उत्तर प्रदेश का यह जिला अब नहीं कहलाएगा गरीब : बनेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
भारत
चेतना मंच
02 Nov 2025 02:17 PM
उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक क्रांति की नई पटकथा लिखी जा रही है। लंबे समय से आर्थिक रूप से पिछड़े कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में अब विकास की गाड़ी रफ्तार पकड़ने जा रही है। यूपीडा (उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण) यहां 576 हेक्टेयर क्षेत्र में एक विशाल औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने जा रहा है। इस परियोजना से न केवल उत्तर प्रदेश के जिला बांदा की तस्वीर बदलेगी बल्कि बुंदेलखंड की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी। UP News :
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे बनेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
यह औद्योगिक गलियारा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे बनाया जाएगा। सरकार ने इस परियोजना के लिए 138 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है, जिसमें से 100 करोड़ रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं। इस क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी, सुरक्षा और चहारदीवारी जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं तैयार की जाएंगी, ताकि उद्योगपतियों को निवेश के लिए अनुकूल माहौल मिल सके।
395 किसानों की जमीन पर बनेगा विकास का आधार
कॉरिडोर निर्माण के लिए जमालपुर और महोखर ग्राम पंचायतों के 395 किसानों से कुल 576 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की गई है। अब इस भूमि पर तेजी से बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद देश-विदेश के निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि क्षेत्र में बड़े उद्योगों की स्थापना हो सके।
रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा सहारा
इस औद्योगिक गलियारे से हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है। साथ ही, आसपास के गांवों के लोगों को भी काम मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी। छोटे कारोबार और सेवा क्षेत्र को भी नई ऊर्जा मिलेगी, जिससे पूरे बुंदेलखंड की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
बुंदेलखंड बनेगा औद्योगिक हब
नरैनी विधायक ओममणि वर्मा ने कहा कि सरकार बुंदेलखंड को औद्योगिक विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, चित्रकूटधाम मंडल के संयुक्त अपर निदेशक सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि यूपीडा इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ा रहा है और अगले कुछ वर्षों में बांदा एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरेगा। UP News