों के सहारे उन्हें डराया या कमजोर नहीं किया जा सकता।

प्रतीक यादव की वायरल पोस्ट से मचा था हड़कंप

गौरतलब है कि हाल ही में प्रतीक यादव के इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट सामने आई थी, जिसमें अपर्णा यादव से अलग होने की बात कही गई थी। उस पोस्ट में अपर्णा पर परिवार तोड़ने और निजी लाभ व प्रसिद्धि के लिए ऐसा करने जैसे आरोप लगाए गए थे। पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और राजनीतिक गलियारों में भी इस पर चचार्एं शुरू हो गईं। अपर्णा यादव ने इस पूरे विवाद को हाल ही में सामने आए धर्मांतरण मामले से भी जोड़ा। उन्होंने बताया कि इस मामले में पीड़िता ने सबसे पहले उनसे संपर्क किया था, जिसके बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे प्रकरण को उजागर किया। उनका कहना है कि इस मामले में उनकी सक्रिय भूमिका और मुंबई चुनावों में उनकी भागीदारी के बाद पार्टी को मिली सफलता से भी कई लोग असहज हुए हैं।

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अखिलेश ने सरकार पर तीखा हमला बोला, भाजपा शंकराचार्य का कर रही अपमान

लखनऊ में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियाँ पूंजीपतियों के हित में बनाई जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बड़े उद्योगपतियों और व्यापारिक घरानों को बढ़ावा दे रही है, जिससे देश में अमीर और गरीब के बीच की खाई लगातार गहरी होती जा रही है।

akhilesh (22)
अखिलेश यादव और शंकराचार्य
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar22 Jan 2026 02:07 PM
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UP News : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के स्नान को लेकर हुए विवाद पर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जैसे प्रतिष्ठित धार्मिक पद पर आसीन व्यक्ति का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार का रवैया इसके विपरीत है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा अधर्म के रास्ते पर चल रही है।

भाजपा बड़े उद्योगपतियों और व्यापारिक घरानों को बढ़ावा दे रही

लखनऊ में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियाँ पूंजीपतियों के हित में बनाई जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बड़े उद्योगपतियों और व्यापारिक घरानों को बढ़ावा दे रही है, जिससे देश में अमीर और गरीब के बीच की खाई लगातार गहरी होती जा रही है। ऐसे हालात में समाजवादी विचारधारा और भी अधिक प्रासंगिक हो जाती है। उन्होंने कहा कि जब सरकार सांप्रदायिक एजेंडे को आगे बढ़ाने में लगी हुई है, तब समाजवादी आंदोलन के मूल्यों को याद करना जरूरी है। अखिलेश यादव ने जनेश्वर मिश्र, मुलायम सिंह यादव और अन्य समाजवादी नेताओं के संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि सपा उन्हीं विचारों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है।

किसानों को आज भी अपनी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा

किसानों की समस्याओं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को आज भी अपनी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। सरकार की योजनाएँ और कानून आम जनता के बजाय पूंजीपतियों को लाभ पहुँचाने के लिए बनाए जा रहे हैं। वहीं, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के मुसलमानों और समाजवादी पार्टी को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसे बयान दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि किसी ने दिखावे के लिए ऐसा किया है, तो उन्हें जनता से सार्वजनिक रूप से माफी माँगनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिस सरकार में वे उपमुख्यमंत्री हैं, वहीं उन्हें बार-बार फटकार लगाई जाती है।

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UP Weather : अगले 5 दिन सावधान! ओले-बारिश, तेज हवा से बढ़ेगी कंपकंपी

25 जनवरी को कुछ इलाकों में राहत मिल सकती है, लेकिन गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के आसपास फिर से बारिश का नया दौर दस्तक दे सकता है, जो 1 से 2 दिन तक मौसम को प्रभावित करेगा।

वेस्ट यूपी से शुरू होगा असर
वेस्ट यूपी से शुरू होगा असर
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar22 Jan 2026 01:30 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड के बीच अब मौसम एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से 22 से 27 जनवरी के दौरान प्रदेश के कई जिलों में बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज झोंकेदार हवाओं की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए 15 जिलों/शहरों में ओलावृष्टि की चेतावनी भी दी है। अनुमान है कि 22 जनवरी की रात से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की शुरुआत होगी और 23 जनवरी तक इसका असर पूर्वांचल तक फैल सकता है। 25 जनवरी को कुछ इलाकों में राहत मिल सकती है, लेकिन गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के आसपास फिर से बारिश का नया दौर दस्तक दे सकता है, जो 1 से 2 दिन तक मौसम को प्रभावित करेगा।

30–50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मध्य यूपी और पश्चिमी यूपी के कई हिस्सों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवा चलने का अनुमान है। लखनऊ, कानपुर, बरेली और मेरठ समेत कई जिलों में मेघगर्जन और बिजली गिरने का जोखिम भी बना हुआ है। बारिश के कारण अगले 2–3 दिनों में न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। हालांकि ओले और तेज हवाओं की वजह से दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है, जिससे उत्तर प्रदेश में ठिठुरन और कंपकंपी बढ़ने के आसार हैं।

23 जनवरी को इन जिलों में ओलावृष्टि की प्रबल संभावना

मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक 23 जनवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रह सकता है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है, जिससे खासकर खेतिहर इलाकों और खुले क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ गई है। संभावित रूप से प्रभावित जिलों में बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल और बदायूं शामिल हैं।

इन जिलों में झोंकेदार हवा के साथ मेघगर्जन का यलो अलर्ट

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में झोंकेदार हवा और मेघगर्जन की संभावना के चलते यलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं और आसपास के इलाके शामिल हैं। UP News

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