उत्तर प्रदेश की दो बेटियों ने दुनिया में गाड दिया भारत का झंडा
UP News
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 02:25 AM
UP News : उत्तर प्रदेश की दो बेटियों ने दुनिया भर में भारत का झंडा गाड दिया है। विश्व स्तर की प्रतियोगिता जीतने वाली भारत की यें दोनों बेटियां शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं। अपनी शारीरिक कमजोरी को सबसे बड़ी ताकत बनाने वाली उत्तर प्रदेश की बेटियों की दुनिया भर में तारीफ हो रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की बेटियों को उनकी विशेष उपलब्धि के लिए बधाई दी है। उत्तर प्रदेश का हर एक नागरिक प्रदेश की बेटियों की उपलब्धि पर गर्व कर रहा है।
बड़ी मिसाल पेश कर दी है उत्तर प्रदेश की बेटियों ने
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय की छात्राएं स्वाति और कनक सिंह ने युगांडा पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल टूर्नामेंट 2025 में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतकर यह साबित कर दिया है कि अवसर मिलने पर कोई भी शारीरिक सीमा प्रतिभा को नहीं रोक सकती। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में दिव्यांगजन सशक्तिकरण की जो नीतियां धरातल पर उतारी गई हैं, उनकी गूंज अब वैश्विक मंचों पर भी सुनाई देने लगी है और स्वाति व कनक की सफलता भी उसी का परिणाम है। स्वाति ने महिला एकल SU-5 वर्ग में रजत, महिला युगल SL3-SU5 में स्वर्ण और मिक्स्ड डबल्स में कांस्य पदक हासिल किया। वहीं कनक सिंह ने महिला एकल SL-4 और महिला युगल वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया। 1 से 6 जुलाई तक युगांडा की राजधानी कंपाला में आयोजित इस प्रतियोगिता में 50 से अधिक देशों के पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण नीति का प्रभावी परिणाम
प्रदेश के दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने दोनों खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, स्वाति और कनक की यह सफलता सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि योगी सरकार द्वारा तैयार किए गए दिव्यांगजन सशक्तिकरण मॉडल की सफलता है। बेटियों ने यह सिद्ध कर दिया कि अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन मिलने पर कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। कुलपति प्रो. संजय सिंह ने इस उपलब्धि को विश्वविद्यालय की पुनर्वास और अकादमिक व्यवस्था का प्रतिफल बताते हुए कहा कि हमारी छात्राएं अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। यह पूरे प्रदेश की बेटियों और दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणास्पद क्षण है। क्रीड़ा एवं योग प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. पाण्डेय राजीवनयन ने इसे विश्वविद्यालय की प्रशिक्षण नीति की सफलता बताया, जबकि कोच इरशाद अहमद ने भावुक होकर कहा कि सच्ची लगन, मेहनत और आत्मविश्वास से कोई भी चुनौती असंभव नहीं रहती। यह सफलता पूरे समाज को प्रेरणा देगी। UP News