पूरे 9 साल बाद फिर चर्चा में है उत्तर प्रदेश का विक्की त्यागी काण्ड
UP News
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 03:40 PM
UP News : उत्तर प्रदेश में पूरे 9 साल पहले हुआ विक्की त्यागी हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है। इस काण्ड की सुनवाई उत्तर प्रदेश की एक जिला अदालत से लेकर उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी अदालत हाईकोर्ट तक में चल रही है। इस काण्ड में उत्तर प्रदेश के चर्चित बाहुबली विक्की त्यागी उर्फ प्रमुख की अदालत के अंदर घुसकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अन्य लोगों के साथ ही दो सगे भाई भी आरोपी हैं।
आपको बता दें कि हाल ही में विक्की त्यागी हत्याकांड के आरोपी सौरभ मलिक की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई थी। बचाव पक्ष ने हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी। करीब नौ साल पहले पेशी के दौरान कुख्यात विक्की त्यागी की हत्या के मामले में शामली के बहावड़ी गांव निवासी सागर मलिक और उसके भाई सौरभ मलिक समेत अन्य को आरोपी बनाया गया था। आरोपी सौरभ मलिक जेल में बंद है। बचाव पक्ष की ओर से दाखिल जमानत प्रार्थना पत्र को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। यही नहीं ट्रायल कोर्ट को मुकदमे को यथासंभव जल्द निस्तारण के आदेश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा कि केस में शामिल आरोपी चाहे जेल में हों या फिर जमानत पर बाहर, यदि सुनवाई के दौरान सहयोग नहीं करते तो जमानत खारिज करने का मजबूत आधार माना जाएगा।
कोर्ट ने आरोपी को माना है बालिग
इसी बीच बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की जिला अदालत ने विक्की त्यागी हत्याकांड के मुख्य आरोपी सागर मलिक को बालिग माना है। उत्तर प्रदेश के किशोर न्याय बोर्ड ने दोबारा सुनवाई करते हुए सागर को बालिग करार दिया। पत्रावलियां सेशन कोर्ट भेज दी गई है। अब सुनवाई के लिए 21 मई की तिथि तय की गई। पूर्व ब्लॉक प्रमुख विक्की त्यागी की 16 फरवरी 2015 को कोर्ट संख्या-दस में पुलिस सुरक्षा के बीच सिख अधिवक्ता की वेशभूषा में आए युवक ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या का मुकदमा सागर मलिक के खिलाफ दर्ज कराया था। बचाव पक्ष कहना था कि सागर मलिक किशोर है। उम्र के निर्धारण के लिए किशोर न्याय बोर्ड में सुनवाई हुई। नवंबर 2022 में सागर को बालिग करार दिया गया था। बचाव पक्ष ने फैसले के विरुद्ध सेशन कोर्ट में अपील की। सेशन कोर्ट ने दोबारा सुनवाई के लिए पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड को भेज दी थी। वादी पक्ष के वकील ने बताया कि बोर्ड ने सुनवाई करते हुए आरोपी सागर मलिक को बालिग करार दिया गया है।
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क्या है उत्त्तर प्रदेश का विक्की त्यागी काण्ड
करीब नौ साल पहले 16 फरवरी 2015 को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की जिला कारागार से पुलिस सुरक्षा में विचाराधीन बंदी विक्रांत त्यागी उर्फ विक्की को अदालत में लाया गया था। अधिवक्ता की वेशभूषा में पगड़ी बांधे हमलावर ने कठघरे में ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर विक्की त्यागी की हत्या कर दी थी। पुलिस ने मौके से पिस्टल के साथ आरोपी सागर मलिक को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले की पहली रिपोर्ट गारद में शामिल सिपाही संत कुमार ने थाना नई मंडी में दर्ज कराई थी। दूसरी एफआईआर मृतक की माता सुप्रभा त्यागी ने थाना सिविल लाइन में दर्ज कराई थी।