कौन होगा उत्तर प्रदेश पुलिस का अगला सरदार? ये नाम हैं रेस में सबसे आगे
UP News
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 02:53 AM
UP News : उत्तर प्रदेश पुलिस के अगले मुखिया को लेकर सस्पेंस गहराता जा रहा है। मौजूदा कार्यवाहक DGP प्रशांत कुमार 31 मई 2025 को रिटायर हो रहे हैं और ऐसे में यह सवाल प्रशासनिक हलकों से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बन गया है कि उत्तर प्रदेश पुलिस की कमान अब किसे सौंपी जाएगी? प्रशांत कुमार लंबे समय से कानून-व्यवस्था का जिम्मा संभाल रहे हैं। राज्य सरकार के पास दो विकल्प हैं-या तो नए डीजीपी की नियुक्ति की जाए या फिर प्रशांत कुमार को कुछ समय का सेवा विस्तार दिया जाए। दिलचस्प बात यह है कि सरकार ने अब तक केंद्र सरकार को डीजीपी के लिए कोई पैनल नहीं भेजा है न ही चयन समिति का गठन किया गया है, जिससे सेवा विस्तार की संभावना और भी मजबूत मानी जा रही है।
कौन-कौन हैं रेस में आगे?
प्रशांत कुमार के रिटायरमेंट के बाद जिन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं, उनमें प्रमुख हैं:
संदीप सालुंके (1990 बैच): वर्तमान में डीजी मानवाधिकार के पद पर हैं। हालांकि उन्हें 'शंट' कर दिया गया है, जिससे उनकी दावेदारी कमजोर मानी जा रही है।
दलजीत चौधरी (1990 बैच): इस समय बीएसएफ में डीजी के पद पर कार्यरत हैं। केंद्र सरकार में उनकी आवश्यकता ज्यादा बताई जा रही है।
रेणुका मिश्रा (1990 बैच): पेपर लीक मामले के बाद सरकार की नजरों से उतर गई हैं, इसलिए उनकी संभावना भी क्षीण है।
एमके विशाल (1990 बैच): यूपी पॉवर कॉरपोरेशन में तैनात हैं। यदि सरकार किसी कम प्रोफ़ाइल वाले अधिकारी को चुनती है तो उनके नाम पर विचार हो सकता है।
आलोक शर्मा (1991 बैच): इस समय एसपीजी में डीजी हैं और योगी सरकार के दौरान लगातार केंद्र में तैनात रहे हैं। उन्हें सबसे मजबूत दावेदारों में से एक माना जा रहा है।
दीपेश जुनेजा (1992 बैच): वर्तमान में डीजी प्रॉसीक्यूशन हैं लेकिन रेस में पीछे माने जाते हैं।
क्या फिर से 'कार्यवाहक डीजीपी' से ही चलेगा काम?
गौरतलब है कि यूपी में मई 2022 से अब तक कोई पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त नहीं हुआ है। मुकुल गोयल को हटाए जाने के बाद से प्रशांत कुमार कार्यवाहक डीजीपी के रूप में कार्यरत हैं। सरकार द्वारा स्थायी डीजीपी की नियुक्ति में देरी ने कई सवाल खड़े किए हैं। हाल ही में यूपी कैबिनेट ने डीजीपी चयन की प्रक्रिया के लिए एक नई नियमावली पास की है, जिसमें हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति बनाई जानी है। इस समिति में यूपीएससी और यूपीपीएससी के सदस्य, प्रमुख सचिव गृह और पूर्व डीजीपी भी होंगे। हालांकि, अब तक इस समिति का गठन नहीं हो पाया है।
फैसले से पहले दिल्ली दौरा
सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार को डीजीपी पैनल भेजने को लेकर कोई ठोस पत्राचार अब तक नहीं हुआ है। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हालिया दिल्ली यात्रा और प्रधानमंत्री मोदी से नीति आयोग की बैठक में हुई मुलाकात को इस फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस मुलाकात में डीजीपी की नियुक्ति को लेकर बातचीत हुई हो सकती है।
क्या 31 मई को आएगा फैसला?
अब जब प्रशांत कुमार की रिटायरमेंट में महज कुछ दिन बचे हैं, तो उम्मीद की जा रही है कि अंतिम फैसला 31 मई को सामने आएगा। या तो किसी वरिष्ठ IPS अधिकारी को कार्यवाहक डीजीपी बनाया जाएगा, या फिर प्रशांत कुमार को ही सेवा विस्तार दे दिया जाएगा। स्थायी डीजीपी की नियुक्ति तब तक टल सकती है, जब तक नई चयन समिति औपचारिक रूप से काम शुरू नहीं करती। UP News