यूपी में निजी विश्वविद्यालयों पर सरकार की कड़ी नजर, नियम तोड़ा तो जाएगी मान्यता
UP News
भारत
चेतना मंच
28 May 2025 12:40 AM
UP News : उत्तर प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब कड़ी निगरानी होगी। योगी सरकार ने साफ कर दिया है कि शिक्षा के नाम पर कोई लापरवाही या मानकों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य में फिलहाल 47 निजी विश्वविद्यालय संचालित हो रहे हैं, और इस साल के अंत तक यह संख्या 50 तक पहुँच सकती है।
कुछ विश्वविद्यालयों पर शैक्षणिक गुणवत्ता और नियमों के उल्लंघन का आरोप
हालांकि इनमें कई संस्थान बेहतरीन कार्य कर रहे हैं, लेकिन कुछ विश्वविद्यालयों पर शैक्षणिक गुणवत्ता और नियमों के उल्लंघन के आरोप लगते रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने सभी निजी विश्वविद्यालयों के लिए एक विशेष निगरानी समिति का गठन कर दिया है।
निगरानी समिति क्या देखेगी?
मुख्य सचिव एम.पी. अग्रवाल के निर्देश पर गठित यह समिति निम्नलिखित बिंदुओं पर विश्वविद्यालयों की औचक जांच करेगी।
ये समिति विवि में शिक्षा की गुणवत्ता देखेगी। विवि में योग्य फैकल्टी की नियुक्ति है या नहीं। वहां नियमित कक्षाएं और कोर्स की पूर्णता का ध्यान रखा जाता है या नहीं। छात्र शिकायत निवारण प्रणाली सही ढंग से काम कर रहा है या नहीं। वहां बुनियादी ढांचे की स्थिति कया है। विवि की शुल्क संरचना कैसी है। अंब्रेला एक्ट 2019 का अनुपालन किया जा रहा है या नहीं। यदि कहीं भी खामियाँ पाई गईं, तो पहले चेतावनी दी जाएगी, सुधार न होने पर मान्यता रद तक की कार्रवाई संभव है।
क्या कहता है 2019 का अंब्रेला एक्ट?
शहरी क्षेत्र में विश्वविद्यालय में कम से कम 20 एकड़ जमीन अनिवार्य रूप से होना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र में विश्वविद्यालय के लिए कम से कम 50 एकड़ जमीन जरूरी है। साथ ही, विश्वविद्यालय प्रबंधन को 5 करोड़ रुपये की एफडी जमा करनी होती है, जिसके ब्याज का ही उपयोग किया जा सकता है। UP News