यूपी के इस शहर को पूर्वांचल का ग्रेटर नोएडा बनाने की तैयारी, रोजगार और निवेश की अपार संभावनाएं
UP News
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
28 Nov 2025 10:19 PM
UP News : उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र को औद्योगिक दृष्टि से नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप, जिसे ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है, अब तेजी से हकीकत की ओर बढ़ रही है। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने इसके लिए पर्यावरणीय अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) हासिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सरकार से मंजूरी, अब जमीन पर काम की बारी
धुरियापार टाउनशिप का मास्टर प्लान शासन से पहले ही स्वीकृत हो चुका है, और अब इसे लॉजिस्टिक और औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने का कार्य प्रारंभ हो गया है। प्रस्तावित रेलवे लाइन और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी इस परियोजना को पूर्वांचल का औद्योगिक गेटवे बनाने जा रही है। परियोजना के तहत गीडा को 600 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण मिल चुका है। अदाणी, अवाडा और केयान जैसे कॉर्पोरेट समूहों ने यहां निवेश में गहरी रुचि दिखाई है, जो आने वाले समय में गोरखपुर को देश के औद्योगिक मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करेगा। UP News
कनेक्टिविटी बनी परियोजना की रीढ़
धुरियापार की सबसे बड़ी ताकत इसकी सड़क और रेल दोनों माध्यमों से मजबूत कनेक्टिविटी है। यह क्षेत्र गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के करीब है, जो पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ता है। इसके जरिए दिल्ली, लखनऊ और वाराणसी जैसे शहरों तक पहुंचना बेहद सुगम होगा। वहीं, टाउनशिप के लिए प्रस्तावित रेलवे लाइन को भी मंजूरी मिल चुकी है, जिससे माल परिवहन और यात्री आवागमन दोनों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी। साथ ही, चीनी मिल से खजनी तक की सड़क को फोरलेन में बदलने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। UP News
पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू
गीडा को अब भूखंडों की नीलामी से पहले पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी लेनी होगी। इसके लिए संबंधित संस्था की तलाश जारी है ताकि परियोजना का क्रियान्वयन तेजी और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ सके। धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप के माध्यम से स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलने की संभावना है। भूमि अधिग्रहण, निर्माण और संचालन से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के लिए गीडा ने 26 सेवानिवृत्त कर्मियों की 6 माह के लिए नियुक्ति का फैसला किया है। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं और भी चुस्त-दुरुस्त होंगी। यह परियोजना केवल गोरखपुर ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल को औद्योगिक और आर्थिक दृष्टि से एक नई पहचान देने जा रही है। जहां निवेश, उत्पादन, और रोजगार तीनों की व्यापक संभावनाएं हैं। UP News