यूपी पुलिस में दिखी इंसानियत,बेहोश बंदर की ऐसे बचाई जान
UP News
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
02 Dec 2025 03:18 AM
UP News : उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से एक दिल को छू देने वाला मामला सामने आया है। दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक पुलिस वाला एक बंदर की मदद कर रहा हैं। बता दें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के छतारी पुलिस थाने में वैसे तो बंदरो की भरमार है। यहां के पुलिसकर्मी बंदरो से बहुत ही परेशान रहते है। लेकिन कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश समेत कई शहरों में गर्मी का प्रकोप जारी है। इसी बीच 24 मई की भी भीषण गर्मी का माहौल था और लू चल रही थी। इसकी चपेट में नन्हा सा बंदर भी आ गया था।
लू से बंदर का हाल हुआ बेहाल
मिली जानकारी के अनुसार इस चिलचिल्लाती गर्मी में बंदर को लू लग गई। जिसके कारण वह जमीन पर बेहोश हो गया। वहीं उत्तर प्रदेश के इस छतारी थाने के पुलिसकार्मी विकास तोमर की नजर उस बेहोश बंदर पर पड़ी। उसे बचाने के लिए विकास तोमर ने बहुत ही मेहनत की और वो इसमें कमयाब भी रहे। एक तरफ जहां लोग इंसान की मदद को नहीं दौड़ता वहीं विकास तोमर ने एक बंदर की जान बचाकर मनवता की एक मिसाल पेश की है।
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पुलिसकार्मी ने बंदर को बचाने के लिए लगई जान की बाजी
आपको बता दें कि इस बंदर को बचाने के लिए पुलिसकर्मी अपनी जान पर भी खेल गया क्योंकि जहां बंदर बेहोश पड़ा हुआ था, वहां आसपास दर्जनों बंदर मौजूद थे, जोकि अपने साथी की हालत देखकर चीख-चिल्ला रहे थे। पुलिसकार्मी पर बंदर हमला कर सकते हैं, इसकी परवाह किए बिना ही सिपाही ने बेहोशी की हालत में पड़े बंदर को बचा लिया।
दरअसल पुलिसकर्मी ने देखा कि बंदर की सांस चल रही है तो उसके हार्ट की पंपिंग की और कमर-सिर पर थपथपाकर घंटों उसका वेटनरी डॉक्टर की तरह पानी पिलाकर इलाज किया तो छोटे बंदर में भी जान पड़ गई। उत्तर प्रदेश की इस थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मी बंदर के इलाज को देखने के लिए आ गए। सिपाही के ही किसी साथी ने बंदर को सीपीआर देने का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, साथ ही इस वीडियो की आसपास इलाकों में भी खूब चर्चा हो रही है।
पुलिसकर्मी ने बताया कैसे बची जान
बंदर के मसीहा बने इस सिपाही ने बताया कि बेहोशी की हालत में पड़े अपने साथी को देखकर आसपास कई बंदर जमा हो गए थे। थाने के लोग इस बंदर के पास जाने में भी डर रहे थे, तब मैंने सभी लोगों को दूर हटाया और प्यार की भावना से जब बंदर की ओर बढ़ा तो सभी बंदर शांत हो गए। मैंने करीब डेढ़-दो घंटे तक बंदर की जान बचाने के लिए मेहनत की और उसकी जिंदगी बच गई।
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इस बारें में सिपाही का कहना है कि शायद बेहोश बंदर को बिजली का करंट लगा है, इसी वजह से वो बेहोश हो गया था, तो मैंने इसको पानी नहीं पिलाया, लेकिन जब बाद में इसने हल्की सी झपकी तो इसको पानी पिलाया और धीरे-धीरे सांस आने लगी। फिर मुझे लगा कि इसको लू लगी है या गर्मी के कारण यह बेहोश हुआ है। बाद में इसमें जब जान आ गई तो डॉक्टर को बुलाकर टीका लगवा दिया और अन्य बंदरों के साथ छोड़ दिया गया। UP News