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उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर अनिश्चितता गहराती नजर आ रही है। पहले उम्मीद थी कि राज्य में पंचायत चुनाव मई-जून 2026 के तय समय के आसपास कराए जाएंगे, लेकिन अब मतदाता सूची के प्रकाशन में देरी ने पूरे चुनावी परिदृश्य को बदल दिया है।

UP News : उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर अनिश्चितता गहराती नजर आ रही है। पहले उम्मीद थी कि राज्य में पंचायत चुनाव मई-जून 2026 के तय समय के आसपास कराए जाएंगे, लेकिन अब मतदाता सूची के प्रकाशन में देरी ने पूरे चुनावी परिदृश्य को बदल दिया है। इसका असर सिर्फ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों पर ही नहीं, बल्कि मौजूदा ग्राम प्रधानों पर भी साफ दिखने लगा है। ऐसे माहौल में उत्तर प्रदेश के ग्राम प्रधानों ने योगी सरकार के सामने अपना कार्यकाल बढ़ाने की मांग की है। राजधानी लखनऊ में आयोजित ग्राम प्रधान संगठन की एक अहम बैठक में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रधानों ने यह मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया। UP News
राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित डिप्लोमा इंजीनियरिंग संघ भवन में आयोजित बैठक में उत्तर प्रदेश भर से आए ग्राम प्रधानों ने पंचायत चुनाव में संभावित देरी पर चिंता जताई। बैठक में यह राय सामने आई कि चुनावी प्रक्रिया आगे खिसकने से गांवों में चल रहे विकास कार्यों पर असर पड़ सकता है। ऐसे में प्रशासनिक व्यवस्था और जनहित दोनों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान प्रधानों को कुछ समय का विस्तार दिया जाना चाहिए। ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडेय ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को इस मसले पर व्यावहारिक फैसला लेना चाहिए। उनके मुताबिक यदि पंचायत चुनाव तय समय पर नहीं कराए जा सकते, तो मौजूदा ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाना सबसे उचित विकल्प होगा। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना काल के दौरान उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों में कई विकास योजनाएं प्रभावित हुई थीं, बावजूद इसके प्रधानों ने सरकार और प्रशासन के साथ तालमेल बनाकर काम किया। ऐसे में अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए मौजूदा प्रतिनिधियों को और समय दिया जाना चाहिए। UP News
उत्तर प्रदेश में मौजूदा ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त होने जा रहा है। यही वजह है कि पंचायत चुनाव में देरी की खबरों ने ग्राम पंचायत स्तर पर हलचल बढ़ा दी है। अब चर्चा इस बात की भी है कि यदि चुनाव समय पर नहीं होते, तो क्या वर्तमान प्रधानों को विस्तार मिलेगा या फिर ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए जाएंगे। पंचायत चुनाव में संभावित देरी के बीच उत्तर प्रदेश प्रशासन ने ग्राम पंचायतों के लिए वित्तीय अनुशासन संबंधी दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। साफ कर दिया गया है कि ग्राम पंचायत स्तर पर सभी कार्य 25 मई 2026 तक उपलब्ध धनराशि के दायरे में ही पूरे किए जाएं। इसका उद्देश्य यह है कि कार्यकाल समाप्ति के बाद किसी भी तरह का बकाया, भुगतान विवाद या प्रशासनिक उलझन पैदा न हो। निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी ग्राम पंचायत में उपलब्ध राशि से अधिक व्यय नहीं किया जाएगा। यदि इसके विपरीत कोई मामला सामने आता है और बाद में भुगतान या वैधानिक कार्रवाई की स्थिति बनती है, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायत सचिव पर तय की जाएगी। इससे साफ है कि उत्तर प्रदेश प्रशासन पंचायत व्यवस्था में वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने को लेकर पूरी तरह सतर्क है। UP News
बैठक में सिर्फ चुनाव और कार्यकाल विस्तार का मुद्दा ही नहीं उठा, बल्कि उत्तर प्रदेश के गांवों से जुड़ी कई बुनियादी समस्याओं को भी प्रमुखता से रखा गया। ग्राम प्रधानों ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में अनेक जरूरी काम अब भी अधूरे हैं, जिन पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। बैठक में जल जीवन मिशन के तहत खुदी गलियों और क्षतिग्रस्त सड़कों का पुनर्निर्माण, खराब पड़े हैंडपंपों की रिबोरिंग, नए हैंडपंपों की स्थापना, बड़े पैमाने पर पौधरोपण, तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अभियान चलाने और ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने जैसी मांगें प्रमुख रूप से उठाई गईं। UP News
उत्तर प्रदेश के ग्राम प्रधानों का कहना है कि यदि पंचायत चुनाव में देरी होती है और मौजूदा प्रतिनिधियों का कार्यकाल बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के समाप्त हो जाता है, तो गांवों में विकास कार्यों की गति धीमी पड़ सकती है। ग्रामीण इलाकों में पेयजल, सड़क, स्वच्छता, तालाब संरक्षण, पर्यावरण और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े कई काम पंचायतों के स्तर पर ही पूरे होते हैं। ऐसे में प्रशासनिक शून्य की स्थिति गांवों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। प्रधानों का मानना है कि उत्तर प्रदेश के गांवों में अभी भी कई ऐसे काम लंबित हैं, जो सीधे आम जनता के हित से जुड़े हुए हैं। यदि इन्हें बीच में रोका गया, तो इसका असर ग्रामीण जीवन की मूलभूत सुविधाओं पर पड़ेगा। UP News
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