यूपी में बिजली की दरों के बढ़ने की संभावना, कवायद शुरू
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भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 07:25 PM
UP News : उत्तर प्रदेश में बिजली की दरों में संभावित वृद्धि का मुख्य कारण राज्य विद्युत निगम (UPPCL) द्वारा अनुमानित वित्तीय घाटा है। UPPCL ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए लगभग 1.16 लाख करोड़ की वार्षिक राजस्व आवश्यकता प्रस्तुत की है। जिसमें 92,000 से 95,000 करोड़ रुपये की बिजली खरीद लागत शामिल है। इस प्रस्तावित खर्च के मुकाबले, UPPCL ने 13,000 करोड़ के घाटे का अनुमान लगाया है।
घाटे की भरपाई के लिए बिजली दरों में वृद्धि की अनुमति मांगी
इस घाटे की भरपाई के लिए, UPPCL ने उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) से बिजली दरों में वृद्धि की अनुमति मांगी है। हालांकि, अंतिम निर्णय UPERC द्वारा लिया जाएगा, जो उपभोक्ताओं के हितों और राज्य की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए दरों में संशोधन कर सकता है।
UPPCL ने बिजली दरों को बढ़ाने की मांग की
पिछले छह वर्षों में, उत्तर प्रदेश में बिजली दरों में कोई सीधा इजाफा नहीं हुआ है। यदि इस बार दरों में वृद्धि होती है, तो यह उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण परिवर्तन होगा। UPPCL का तर्क है कि बिजली बिलों की वसूली दर 80% से कम है, जिससे राजस्व में कमी आती है। इसलिए, वे वास्तविक वसूली को आधार मानते हुए दरों में वृद्धि की मांग कर रहे हैं।
UPPCL ने बिजली दर वृद्धि प्रस्ताव पेश करने की योजना
UPPCL ने 20 मई के बाद वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अलग से दर वृद्धि प्रस्ताव प्रस्तुत करने की योजना बनाई है। इस प्रस्ताव पर UPERC द्वारा सार्वजनिक सुनवाई और समीक्षा के बाद निर्णय लिया जाएगा। यदि दरों में वृद्धि को मंजूरी मिलती है, तो यह घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को प्रभावित कर सकती है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे ऊर्जा की बचत के उपाय अपनाएं और अपने बिजली उपयोग की निगरानी करें ताकि बढ़ती लागत का प्रभाव कम किया जा सके। UP News