उत्तर प्रदेश में तेजी के साथ बढ़ रही है अरबपति अमीरों की संख्या
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भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 04:22 PM
UP News : उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा प्रदेश है। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था बहुत तेजी के साथ आगे बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश की बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा प्रमाण उत्तर प्रदेश में बढ़ रहे अरबपति अमीरों की संख्या से मिलता है। एक समय था जब उत्तर प्रदेश में अरबपति तो दूर करोड़पति होना भी बड़ी बात मानी जाती थी। उसी उत्तर प्रदेश के हर प्रमुख शहर में अरबपति लगातार बढ़ रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में मौजूद हैं 36 अरबपति
वर्ष-2020 की बात है जब पूरे उत्तर प्रदेश में केवल 9 अरबपति मौजूद थे। इन दिनों उत्तर प्रदेश में 36 अरबपति मौजूद हैं। उत्तर प्रदेश में अरबपति बड़े लोगों की संख्या तेजी के साथ आगे बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश में अरबपति बढ़ रहे हैं। यह इस बात का भी प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था तेजी के साथ आगे बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश में मौजूद 10 अरबपति उद्योगपतियों की बात करें तो प्रदेश के दो-दो बड़े अरबपति अकेले कानपुर शहर में रहते हैं। यें दोनों अरबपति सगे भाई हैं। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश के नोएडा, प्रयागराज तथा अलीगढ़ जैसे शहरों में भी अरबपति मौजूद हैं। इस आर्टीकल में हम आपका परिचय उत्तर प्रदेश के 10 अरबपति लोगों से करा रहे हैं। UP News
उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े पूंजीपति हैं मुरलीधर ज्ञानचंदानी
उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े पूंजीपति का नाम मुरलीधर ज्ञानचंदानी है। घड़ी डिटर्र्जेंट के नाम से वॉशिंग पाउडर बनाने वाली कंपनी के मालिक मुरलीधर ज्ञानचंदानी उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में रहते हैं। उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े पूंजीपति मुरलीधर ज्ञानचंदानी की कुल नेटवर्थ (टोटल प्रोपर्टी) 14 हजार करोड़ रूपये से भी अधिक की है। मुरलीधर ज्ञानचंदानी ने अपने भाई बिमल के साथ मिलकर RSPL ग्रुप की नींव रखी। साधारण सिंधी परिवार से आने वाले मुरलीधर ने अपने बिजनेस को FMCG सेक्टर में एक बड़ा नाम बना दिया। उनकी कंपनी का सबसे मशहूर उत्पाद ‘घड़ी डिटर्जेंट’ हर घर में मिलता है। उत्तर प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े पूंजीपति का नाम बिमल ज्ञानचंदानी है। बिमल ज्ञानचंदानी की कुल नेट वर्थ 9,000 करोड़ है। मुरलीधर के भाई और बिजनेस पार्टनर बिमल ज्ञानचंदानी RSPL ग्रुप की सफलता के मुख्य स्तंभों में से एक हैं। उन्होंने अपनी रणनीतियों से कंपनी को ऊंचाइयों तक पहुंचाया। दोनों भाई हर दिन नई उंचाईयों पर कंपनी को ले जा रहे हैं। UP News
उत्तर प्रदेश में मौजूद है एक से बढक़र एक अरबपति
उत्तर प्रदेश के तीसरे सबसे बड़े पूंजीपति का नाम विजय शेखर शर्मा है। विजय शेखर शर्मा की नेट वर्थ 8,000 करोड़ रूपये है। फिनटेक (पेटीएम) है। पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ के रहने वाले हैं। उनकी कंपनी पेटीएम का मुख्यालय उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में है। छोटे शहर अलीगढ़ से निकले विजय शेखर शर्मा ने डिजिटल पेमेंट्स को भारत में लोकप्रिय बनाया। पेटीएम की सफलता ने उन्हें सबसे युवा अरबपतियों में शुमार कर दिया।
