भाजपा से क्यों खफा है 'राम'? कांग्रेस ने भी साधा निशाना
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उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
29 Apr 2024 07:49 PM
UP News : 'जब किसी का दोहरा चरित्र सामने आता है तो उससे अधिक स्वयं पर क्रोध आता है कि हमने कैसे आंखें बंद करके ऐसे इंसान पर भरोसा किया। जय श्री राम।' यह कहना है उत्तर प्रदेश की मेरठ लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी अरुण गोविल का। जो उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर ट्वीट किया। लेकिन कुछ समय बाद ही उन्होंने अपना यह पोस्ट डिलीट भी कर दिया। इस पोस्ट के वायरल होने के बाद से ही उत्तर प्रदेश में सियासी पारा चढ़ गया था।
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आपको बता दें मेरठ लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी अरुण गोविल ने रविवार की सुबह करीब 7 बजे अपने X अकाउंट पर यह पोस्ट डाली थी, लेकिन थोड़ी ही देर में पोस्ट वायरल हो गई। जिसपर लोगों उन्हें जमकर ट्रोल करने लगे। करीब 3 घंटे बाद गोविल ने इस पोस्ट को अपने अकाउंट से डिलीट कर दिया। लेकिन तब तक पोस्ट अपना असर दिखा चुका था। पोस्ट के बाद से ही पार्टी, संगठन, नेताओं, कार्यकर्ताओं और आम लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। लोग इसके अलग-अलग मायने निकालने लगे। कुछ लोगों का मानना था कि गोविल ने पार्टी के नेताओं के भीतरघात से आहत होकर यह पोस्ट लिखा है। इस पर कांग्रेस ने निशाना साधते हुए पैराशूट पॉलिटिक्स की बात कही है।
काम का बहाना देकर वापस लौटे मुंबई
वहीं इससे पहले उत्तर प्रदेश के मेरठ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले भाजपा प्रत्याशी अरुण गोविल दूसरे चरण के चुनाव खत्म होते ही वह मुंबई वापस लौट गए। उत्तर प्रदेश के मेरठ के कैंट क्षेत्र सर्कुलर रोड में जिस सहरावत हाउस में अरुण गोविल लोकसभा चुनाव के दौरान रुके थे, जिसके बाद वे शनिवार ही वहां से चले गए। इस दौरान अरुण गोविल पत्नी श्रीलेखा भी उनके साथ थी। मुंबई में कुछ जरूरी काम है, यह बताते हुए अरुण गोविल उत्तर प्रदेश के मेरठ से मुंबई लौट गए।
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कांग्रेस ने साधा गोविल पर निशाना
अरुण गोविल के पोस्ट के बाद कांग्रेस उत्तर प्रदेश ध्यक्ष अजय राय ने भी उनपर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा- पता चल रहा है कि उत्तर प्रदेश के मेरठ से भाजपा प्रत्याशी रहे अरुण गोविल जी चुनाव निपटने के अगले ही दिन मुंबई निकल गए। शायद इन्हें जनता के बीच रहने में दिक्कत थी। ये जनाब कल पोलिंग बूथ के अंदर वीडियोग्राफी करा रहे थे। इनके चुनाव प्रचार में एक व्यापारी की जेब से 36,000 रुपये उड़ा लिए गए। इतना ही नहीं चुनाव प्रचार में जब एक पत्रकार ने इनसे मेरठ के मुद्दे पूछे तो इन्हें कुछ नहीं पता था। ज़वाब में ये इतना ही बोल पाए कि पहले चुनाव हो जाये फिर मुद्दे देखेंगे!।