
UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि राज्य की महत्वाकांक्षी "शून्य गरीबी योजना" अब बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम से जानी जाएगी। आइए इस ऐतिहासिक निर्णय की प्रमुख बातें ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंबेडकर जयंती (14 अप्रैल) पर इस योजना को बाबा साहब को समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि यह योजना अब बाबा साहब के नाम से पहचानी जाएगी ताकि उनका योगदान यथार्थ रूप में सम्मानित किया जा सके। UP News
इस योजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को अत्यधिक गरीबी से मुक्त करना है।
हर जरूरतमंद परिवार को एक ही मंच पर घर, बिजली, शौचालय, राशन कार्ड, पेंशन, स्वास्थ्य बीमा, और बैंक खाते जैसी मूलभूत सुविधाएं दी जाएंगी।
शुरुआत में ही 15 लाख परिवारों को मिलेगा खुशहाल जीवन का तोहफा। UP News
विशेष रूप से मुसहर, वनटांगिया, थारू, शहरिया, गोंड, और कोल जैसे जनजातीय समुदायों को प्राथमिकता दी जा रही है।
अब तक लाखों लोगों को जमीन, आवास और आयुष्मान भारत कार्ड जैसी सुविधाएं मिल चुकी हैं।
राज्य सरकार ने लक्ष्य रखा है कि 2 अक्टूबर 2024 तक उत्तर प्रदेश को “शून्य गरीबी राज्य” घोषित किया जा सके।
यह निर्णय महात्मा गांधी के जन्मदिवस पर सामाजिक न्याय को समर्पित एक नई मिसाल होगा।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबा साहब ने विपरीत परिस्थितियों में शिक्षा प्राप्त कर समाज के दबे-कुचले वर्गों की आवाज़ बने।
उन्होंने छात्रवृत्ति के सहारे इंग्लैंड जाकर उच्च शिक्षा हासिल की और संविधान निर्माता बने।
80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन,
50 करोड़ को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य सुरक्षा,
12 करोड़ शौचालय निर्माण,
10 करोड़ को उज्ज्वला योजना के गैस कनेक्शन,
56 लाख लोगों को आवास — ये सभी बाबा साहब के सपनों की पूर्ति की दिशा में मजबूत कदम हैं।
अब तक 30,000 से अधिक युवाओं को ब्याज मुक्त ऋण दिए जा चुके हैं।
आगामी वर्ष में यह संख्या 1 लाख पार करने का लक्ष्य है।
बाबा साहब का संदेश था: "शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो"।
यही विचार आज भी सरकार की नीति निर्माण और योजनाओं की आत्मा है। UP News :