उत्तर प्रदेश में फर्जीवाड़ा : एक शख्स की 3 बार मौत दिखाकर तीन पत्नियों को मिली विधवा पेंशन
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
18 Oct 2025 01:26 PM
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
18 Oct 2025 01:26 PM
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के नवाबगंज क्षेत्र के मजनूपुर गांव में विधवा महिला पेंशन योजना में बड़ा फजीर्वाड़ा सामने आया है। उत्तर प्रदेश के बरेली में अच्छन खां नाम के व्यक्ति को तीन अलग-अलग तारीखों में मृत दिखाकर उसके नाम से तीन फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनाए गए। इन प्रमाणपत्रों के आधार पर उत्तर प्रदेश के बरेली में तीन अलग-अलग बैंक खातों में विधवा पेंशन भेजी जा रही थी। जांच में खुलासा हुआ कि उत्तर प्रदेश के इस गांव में अच्छन खां नाम का कोई व्यक्ति ही मौजूद नहीं था। सीडीओ के निर्देश पर एडीओ पंचायत मनीष अग्रवाल ने जब मामले की जांच शुरू की, तो पता चला कि 2019 में तीन अलग-अलग प्रमाणपत्र बनाए गए थे। UP News :
* पहला : मृत्यु की तारीख 10 मार्च, प्रमाणपत्र जारी 15 मार्च 2019
* दूसरा : मृत्यु 18 मार्च, प्रमाणपत्र 27 मार्च 2019
* तीसरा : मृत्यु 25 मार्च, प्रमाणपत्र 30 मार्च 2019
मृतक के नाम का कोई व्यक्ति गांव में मौजूद नहीं
जांच में यह भी सामने आया कि ये सभी प्रमाणपत्र आॅफलाइन बनाए गए थे, जबकि उस समय आॅनलाइन ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के जरिए ही प्रमाणपत्र जारी करने का नियम था। इसका मतलब है कि सभी प्रमाणपत्र पूरी तरह से फर्जी थे। ग्राम पंचायत के प्रधान और तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी ने भी पुष्टि की कि अच्छन खां नाम का कोई व्यक्ति गांव में मौजूद नहीं है और उन्होंने कोई मृत्यु प्रमाणपत्र जारी नहीं किया।
दोषियों की पहचान कर उन्हें कार्रवाई के लिए नोटिस दिया गया
जिला महिला कल्याण विभाग ने अब पूरी रिपोर्ट डीपीआरओ को भेज दी है और दोषियों की पहचान कर उन्हें कार्रवाई के लिए नोटिस दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला अकेला नहीं हो सकता और ऐसे अन्य मामले भी हो सकते हैं। महिला कल्याण विभाग की विधवा महिला पेंशन योजना का उद्देश्य उन महिलाओं की मदद करना है जिनके पति का निधन हो चुका है। लेकिन इस फर्जीवाड़े की वजह से असली हकदारों तक लाभ नहीं पहुंच पा रहा। सीडीओ कार्यालय ने साफ कहा है कि फर्जी प्रमाणपत्र बनवाने या पेंशन जारी कराने में शामिल दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। जिला प्रशासन अब पूरे जिले में रिकॉर्ड की गहन जांच कर रहा है ताकि ऐसे अन्य फर्जीवाड़े भी उजागर किए जा सकें। ग्रामीणों ने दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की हरकत न हो सके। UP News