यूपी के इस शहर को जाम से मिलेगी राहत : 22 किमी का बाईपास बदलेगा तस्वीर
भारत
चेतना मंच
07 Sep 2025 06:13 PM
भीड़-भाड़ और जाम से जूझते उत्तर प्रदेश के देवरिया शहर को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। उत्तर प्रदेश के इस शहर में यहां 22 किलोमीटर लंबा फोरलेन बाईपास बनाया जा रहा है, जो शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करेगा। यूपी के देवरिया में इस सड़क से भारी वाहन अब शहर से गुजरे बिना ही बाहर से निकल जाएंगे, जिससे यात्रियों और व्यापारियों दोनों का समय और पैसा बचेगा। UP News :
किसानों की जमीन पर बन रहा है बाईपास
परियोजना के लिए करीब 110 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। अब तक 8,300 प्रभावित किसानों में से लगभग 6,600 किसान अपनी जमीन दे चुके हैं। प्रशासन बाकी जमीन का अधिग्रहण करने में जुटा है ताकि निर्माण कार्य अटक न जाए। सरकार ने अब तक 388 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में किसानों को दिए हैं। अधिकांश किसान संतुष्ट हैं, हालांकि कुछ किसान अधिक मुआवजे की मांग को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं।
588 करोड़ की लागत, कंपनी ने शुरू किया काम
इस परियोजना का ठेका सीडीएस इंफ्रा कंपनी को 588 करोड़ रुपये में मिला है। जहां-जहां जमीन उपलब्ध हो चुकी है, वहां निर्माण कार्य शुरू हो गया है और धीरे-धीरे सड़क का स्वरूप उभरने लगा है। बाईपास मार्ग सिरजम खास से शुरू होकर बैतालपुर, लाहिलपार होते हुए मुंडेरा बुजुर्ग तक जाएगा। इस दौरान यह कई गांवों जैसे इटवा, गुडरी, बलुआ, सझवा, बासपार बुजुर्ग, मुडरा, गौरा, भीमपुर, पोखरभिंडा, कुसम्हा बेलवा, पगरा और पकड़ी बुजुर्ग से होकर गुजरेगा। इन गांवों को भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सड़क, बिजली और अन्य विकास कार्यों का लाभ मिलेगा।
मुआवजे पर विवाद जारी
कुछ किसानों का आरोप है कि सरकार ने उन्हें 2013 के भूमि अधिग्रहण अधिनियम के अनुरूप पूरा मुआवजा नहीं दिया। प्रशासन का दावा है कि नियमों के अनुसार छोटी जोत वालों को बाजार भाव का दूना भुगतान किया गया है, जबकि बड़ी जोतों पर अलग नीति लागू है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट श्रुति शर्मा ने आश्वासन दिया है कि किसानों की समस्याओं का समाधान निकालकर जल्द ही सभी विवाद सुलझाए जाएंगे। अदालत से फैसला आने का इंतजार है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि बाईपास बनने के बाद न सिर्फ देवरिया शहर को जाम से राहत मिलेगी बल्कि आसपास के गांवों की तस्वीर भी बदल जाएगी। UP News