ब्रिटेन की नागरिकता लेने वाले मौलाना पर उत्तर प्रदेश एटीएस का शिकंजा, मदरसों की मान्यता रद
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 01:16 PM
उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) ने ब्रिटेन की नागरिकता प्राप्त मौलाना शमशुल हुदा खान के खिलाफ जांच तेज कर दी है। उत्तर प्रदेश के इस मौलाना पर पाकिस्तान से संपर्क, विदेशी फंडिंग और असामाजिक तत्वों से जुड़ाव जैसे गंभीर आरोप हैं। एटीएस की रिपोर्ट के आधार पर उत्तर प्रदेश के इस मौलाना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। UP News :
मदरसों में नौकरी के दौरान संदिग्ध गतिविधियों में रहे शामिल
एटीएस के अनुसार, शमशुल हुदा खान संतकबीरनगर और आजमगढ़ के मदरसों में नौकरी करते हुए पाकिस्तान और भारत में संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहे। उन्होंने पाकिस्तान के विभिन्न इलाकों में जाकर स्थानीय मौलवियों और व्यक्तियों से संपर्क बनाए, वहीं भारत में जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेताओं से भी संबंध बनाए रखे। जांच में यह भी पता चला कि ब्रिटेन और अन्य देशों से जुटाए गए फंड का कुछ हिस्सा मदरसों तक भेजा गया, जिसमें कमीशन या दलाली की भी जानकारी सामने आई।
एटीएस ने माना सरकारी तंत्र में गंभीर लापरवाही
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि शमशुल हुदा खान 2007 से 2017 तक उत्तर प्रदेश के मदरसा की नौकरी में वेतन वृद्धि प्राप्त करते रहे, जबकि वे लंबे समय से विदेश में रह रहे थे। 1 अगस्त 2017 को उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति देकर पेंशन भी स्वीकृत कर दी गई, जिसे एटीएस ने सरकारी तंत्र में गंभीर लापरवाही का उदाहरण बताया।
शमशुल से जुड़ा रजा फाउंडेशन एनजीओ भी अब बंद किया गया
एटीएस की रिपोर्ट पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने 2 नवंबर 2025 को उनके खिलाफ खलीलाबाद थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद संतकबीरनगर का मदरसा सील कर दिया गया, जबकि आजमगढ़ और संतकबीरनगर के दोनों मदरसों की मान्यता रद कर दी गई। शमशुल से जुड़ा रजा फाउंडेशन एनजीओ भी अब कानूनी रूप से बंद कर दिया गया है। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने कहा, ऐसी संदिग्ध गतिविधियों को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। एटीएस की रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच तेज कर दी गई है। इससे पहले भी शमशुल हुदा खान के खिलाफ संतकबीरनगर और आजमगढ़ में दो अन्य मामले दर्ज हैं, जिनमें विदेशी फंडिंग और संदिग्ध संपर्कों के आरोप शामिल हैं। UP News