पटवारी पत्नी तथा बढ़ई पति में कौन सच्चा, कौन झूठा?
UP News
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
30 Nov 2025 06:12 AM
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
30 Nov 2025 06:12 AM
UP News : उत्तर प्रदेश में एक लेखपाल (पटवारी) पत्नी तथा कारपेंटर (बढई) पति का झगड़ा बढ़ता ही जा रहा है। लेखपाल पत्नी साफ-साफ बोल रही है कि उसकी शादी कभी हुई ही नहीं। दूसरी तरफ कारपेंटर (बढई) पति दावा कर रहा है कि पूरे विधि-विधान के साथ उन दोनों की शादी हुई है। किसी को भी समझ में नहीं आ रहा है कि लेखपाल पत्नी तथा कारपेंटर पति में से कौन झूठा है तथा कौन सच्चा है। यह प्रकरण पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश के झांसी का है मामला
लेखपाल पत्नी तथा कारपेंटर पति का यह मामला उत्तर प्रदेश के झांसी का है। उत्तर प्रदेश के इस चर्चित जोड़े में से कौन सच बोल रहा है? यह प्रश्न हर किसी के लिए पहली बन गया है। दरअसल उत्तर प्रदेश के झांसी की रहने वाली लेखपाल रिचा सोनी तथा उसके तथाकथित पति नीरज विश्वकर्मा अपनी-अपनी बात पर अड़े हुए हैं। कारपेंटर नीरज विश्वकर्मा दावा कर रहा है कि लेखपाल बनने से पहले रिचा सोनी के साथ उसकी शादी हुई है। रिचा का कहना है कि नीरज झूठ बोल रहा है। वह तो उसे जानती भी नहीं। हम आपको सिल-सिलेवार यह पूरा प्रकरण समझा रहे हैं।
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पटवारी को बताया पत्नी
उत्तर प्रदेश में कुछ महीने पहले लेखपाल (पटवारी) के पदों पर भर्ती हुई थी। उत्तर प्रदेश की इसी भर्ती में झांसी की रहने वाली रिचा सोनी नामक युवती भी लेखपाल बनी थी। कुछ दिन पहले झांसी का ही एक युवक नीरज विश्वकर्मा मीडिया के सामने आया। पेशे से कारपेंटर नीरज ने मीडिया के सामने बताया कि उसने रिचा के साथ एक मंदिर में शादी की थी। नीरज ने दावा किया कि उसी ने रिचा को पढ़ा-लिखाकर लेखपाल बनाया है। नीरज ने आरोप लगाया कि लेखपाल बनते ही रिचा उसे छोडक़र चली गई है।
मीडिया के सामने ही नीरज विश्वकर्मा ने रिचा से शादी की तस्वीरें और वीडियोज को सार्वजनिक कर दिया। इनमें नीरज-रिचा दूल्हा व दुल्हन की तरह बैठे नजर आ रहे हैं। फेरे लेते और मांग भराई की रस्म भी होती दिख रही है। ऐसे में रिचा के दावों पर सवाल खड़े होने लगे। मगर जब इसको लेकर रिचा से सवाल किया गया तो उसने नीरज के दावों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि उसकी नीरज से शादी ही नहीं हुई।
कारपेंटर नीरज के दावों पर लेखपाल रिचा सोनी ने कहा कि यह बिल्कुल गलत बात है, कोई शादी नहीं हुई है। रिचा ने कहा हम कुछ दिन साथ जरूर रहे हैं। इसी दौरान नीरज ने फर्जी पेपर्स बनवाए थे दिखाने के लिए कि शादी हो गई है। वो फर्जी फोटोज बनवाकर उन्हीं की धमकी देता था कि इन्हें सोशल मीडिया पर डालकर बदनाम कर दूंगा। उसके डर से हम उसका कहना मानते रहते थे। बहुत गंदा लडक़ा था। दारू पीकर मारता था। एक बार बीच सडक़ पर मारा था। कोतवाली में भी उसे समझाया गया था। मगर वो मान नहीं रहा है और बदनाम कर रहा है।
नीरज अपनी बात पर अड़ा
नीरज ने कहा कि दस्तावेज सही हैं और दोनों की मर्जी से बने हुए हैं, चाहे इनकी जांच भी करवा ली जाए। नीरज ने कहा कि उसकी रिचा से बाकायदा शादी हुई थी और फोटो धोखे से नहीं खिंचवाए गए थे। नीरज ने कहा कि रिचा उसकी पत्नी है और वो उसे बदनाम नहीं कर रहा है।
बकौल नीरज- रिचा लेखपाल बनने के बाद उससे छुटकारा पाने के लिए ऐसे आरोप लगा रही है। नीरज ने कहा कि उसने कभी अपनी पत्नी को हाथ तक नहीं लगाया है और रिचा मारपीट का जो आरोप लगा रही है वो सरासर गलत है। भला मैं क्यों अपनी पत्नी को बदनाम करूंगा। मुझे बस मेरी पत्नी चाहिए। मैं न्याय की मांग करता हूं। रिचा के लिए नीरज पुलिस से लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा चुका है। मगर उसे अभी तक कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। वहीं, जब बुधवार को रिचा को लेखपाल के पद के लिए नियुक्ति पत्र मिल रहा था तो वह उसे खोजने के लिए कलेक्ट्रेट गया हुआ था, लेकिन उसे खाली हाथ लौटना पड़ा। रिचा नियुक्ति पत्र लेकर छिपते हुए निकल गई, लेकिन उससे मुलाकात नहीं की।
नीरज ने सुनाया पूरा किस्सा
मालूम हो कि नीरज विश्वकर्मा झांसी के शहर कोतवाली अंतर्गत बडागांव गेट बाहर बाबा का अटा इलाके का निवासी है। नीरज तीन भाई हैं, जिनमें से वह सबसे छोटा है। नीरज कारपेंटर का काम करता है। नीरज के मुताबिक, करीब 5 साल पहले झांसी के सत्यम कालोनी में रहने वाली रिचा सोनी नामक युवती से दोस्त के घर उसकी मुलाकात हुई थी। छह माह दोस्ती चलने के बाद कब उन्हें एक दूसरे-प्यार हो गया, यह पता भी नहीं चला। प्यार होने के बाद दोनों करीब ढाई साल रिलेशनशिप में रहे और फिर ओरछा मंदिर में जाकर शादी कर ली। शादी करने के बाद दोनों घर आ गए और साथ हंसी-खुशी से रहने लगे। इस दौरान रिचा ने नीरज से कहा कि वह आगे पढऩा चाहती है। नीरज ने हामी भर दी और पढ़ाई का खर्च उठाने लगा। लेकिन आरोप है कि जब रिचा का लेखपाल की नौकरी के लिए चयन हो गया तो फिर उसके रुख बदल गए। लेखपाल के पद पर चयन होने के बाद वह नीरज को छोडक़र चली गई। तब से लेकर अब तक वह लौटकर घर नहीं आई है। UP News