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उत्तर प्रदेश की एक संस्था ने कमाल का काम कर दिया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सक्रिय संस्था ने 33 हजार बच्चों को मुफ्त (फ्री) में पौष्टिक भोजन कराने का रिकार्ड कायम किया है। उत्तर प्रदेश की इस संस्था के काम की खूब तारीफ हो रही है।

UP News : उत्तर प्रदेश की एक संस्था ने कमाल का काम कर दिया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सक्रिय संस्था ने 33 हजार बच्चों को मुफ्त (फ्री) में पौष्टिक भोजन कराने का रिकार्ड कायम किया है। उत्तर प्रदेश की इस संस्था के काम की खूब तारीफ हो रही है। नागरिकों का कहना है कि इस संस्था से प्रेरणा लेकर दूसरी संस्थाओं को भी समाज तथा प्रदेश के हित में आगे आकर इसी प्रकार के उत्तम कार्य करने चाहिए। UP NewsP
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सक्रिय हैप्पीनेस्ट संस्था के प्रवक्ता ने बताया कि ताज़े, पौष्टिक और अच्छी गुणवत्ता वाले पोल्ट्री प्रोडक्ट्स लोगों तक पहुँचाने वाला प्रीमियम पोल्ट्री ब्रांड हैप्पीनेस्ट अब फीडिंग इंडिया के साथ मिलकर जरूरतमंद बच्चों तक भोजन पहुँचाने में सहयोग कर रहा है। इस साझेदारी के जरिए ब्रांड का लक्ष्य देशभर में भूख और कुपोषण से लड़ने के लिए फीडिंग इंडिया के प्रयासों को और मजबूती देना है। इस पहल के तहत हैप्पीनेस्ट ने फीडिंग इंडिया के डेली फीडिंग प्रोग्राम के लिए 5 लाख रुपए से ज्यादा का योगदान दिया है। जनवरी से मई 2026 के बीच इस सहयोग की मदद से लखनऊ के स्कूलों में 33,000 से ज्यादा बच्चों तक भोजन पहुँचाया गया। यह कार्यक्रम स्कूलों, आँगनवाड़ी केंद्रों और दूसरी संस्थाओं के जरिए उन बच्चों और परिवारों तक पहुँचता है, जिनके लिए आज भी हर दिन पौष्टिक भोजन मिलना आसान नहीं है। अपनी इस पहल को आगे बढ़ाते हुए हैप्पीनेस्ट ने यह भी संकल्प लिया है कि देशभर में उसके ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टोर्स पर बिकने वाले हैप्पीनेस्ट अंडों की हर यूनिट पर 1 रुपया फीडिंग इंडिया की पहलों के लिए दिया जाएगा। इसके माध्यम से ब्रांड लोगों की रोज़मर्रा की खरीदारी को भी एक उत्कृष्ट कार्य से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। UP News
हैप्पीनेस्ट पोल्ट्री प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक और सीईओ फैज़ल सिद्दीकी ने कहा , "हैप्पीनेस्ट में हमारा मानना है कि लोगों तक ताज़े, सुरक्षित और पौष्टिक पोल्ट्री प्रोडक्ट्स पहुँचाने के साथ-साथ समाज के लिए कुछ अच्छा करना भी हमारी जिम्मेदारी है। फीडिंग इंडिया के साथ यह साझेदारी उसी सोच का हिस्सा है। हम ऐसे कामों से जुड़ना चाहते हैं, जिनका असर ज़मीन पर दिखाई दे। हमारी कोशिश है कि लोगों की रोज़मर्रा की खरीदारी भी एक बड़े सामाजिक उद्देश्य से जुड़े, जिससे जरूरतमंद बच्चों तक पौष्टिक भोजन पहुँचाने में मदद मिले और ज्यादा से ज्यादा लोग इस नेक काम का हिस्सा बन सकें।" UP News
फीडिंग इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा, "कुपोषण सिर्फ स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या नहीं है। इसका असर बच्चों की पढ़ाई, उनके विकास और उनके भविष्य पर भी पड़ता है। फीडिंग इंडिया में हम एक लाख से ज्यादा बच्चों तक सिर्फ भोजन ही नहीं, बल्कि पौष्टिक और संतुलित आहार पहुँचाने के लिए काम कर रहे हैं। हैप्पीनेस्ट जैसे साथियों के सहयोग से हमें भरोसा है कि हम और ज्यादा बच्चों तक पहुँच पाएँगे और समाज में बड़ा बदलाव ला सकेंगे।" फीडिंग इंडिया 150 से ज्यादा शहरों में काम कर रहा है और अपने साझेदारों के नेटवर्क के जरिए हर दिन 1.40 लाख से ज्यादा बच्चों तक पहुँच रहा है। उसका प्रमुख कार्यक्रम 1,091 एनजीओ से जुड़े स्कूलों और संस्थाओं को सहायता देता है। इनमें स्कूल, शिक्षा केंद्र, दिव्यांग बच्चों के स्कूल, खेल और कला अकादमियाँ तथा अनाथालय शामिल हैं। इसके अलावा संस्था 574 आँगनवाड़ी केंद्रों के साथ भी काम कर रही है। छोटे बच्चों में कुपोषण की समस्या को देखते हुए फीडिंग इंडिया ने नंदुरबार, बेनीपुर और वाराणसी जैसे जिलों के 76 आँगनवाड़ी केंद्रों में विशेष पहल शुरू की है, जिससे 0 से 6 साल तक के करीब 17,000 बच्चों को लाभ मिल रहा है। UP News
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