उत्तर प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष का बड़ा फरमान, मिले उचित सम्मान
satish mahana
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
11 Oct 2024 07:03 PM
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RP Raghuvanshi
11 Oct 2024 07:03 PM
UP News : उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने एक बड़ा फरमान जारी किया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष का फरमान प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, मंडल आयुक्तों तथा पुलिस के कमिश्नरों को भेजा गया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष के फरमान में सभी अधिकारियों को खास निर्देश दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश के सभी विधायकों को मिले उचित सम्मान
उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का जो फरमान जिलों में भेजा गया है वह फरमान बहुत खास है। उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना के सामने विधायकों ने शिकायत की थी कि सरकारी अधिकारी उन्हें उचित सम्मान नहीं देते हैं। उत्तर प्रदेश के अनेक विधायकों की शिकायत पर विधानसभा अध्यक्ष ने विधायकों को उचित सम्मान देने के खास निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में विधायकों को किस प्रकार सम्मान दिया जाना है। इस बात का विस्तार से जिक्र किया गया है।
विधायकों को अधिकारियों के बराबर मिलेगा सम्मान
उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष के निर्देशों में कहा गया है कि सभी अधिकारियों द्वारा विधायकों को बराबर का सम्मान देना होगा। उन्होंने सम्मानपूर्वक ठीक वैसी ही सुसज्जित कुर्सी पर बिठाना होगा, जिस पर वे खुद विराजमान रहते हैं। यदि अधिकारी की कुर्सी पर तौलिया पड़ी है तो उन्हें विधायकों के लिए भी तौलिया लगी कुर्सी का इंतजाम करना होगा। अगर अधिकारी सोफे पर बैठे हैं तो विधायकों को भी सोफे पर बिठाना होगा। UP News
नई व्यवस्था तत्काल होगी लागू
विधायकों की शिकायत पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने नई व्यवस्था तत्काल लागू करने के निर्देश दिए हैं। संसदीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव जेपी सिंह द्वितीय ने इस संबंध में सभी अपर मुख्य सचिवों व प्रमुख सचिवों, डीएम और कमिश्नरों को पत्र भेज कर यह व्यवस्था लागू करने को कहा है। पत्र में कहा गया है कि सदस्यों की प्रोटोकाल संबंधी बैठक विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में पिछले महीने हुई थी। इसमें उनके संज्ञान यह बात लाई गई कि शासन व जिलों में आयोजित बैठकों में विधायक को जब आमंत्रित किया जाता है, उनमें अधिकारी अपेक्षाकृत ऊंची एवं सुसज्जित (टॉवेलयुक्त) कुर्सियों पर बैठते हैं जबकि सदस्यों के बैठने के लिए सामान्य कुर्सियां लगी होती हैं या अधिकारी सोफे पर बैठकर बैठक करते हैं तथा सदस्य कुर्सियों पर बैठे रहते हैं। यह घोर आपत्तिजनक है। जनप्रतिनिधि (सांसद एवं विधान मण्डल के सदस्य) राज्य सरकार द्वारा निर्गत ‘सब्सिडियरी वारंट ऑफ प्रिसीडेंस’ में एक निर्धारित व उच्चतर स्तर रखते हैं। मौजूदा व्यवस्था इसका खुला उल्लंघन है। नए दिशा निर्देशों के बाद अब अधिकारी बैठकों में आमंत्रित सांसद और विधायक के प्रोटोकाल के अनुरूप बैठने की सम्मानजनक व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। UP News