यूपी में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री में बड़ा बदलाव : अब बिना ओटीपी और खतौनी रजिस्ट्रेशन नहीं
भारत
चेतना मंच
25 Sep 2025 01:44 PM
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रॉपर्टी खरीद-बेच में बढ़ते फजीर्वाड़े और अनियमितताओं को रोकने के लिए रजिस्ट्री नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। अब उत्तर प्रदेश में रजिस्ट्री प्रक्रिया में शामिल सभी पक्षकारों के मोबाइल नंबर पर वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) भेजकर पहचान सत्यापित करना अनिवार्य होगा। ओटीपी के ओके किए बिना रजिस्ट्री आगे नहीं बढ़ेगी। साथ ही, उत्तर प्रदेश में कृषि भूमि की रजिस्ट्री के लिए ग्राम कोड और खतौनी संख्या दर्ज करना जरूरी कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के इन कदमों का मकसद फर्जी दस्तावेज और जालसाजी को रोकना तथा जमीन के सौदों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। UP News :
हेराफेरी के होते हैं बहुत से केस
राज्य में हर साल लगभग 50 लाख संपत्तियों की रजिस्ट्री होती है। लेकिन इनमें फर्जी नाम, नकली पैन कार्ड, आधार और पते के दोहराव जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं। हाल ही में एक गिरोह पकड़ा गया, जिसने 1,500 से अधिक आधार कार्ड में हेरफेर कर फर्जी रजिस्ट्री की थी। इस गिरोह ने नकली दस्तावेज, जन्म प्रमाण पत्र और राशन कार्ड का इस्तेमाल कर आधार में बायोमेट्रिक बदलाव किए और काले धन को वैध करने की कोशिश की।
नई व्यवस्था कैसे काम करेगी
अब रजिस्ट्री प्रक्रिया में सभी पक्षकारों के मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। बिना ओटीपी के रजिस्ट्री पूरी नहीं होगी। इससे बिना सहमति या फर्जी दस्तावेज से संपत्ति का हस्तांतरण संभव नहीं होगा। रजिस्ट्री के समय खरीदार के पैन कार्ड की वैधता मौके पर एनएसडीएल वेबसाइट पर जांची जाएगी। अगर संपत्ति कृषि भूमि है, तो ग्राम कोड और खतौनी संख्या दस्तावेज में दर्ज करना अनिवार्य होगा। यह नियम विशेष रूप से उन जिलों में लागू होंगे, जहां खसरा-खतौनी दस्तावेजों में अस्पष्टता या जालसाजी की शिकायतें ज्यादा हैं।
फजीर्वाड़े पर रोक
रजिस्ट्री विभाग का कहना है कि इन बदलावों से न केवल जालसाजी रोकी जा सकेगी, बल्कि जमीन के सौदे और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित होंगे। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ओटीपी सत्यापन और ग्राम कोड-खतौनी जैसी व्यवस्था यह सुनिश्चित करेगी कि केवल वैध पक्षकार ही रजिस्ट्री प्रक्रिया में शामिल हों। ओटीपी सत्यापन की प्रकृया शुरू होने से जालसाजी पर काफी हद तक रोक लग सकेगी। UP News :