योगी ने शिक्षामित्रों को दिया तोहफा, कई निर्णय लिए
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भारत
चेतना मंच
26 Feb 2025 09:30 PM
UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि और स्थानांतरण से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। राज्य के शिक्षामित्र लंबे समय से वेतन वृद्धि और स्थायीकरण की मांग कर रहे थे। सरकार ने अब उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने और कार्यस्थल में सुविधा प्रदान करने के लिए कुछ नई घोषणाएँ की हैं। पिछले काफी समय से उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों की हालत दयनीय बनी हुई थी और उनका कोई पुर्साहाल लेने वाला नहीं था।
शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ेगा
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने शिक्षामित्रों के वेतन में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। अभी तक शिक्षामित्रों को 10,000 प्रति माह दिया जाता था, जिसे बढ़ाकर 17,000 से 20,000 प्रति माह किए जाने की योजना है। इस वृद्धि से राज्य के लगभग 1.50 लाख शिक्षामित्रों को लाभ मिलेगा। सीएम योगी ने पिछले काफी समय से परेशान शिक्षामित्रों को यह नायाब तोहफा दिया है। इसके बाद अब एक बार शिक्षामित्रों के जीवन में बहार आ गई है।
आधिकारिक आदेश जल्द ही जारी होने की संभावना
यह वेतन वृद्धि जनवरी 2025 से प्रभावी होगी और इसका आधिकारिक आदेश जल्द ही जारी होने की संभावना है। सरकार का कहना है कि इससे शिक्षामित्रों को आर्थिक राहत मिलेगी और वे अधिक मनोयोग से अपने कार्य कर सकेंगे। वाकई योगी सरकार के इस कदम से शिक्षामित्रों के जीवन में रौनक आ जाएगी और वे अपना काम भी बिना तनाव के आराम से पूरे जोश के साथ कर सकेंगे।
स्थानांतरण की नई नीति
शिक्षामित्रों को एक ही विद्यालय में लंबे समय तक कार्य करना पड़ता था, जिससे कई बार उन्हें पारिवारिक और निजी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। सरकार ने शिक्षामित्रों के लिए नई स्थानांतरण नीति लागू की है, जिससे उन्हें अपने निवास स्थान के पास तैनाती का अवसर मिलेगा। महिला शिक्षामित्रों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे वे अपने पति या परिवार के नजदीक तैनात हो सकें।
आॅनलाइन आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से शिक्षामित्र अपने पसंदीदा स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। निकटतम विद्यालय में तैनाती का अवसर मिलेगा, जिससे शिक्षकों को दूर-दराज के स्थानों पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
शिक्षामित्रों को नियमित करने पर कोई फैसला नहीं
हालांकि शिक्षामित्रों को नियमित करने की मांग भी उठ रही थी, लेकिन सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अभी इस पर कोई विचार नहीं किया जा रहा है। इस मुद्दे पर राज्य सरकार आगे विचार-विमर्श कर सकती है, लेकिन फिलहाल शिक्षामित्रों की स्थायी भर्ती की कोई योजना नहीं है। शिक्षामित्रों की वेतन वृद्धि से उनके आर्थिक हालात में सुधार होगा। नई ट्रांसफर नीति से उन्हें अपने घर के नजदीक तैनाती का अवसर मिलेगा। हालांकि, शिक्षामित्रों की नियुक्ति को स्थायी करने पर कोई घोषणा नहीं की गई है। सरकार का कहना है कि वह शिक्षामित्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है और आने वाले समय में और भी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। UP News
विधानसभा में बड़ा मुद्दा बना शिक्षामित्रों का वेतन
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने शिक्षामित्रों के वेतन वृद्धि का मुद्दा उठाया। सपा विधायक राकेश कुमार वर्मा ने कहा कि मंत्री के कुत्ते को टहलाने वाले को 30,000 मिलता है, जबकि शिक्षामित्रों को इससे भी कम मानदेय मिलता है। इस बयान के बाद सदन में हंगामा हो गया और भाजपा विधायकों ने इस पर कड़ा विरोध जताया। शिक्षामित्रों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने उनके वेतन वृद्धि का निर्णय लिया है। UP News
सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी शिक्षा पर सवाल
सपा विधायक समरपाल सिंह ने यह भी सवाल उठाया कि सरकारी स्कूलों में सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड की तरह अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई कब शुरू होगी? इस पर बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी पढ़ाई जाती है और सरकार लगातार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रयासरत है।
शिक्षामित्रों को सरकार के इस फैसले से राहत मिली है, लेकिन वे अपने स्थायीकरण की मांग को लेकर आंदोलन जारी रख सकते हैं। वहीं, सरकार भी बजट और अन्य नीतियों के आधार पर आगे कोई नया फैसला ले सकती है। फिलहाल, शिक्षामित्रों को अगले साल से बढ़ा हुआ वेतन और ट्रांसफर की सुविधा मिलने जा रही है। UP News