यूपी में योगी सरकार की नई योजना : श्रमिकों को मिलेगा सम्मानजनक आवास
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भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 11:17 PM
UP News : उत्तर प्रदेश में प्रवासी और निर्माण कार्यों से जुड़े श्रमिकों को अब अस्थायी आवास, स्वच्छ जल और मूलभूत सुविधाओं से युक्त रहने का स्थान मिलेगा। योगी आदित्यनाथ सरकार ने श्रमिकों के जीवन स्तर को सुधारने के उद्देश्य से डॉ. भीमराव अंबेडकर श्रमिक सुविधा केंद्र और विश्वकर्मा श्रमिक सराय योजना की शुरुआत की है, जो राज्य में श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा और गरिमामय जीवन की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।
श्रमिकों के लिए वन स्टॉप सुविधा केंद्र
इस योजना के प्रथम चरण में नोएडा, ग्रेटर नोएडा सहित राज्य के 17 नगर निगमों में डॉ. भीमराव अंबेडकर श्रमिक सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। ये केंद्र श्रमिकों के लिए वन स्टॉप सॉल्यूशन की तरह कार्य करेंगे, जहां उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी, दस्तावेजी सहायता, चिकित्सा परामर्श, तथा अन्य आवश्यक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
फुटपाथ से सुरक्षित छत की ओर
उत्तर प्रदेश में रोजगार की तलाश में एक शहर से दूसरे शहर की ओर आने वाले निर्माण श्रमिकों की संख्या लाखों में है। रहने की असुविधा के चलते अनेक श्रमिक असुरक्षित स्थानों या फुटपाथों पर रुकने को विवश होते हैं। ऐसे प्रवासी श्रमिकों के लिए सरकार विश्वकर्मा श्रमिक सराय योजना लेकर आई है, जिसके तहत उन्हें सुरक्षित, स्वच्छ और अस्थायी आवास की सुविधा मिलेगी।
इन सरायों में होंगे सुविधा :
इस सरायों में मजदूरों के लिए शौचालय और स्नानागृह होगा। क्लॉक रूम, स्वच्छ जल और अस्थायी बिस्तर भी होगा। यहां श्रमिकों के अधिकारों व योजनाओं की जानकारी देने वाले हेल्पडेस्क होंगे। इन सुविधाओं के माध्यम से श्रमिक नई सुबह में ऊर्जा के साथ काम की तलाश शुरू कर सकेंगे। सरकार का लक्ष्य भविष्य में इन योजनाओं को सभी नगर क्षेत्रों और प्रमुख औद्योगिक हब्स तक विस्तारित करना है। योजना का उद्देश्य है कि कोई भी श्रमिक मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे और उसे सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिले। UP News
योगी ने कहा-हमारी सरकार मजदूरों को सम्मान दिलाने को प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा, श्रमिकों की उन्नति राज्य की प्रगति से जुड़ी है। हमारी सरकार उनका सम्मान और अधिकार सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल न केवल सामाजिक कल्याण की दिशा में एक अनुकरणीय प्रयास है, बल्कि यह आर्थिक विकास के उस मॉडल की ओर भी संकेत करती है, जिसमें श्रमिकों को केवल साधन नहीं, बल्कि भागीदार के रूप में देखा जा रहा है। UP News