UP News : 14 वर्षीया किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म में दो बलात्कारियों को फांसी की सजा
Two rapists sentenced to death for gang rape of 14-year-old girl
भारत
चेतना मंच
03 Nov 2022 07:13 PM
UP News : प्रतापगढ़। स्थानीय पॉस्को अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सामूहिक दुष्कर्म के दो आरोपियों को फांसी की सजा सुनायी है। तीसरे को नाबालिग होने का लाभ मिला, जिससे वह फांसी की सजा से गया।
फांसी की सजा पाने वाले दोषियों ने 14 साल की किशोरी को रेलवे ट्रैक पर ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया था। इसके बाद उसकी आंख फोड़ने से लेकर सिर से पैर तक गम्भीर चोट पहुंचायी थी। अदालत ने घटना को रेयर ऑफ रेयरेस्ट मानकर फैसला दिया है। घटना प्रतापगढ़ जिले के नवाबगंज थाना इलाके की घटित हुई थी।
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प्रतापगढ़ के अपर जनपद न्यायालय के विशेष न्यायाधीश पाक्सो अधिनियम पंकज कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने बलात्कार, अपहरण एवं आपराधिक मानव वध के आरोप में नवाबगंज इलाके के हलीम उर्फ खड़बड़ व रिजवान निवासी ग्राम परसई को रेयर ऑफ रेयरेस्ट की श्रेणी के अपराध में मृत्युदंड की सजा सुनाई। इन दोनों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि पीड़िता को उसके चिकित्सा एवं मानसिक आघात की पूर्ति एवं उसके पुनर्वास हेतु नियमानुसार प्रदान की जायेगी।
घटना 27 दिसम्बर 2021 की शाम छह बजे हुई थी। इस संबंध में प्रथम सूचना रिपोर्ट थाना नवाबगंज पर 30 दिसम्बर 2021 को पीड़िता के भाई द्वारा अज्ञात के विरुद्ध पंजीकृत कराई गई थी। विवेचना तत्कालीन थानाध्यक्ष रुकम पाल सिंह एवं उपनिरीक्षक सुरेंद्र सिंह द्वारा की गई।
घटना के दिन पीड़िता शाम को गांव की दुकान पर बेसन लेने जा रही थी, तभी एक नाबालिग के साथ रिजवान और हलीम उर्फ खड़बड़ ने उसे पकड़ लिया। ये तीनों उसे रेलवे ट्रैक के पास ले गये, जहां सबने उसके साथ बलात्कार किया। पीड़िता के विरोध करने पर तीनों ने बहुत ही क्रूर तरीके से उसके सिर में चोट पहुंचायी। उसके चेहरे की हड्डी तोड़ दी और आंख में चाकू मार दिए, जिससे वह अंधी हो गयी। बलात्कारियों ने उसके पैर तोड़ दिए और बेहोशी हालत में वहीं छोड़कर भाग गये थे।
कई घंटे बाद किशोरी के बेहोशी में मिलने पर उसे सीएचसी कालाकांकर लाया गया, जहां उसकी गम्भीर स्थिति को देखते हुए उसे यसआरएन मेडिकल कॉलेज प्रयागराज रेफर किया गया था। पीड़िता पांच दिन बाद होश में आयी थी। तब उसने नाबालिग समेत रिजवान और हलीम उर्फ खड़बड़ द्वारा की किये गए क्रूरतम अपराध के बारे में बताया था।
विशेष लोक अभियोजक निर्भय सिंह ने बताया की तीनों अभियुक्तगणों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। जिसमें एक अभियुक्त को न्यायालय द्वारा बाल अपचारी घोषित कर उसकी पत्रावली पृथक कर बाल न्यायालय भेज दी गयी तथा अन्य दोनों अभियुक्तों हलीम उर्फ खड़बड़ एवं रिजवान के विरुद्ध न्यायालय ने 7 मई 22 को आरोप दाखिल हुआ। सुनवाई के दौरान अभियोजन द्वारा कुल 11 गवाहों को पेश किया गया और उन्हें परीक्षित किया गया। बीती 15 अक्टूबर को मामले में अंतिम बहस हुई। इस दौरान पीड़िता, उसके भाई, डॉक्टरों समेत कुल 11 गवाहों से जिरह और सरकारी व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के पश्चात अदालत ने फैसला सुरक्षित कर लिया था।
आज विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पॉस्को पंकज कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने छह माह के भीतर फैसला सुनाया। इस मामले में अभियुक्त हलीम उर्फ गड़बड़ एवं रिजवान के अपराध को न्यायालय ने रेयर ऑफ रेयरेस्ट घोषित करते हुए दोनों को को मृत्युदंड की सजा सुनाई। साथ ही 50-50 हजार अर्थदंड भी लगाया। इस केस में राज्य की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक निर्भय सिंह व राजेश त्रिपाठी ने की।