जल्दी ही बदल जाएगी उत्तर प्रदेश के शहरों की तस्वीर
UP News
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 12:44 PM
UP News : उत्तर प्रदेश सरकार का एक बड़ा फैसला सामने आया है। उत्तर प्रदेश सरकार के इस बड़े फैसले का पूरे प्रदेश पर प्रभाव पड़ेगा। उत्तर प्रदेश सरकार का यह बड़ा फैसला लागू होते ही प्रदेश के शहरों की तस्वीर पूरी तरह से बदल जाएगी। इस फैसले के कारण उत्तर प्रदेश के सभी छोटे-बड़े शहरों की तस्वीर पूरी तरह से बदल जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले के लागू हो जाने के बाद प्रदेश के शहरों में ऊंची-ऊंची इमारतें नजर आने लगेंगी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने कैबिनेट की बैठक में लिया बड़ा फैसला
बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने कैबिनेट की बैठक में बड़ा फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला यह है कि उत्तर प्रदेश के शहरों में कम जमीन पर अधिक ऊंची इमारत बनाई जा सकती है। कम जमीन पर ऊंची इमारत बनाने के लिए बिल्डर अतिरिक्त चार्ज देकर उत्तर प्रदेश सरकार से अधिक फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) खरीद सकते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला तुरंत प्रभाव से लागू करने की तैयारी की जा रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार के आवास विभाग ने बनाई नई नियमावली
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के आवास विभाग ने बिल्डरों या फिर किसी को भी शासनादेश के आधार पर अतिरिक्त फ्लोर खरीद कर बनाने की सुविधा दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने कहा था कि नियमावली बनाने के बाद ही इसकी वसूली की जा सकती है। इसके आधार पर आवास विभाग ने उप्र. नगर योजना और विकास अधिनियम-1973 में दी गई व्यवस्था के आधार पर उप्र नगर योजना और विकास (क्रययोग्य एफएआर शुल्क का निर्धारण व वसूली) नियमावली बनाई थी जिसे कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बसेगी नई टाउनशिप
उत्तर प्रदेश सरकार ने कैबिनेट की बैठक में अनेक फैसले लिए हैं। इन फैसलों में उत्तर प्रदेश सरकार गाजियाबाद शहर में आवासीय समस्या को दूर करने के लिए अब टाउनशिप बसाने का फैसला किया है। इसके लिए आवास विभाग 1366 करोड़ से अधिक धनराशि खर्च करेगा। पहली किस्त के तौर पर 400 करोड़ रुपये खर्च करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। धनराशि की व्यवस्था हो जाने के बाद अब गाजियाबाद विकास प्राधिकरण टाउनशिप योजना को जमीन पर उतारने का का काम करेगा।
आईआईएमटी विवि मेरठ को ग्रेटर नोएडा में दूरस्थ परिसर की स्थापना के लिए आशय पत्र जारी करने को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है। इसके बाद वह अब नियमानुसार इससे जुड़ी अन्य प्रक्रिया शुरू करेंगे। दो साल में वह इसे पूरी करके संचालन के लिए प्रस्ताव देंगे। राज्य सरकार मेट्रो रेल, लाईट मेट्रो रेल, क्षेत्रीय त्वरित रेल, त्वरित बस सेवा या फिर रोप-वे चलने वाले क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही जमीन की कीमतों को देखते हुए इन भूमियों पर व्यावसायिक भवन बनाने के लिए नक्शा पास कराने वालों से विशेष सुख-सुविधा शुल्क लेगी।
कैबिनेट ने प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैया विश्वविद्यालय, प्रयागराज के पहले चरण के भवन निर्माण से संबंधित लागत पुनरीक्षण को हरी झंडी दे दी है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि, पहले स्वीकृत किए गए 200 करोड़ के बजट में जीएसटी नहीं लगी थी। साथ ही वहां पर गढ्ढे भी थे। इस पर कार्यदायी संस्था की ओर से भेजे गए पुनरीक्षित बजट को परीक्षण के बाद 269.14 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।