यूपी के इन जिलों में कांवड़ यात्रा के चलते 8 दिन रहेंगे बंद स्कूल, 16 से 23 जुलाई तक रहेगा अवकाश
UP News
भारत
चेतना मंच
15 Jul 2025 06:54 PM
UP News : मुजफ्फरनगर सावन के पावन महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही को देखते हुए उत्तर प्रदेश प्रशासन ने मेरठ और मुजफ्फरनगर जनपदों के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 8 दिनों के लिए बंद रखने का निर्णय लिया है। यह आदेश 16 जुलाई से 23 जुलाई (शिवरात्रि) तक प्रभावी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि इस दौरान कांवड़ मार्गों पर अत्यधिक भीड़भाड़ और यातायात दबाव को देखते हुए यह निर्णय एहतियाती और जनहित में लिया गया है।
सावधानी के तौर पर लिया गया फैसला
उत्तर भारत के राज्यों दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान से लाखों की संख्या में शिवभक्त हरिद्वार की ओर कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं। इनमें से कई श्रद्धालु जलाभिषेक लेकर लौट भी रहे हैं। मेरठ और मुजफ्फरनगर जैसे प्रमुख जिलों से होकर गुजरने वाले कांवड़ मार्गों पर अत्यधिक यातायात दबाव और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों को अस्थायी रूप से बंद रखने का आदेश जारी किया है।
आदेश की सीमा और प्रभाव
अवकाश की अवधि: 16 जुलाई से 23 जुलाई 2025 है, इस दरम्यान सभी सभी स्कूल कॉलेज बंद रहेंगे। सभी सरकारी व निजी स्कूल,
सीबीएसई, आईसीएसई, यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त विद्यालय, परिषदीय, माध्यमिक, डिग्री कॉलेज और तकनीकी संस्थान मेरठ और मुजफ्फरनगर जिले के बंद रहेंगे। मेरठ के जिलाधिकारी डॉ. वी. के. सिंह और मुजफ्फरनगर के डीएम द्वारा निर्देशित आदेश में कहा गया है कि यह निर्णय कांवड़ यात्रा की सुचारू व्यवस्था और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
आदेश न मानने पर होगी कार्रवाई
डीआईओएस (जिला विद्यालय निरीक्षक) राजेश कुमार ने साफ कहा है कि यह आदेश बिना अपवाद सभी शैक्षणिक संस्थानों पर लागू होगा। यदि कोई स्कूल आदेश का उल्लंघन करता हुआ पाया गया, तो उसके विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। 23 जुलाई को सावन की शिवरात्रि मनाई जाएगी, जिसके बाद 24 जुलाई से स्कूल दोबारा खोले जाएंगे। यह फैसला ना केवल कांवड़ यात्रियों की सुविधा बल्कि स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा और बच्चों की आवाजाही को देखते हुए सावधानी भरा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। कांवड़ यात्रा के दौरान यूपी के पश्चिमी जिलों में लगने वाली भारी भीड़ को संभालने के लिए प्रशासन ने सुदृढ़ योजना बनाई है। स्कूलों की छुट्टियां इसका एक प्रमुख हिस्सा हैं, जिससे यातायात और सुरक्षा को नियंत्रित किया जा सके। यह फैसला स्थानीय नागरिकों की सहूलियत और विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।