उत्तर प्रदेश सरकार ने शुरू कर दी है बड़ी योजना, खर्च होंगे 45 अरब रुपए
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चेतना मंच
01 Dec 2025 02:30 PM
UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बहुत बड़ी योजना शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश सरकार की इस बड़ी योजना को पूरा करने पर 45 अरब रुपए खर्च किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश सरकार की यह बड़ी योजना प्रदेश के भविष्य को निखारने तथा संवारने की योजना है। उत्तर प्रदेश सरकार की इस बड़ी योजना के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों को कवर किया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार इस बड़ी योजना पर तेजी के साथ काम कर रही है।
क्या है उत्तर प्रदेश सरकार की बड़ी योजना
उत्तर प्रदेश सरकार की बड़ी योजना प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार की इस बड़ी योजना के तहत 75 जिलों में कम से कम दो-दो मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय (Composite School) स्थापित किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश के हर जिले में स्थापित होने वाले मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय की स्थापना पर 30 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। पूरे उत्तर प्रदेश में 150 मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय स्थापित होंगे। एक विद्यालय पर 30 करोड़ रूपए के खर्च के हिसाब से पूरी योजना पर 150X300000000 = 45000000000 पूरे 45 अरब रुपए खर्च किए जाएंगे।
प्रथम चरण में उत्तर प्रदेश के 39 जिलों में शुरू हो गई है बड़ी योजना
आपको बता दें कि, उत्तर प्रदेश प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और समावेशी बनाने की दिशा में 39 जिलों में मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालयों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। वहीं 10 अन्य जिलों में भी जल्द निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है। शेष अन्य जिलों के लिए वित्तीय स्वीकृति व भूमि चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालयों का निर्माण होना है। पिछले दिनों एक कार्यक्रम में सीएम ने 39 जिलों के विद्यालयों के निमार्ण कार्य का शिलान्यास किया था। इसके बाद यहां काम शुरू कर दिया गया है। वहीं इनके सभी जिलों में निर्माण के बाद दूसरे चरण में भी हर जिले में 1-1 मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय का निर्माण प्रस्तावित है। हर जिले में 2-2 मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण की कार्ययोजना है। इनमें प्री-प्राइमरी से 12वीं तक की कक्षाएं एक ही परिसर में चलेंगी। 5 से 10 एकड़ भूमि पर 30 करोड़ की लागत से विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। निर्माण के लिए सरकार ने 6 निर्माण एजेंसियों को अलग अलग जिम्मेदारी दी है।
उत्तर प्रदेश के इन जिलों में शुरू हो गया है निर्माण
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर, हापुड़, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, मुजफ्फरनगर, बागपत, बिजनौर, सम्भल, अमरोहा, रामपुर, बदायूं, सीतापुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, अमेठी, कानपुर देहात, महाराजगंज, अम्बेडकरनगर, लखीमपुर खीरी, बलिया, हमीरपुर, औरैया, हरदोई, चित्रकूट, ललितपुर, जालौन, चन्दौली, फिरोजाबाद, श्रावस्ती, इटावा, मैनपुरी, कौशाम्बी, मऊ, शाहजहांपुर, संतकबीरनगर, गाजीपुर, हाथरस, बहराइच, भदोही जिलों में निर्माण कार्य शुरू हो गया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताई बड़ी योजना की विशेषताएं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बड़ी योजना की विशेषताएं बताई हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालयों को अटल आवासीय विद्यालयों की तर्ज पर एक मॉडल के रूप में चलाया जाएगा। यहां साइंस, मैथ्स, कंप्यूटर लैब, कौशल विकास केंद्र, स्टेडियम और मल्टीपर्पज हॉल भी होगा। अभी हर जिले में दो-दो विद्यालय दिए गए हैं। आगे चलकर हर विधानसभा में एक-एक सीएम मॉडल कंपोजिट विद्यालय दिए जाएंगे। इससे एक ही घर के बच्चे अलग-अलग विद्यालयों में नहीं बल्कि एक ही कैंपस में पढ़ेंगे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बताया कि, इन विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ प्रशिक्षित व पर्याप्त शिक्षक भी मिलेंगे। उन्होंने डीबीटी के माध्यम से बच्चों के यूनिफॉर्म, बैग, जूते, मोजे और स्वेटर के लिए 1200 करोड़ रुपये जारी करते हुए शिक्षकों से कहा कि वह इस राशि के सदुपयोग के लिए अभिभावकों को जागरूक करें। उन्होंने यह भी कहा कि जुलाई में शिक्षक घर-घर जाएं और अभिभावकों को 5 से 14 साल के हर बच्चे को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बताया कि, 2017 से पहले बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में जर्जर भवन, गंदगी और अव्यवस्था का बोलबाला था। छात्रों की कमी और ड्रॉपआउट दर अधिक थी। आज इन स्कूलों में शौचालय, पेयजल, खेल के मैदान, स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसकी वजह से स्कूलों में छात्रों की संख्या 800 से 1200 तक पहुंच गई है। यह शिक्षा का एक नया मॉडल है, जो बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समग्र विकास के अवसर दे रहा है। UP News