यूपी का लाल जिसने सबका दिल जीत लिया, पीएम मोदी तक हुए कायल
UP News
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 01:07 PM
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 01:07 PM
UP News : बिजनौर, उत्तर प्रदेश के एक साधारण किसान का बेटा, लेकिन असाधारण हौसलों वाला नौजवान है तुषार चौधरी। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के एक छोटे से गांव फूलसंदा का नाम आज देशभर में गूंज रहा है। वजह बनी उनकी मेहनत, लगन और बुलंद इरादे, जिसने उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'मन की बात' में जगह दिला दी।
पीएम मोदी ने की तुषार की खुलकर तारीफ
देश के सबसे चर्चित रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 122वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब तुषार चौधरी का नाम लिया और उनकी सराहना की, तो पूरे बिजनौर में जश्न का माहौल बन गया। पीएम मोदी ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए तुषार को विशेष रूप से याद किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
कौन हैं तुषार चौधरी?
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के एक छोटे से गांव फूलसंदा के रहने वाले हैं। उनके पिता संजय सिंह एक किसान हैं। वेटलिफ्टिंग (102 किलो भार वर्ग) में उन्होंने 289 किलो भार उठाकर गोल्ड मेडल जीता है। खेलो इंडिया यूथ गेम्स, राजगीर (बिहार) में तुषार ने अपने ही पुराने रिकॉर्ड (282 किलो) को तोड़कर नया कीर्तिमान बनाया है। उन्होंने न केवल गोल्ड मेडल जीता, बल्कि अपने ही रिकॉर्ड को तोड़कर नई प्रेरणा गढ़ दी।
गुरु और मार्गदर्शक : कोच करण सिंह और जसवंत सिंह
तुषार के कोच करण सिंह और पूर्व अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर जसवंत सिंह का मानना है कि तुषार का टैलेंट देश की सीमाओं को पार करेगा। वो जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते नजर आ सकते हैं। तुषार गांव गिलाड़ी स्थित वेटलिफ्टिंग सेंटर पर नियमित अभ्यास करते हैं। बेहद सीमित संसाधनों में भी उन्होंने जो मुकाम हासिल किया है, वह हर युवा खिलाड़ी के लिए एक मिसाल है। UP News
परिवार और गांव में जश्न का माहौल
तुषार के पिता संजय सिंह और परिवारजन पीएम मोदी का आभार जताते नहीं थक रहे। गांववालों ने मिठाइयां बांटीं और बच्चे तुषार को अपना 'रियल हीरो' बता रहे हैं। छोटे गांव से निकलकर देश के दिल तक तुषार चौधरी की कहानी एक उदाहरण है कि कड़ी मेहनत, सही मार्गदर्शन और आत्मविश्वास से कोई भी युवा आसमान छू सकता है। एक किसान का बेटा आज देश के प्रधानमंत्री की तारीफ पा रहा है। यह नया भारत है, जहां टैलेंट पहचान का मोहताज नहीं। UP News