उत्तर प्रदेश के चौथे सबसे बड़े पूंजीपति की बात करें तो उनका नाम दिनेश चंद्र अग्रवाल हैं। उनकी नेट वर्थ 5,400 करोड़ है। उनका उद्योग का नाम ई-कॉमर्सन है। नोएडा शहर में दिनेश चंद्र अग्रवाल ने इंडियामार्ट की स्थापना की, जो आज BWB मार्केटप्लेस में काफी आगे है। उनके प्लेटफॉर्म ने छोटे और मध्यम व्यवसायों को डिजिटल युग में पांव जमाने में मदद की है।
उत्तर प्रदेश के पांचवे बड़े पूंजीपति की बात करें तो उनका नाम सचिन अग्रवाल है। उनकी नेट वर्थ 4,800 करोड़ रूपये है। उनके उद्योग का नाम फिनटेक (पॉलिसीबाजार) है। नोएडा शहर के सचिन अग्रवाल ने पॉलिसीबाजार के सह-संस्थापक के रूप में भारत में ऑनलाइन इंश्योरेंस इंडस्ट्री को नया आयाम दिया. उनकी कंपनी अब लाखों लोगों को सुविधाजनक बीमा योजनाएं उपलब्ध कराती है।
उत्तर प्रदेश के छठे बड़े पूंजीपति का नाम अलख पांडेय है। उनकी नेटवर्थ 4,500 करोड़ रूपये है। उनके उद्योग का नाम एडटेक (फिजिक्सवाला) है। प्रयागराज के रहने वाले अलख पांडेय अब नोएडा में रहते हैं। उन्होंने यूट्यूब से अपनी पढ़ाने की यात्रा शुरू करने वाले अलख पांडेय ने फिजिक्सवाला को एक एडटेक यूनिकॉर्न बना दिया। उनकी सफलता नई पीढ़ी के स्टार्टअप्स के लिए प्रेरणा बनी हुई है। हाल के दिनों में उनकी कंपनी ने कई कंपनियों का अधिग्रहण किया है। UP News
बड़े-बड़े काम कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के बड़े पूंजीपति
उत्तर प्रदेश के बड़े पूंजीपति अनेक बड़े-बड़े काम कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के सातवें बड़े पूंजीपूति का नाम प्रदीप कुमार जैन है। प्रदीप कुमार जैन की कुल नेट वर्थ 4,400 करोड़ रूपये है। प्रदीप कुमार जैन ने अपना कारोबार प्रोपर्टी डीलर के रूप में शुरू किया था। देखते ही देखते प्रदीप कुमार जैन रियल एस्टेट का एक बड़ा नाम बन गए हैं। उत्तर प्रदेश के आगरा शहर के रहने वाले प्रदीप जैन की कंपनी का नाम रियल एस्टेट (पीएनसी इंफ्राटेक) है। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में अग्रणी पीएनसी इंफ्राटेक के प्रमुख प्रदीप कुमार जैन ने सडक़ों, पुलों और अन्य निर्माण परियोजनाओं में बड़ा योगदान दिया है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के आठवें पूंजीपति का नाम चक्रेश कुमार जैन है। उनकी नेटवर्थ 4,400 करोड़ रूपये है। पीएनसी इंफ्राटेक के सह-प्रमुख चक्रेश जैन ने अपने भाई प्रदीप जैन के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन दोनों सगे भाईयों ने पूंजीपतियों की दुनिया में बड़ा नाम हासिल किया है। इन दोनों के तीसरे भाई नवीन कुमार जैन है। जैन परिवार के तीसरे सदस्य नवीन कुमार भी इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस में सक्रिय हैं और कंपनी को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। नवीन कुमार जैन का नाम उत्तर प्रदेश के 9वें बड़े पूंजीपतियों में स्थापित हो चुका है। UP News
उत्तर प्रदेश के 10वें बड़े पूंजीपति का नाम यशोवर्धन अग्रवाल है
उत्तर प्रदेश के 10वें बड़े पूंजीपति के रूप में नोएडा के बिस्कुट किंग बीपी अग्रवाल का नाम आता है। प्रिया गोल्ड के संस्थापक बीपी अग्रवाल अब इस दुनिया में नहीं रहे हैं। बीपी अग्रवाल के पुत्र प्रिया गोल्ड कंपनी को संभाल रहे हैं। बीपी अग्रवाल के सबसे बड़े पुत्र यशोवर्धन अग्रवाल का नाम उत्तर प्रदेश के पूंजीपतियों की सूची में 10वें स्थान पर शामिल हुआ है। उनकी नेटवर्थ 4 हजार करोड़ रूपये की बताई जाती है। प्रिया गोल्ड बिस्कुट बनाने वाली कंपनी का नाम सूर्या फूड्स है। इस कंपनी के संचालन का प्रमुख काम स्व. बीपी अग्रवाल के पुत्र शेखर अग्रवाल के हाथों में है। UP News