उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल के विस्तार में यें विधायक बनेंगे मंत्री

उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल का विस्तार बहुत जल्दी होगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल के विस्तार की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। मंत्रिमंडल के विस्तार की पूरी रूपरेखा भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व के पास भेज दी गई है।

यूपी मंत्रिमंडल विस्तार जल्द
यूपी मंत्रिमंडल विस्तार जल्द
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar23 Mar 2026 03:40 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल का विस्तार बहुत जल्दी होगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल के विस्तार की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। मंत्रिमंडल के विस्तार की पूरी रूपरेखा भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व के पास भेज दी गई है। केन्द्र से स्वीकृति की मोहर लगते ही उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया जाएगा। भाजपा के अंर्तरंग सूत्रो का दावा है कि उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल में एक दर्जन नए विधायकों को मंत्री बनाया जाएगा।

उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले से बनेंगे मंत्री

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के वर्तमान मंत्रिमंडल में प्रदेश के सभी जिलों का प्रतिनिधित्व मौजूद नहीं है। बात अकेले पश्चिमी उत्तर प्रदेश की करें तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, अमरोहा, हापुड़, शामली, मुरादाबाद जिले से कोई मंत्री सरकार में शामिल नहीं है। जबकि मेरठ तथा गाजियाबाद जिलों से दो-दो मंत्री हैं। बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार में बिजनौर, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, अमरोहा, हापुड़, शामली तथा मुरादाबाद जिलों से एक-एक विधायक को मंत्री बनाया जाएगा। 

भाजपा के कद्दावर नेता भूपेंद्र चौधरी का मंत्री बनना तय

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना तय माना जा रहा है। उन्हें मंत्री बनाकर जाट समाज को संदेश दिया जा सकता है। मेरठ निवासी एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज को मंत्री बनाकर ब्राह्मण समाज की नाराजगी दूर की जा सकती है। त्यागी समाज का भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश से कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। ऐसे में मुरादनगर विधायक अजीतपाल त्यागी और एमएलसी अश्विनी त्यागी मंत्री बनने के दावेदार हैं। गुर्जर समाज से आने वाले पूर्व मंत्री अशोक कटारिया को फिर से मंत्रिमंडल में शामिल कर गुर्जरों का असंतोष दूर करने की बात कही जा रही है।

दर्जा प्राप्त मंत्री भी बनाए जाएंगे

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल विस्तार की रूपरेखा के साथ एक और खाका तैयार किया है। इस खाके के तहत उत्तर प्रदेश के निगमों तथा अलग-अलग बोर्डों में अध्यक्षों तथा सदस्यों की नियुक्ति भी की जाएगी। निगम तथा बोर्ड में अध्यक्ष बनने वालों को मंत्री पद का दर्जा प्राप्त होता है। इस प्रकार उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल में नए विधायकों को मंत्री बनाने के साथ ही साथ भाजपा के अनेक नेताओं को दर्जा प्राप्त मंत्री भी बनाया जाएगा। UP News



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2 अप्रैल से 13 मई तक उत्तर प्रदेश में रेल संचालन प्रभावित : कई ट्रेनें रद, कई के बदले रूट

प्रदेश में अगले डेढ़ महीने तक रेल यात्रियों को बड़ी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में ट्रैक सुधार कार्य के चलते 2 अप्रैल से 13 मई 2026 तक कई ट्रेनों को रद करने और कई के रूट बदलने का फैसला लिया गया है।

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कई ट्रेनों को रद करने और कई के रूट बदलने का फैसला
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar23 Mar 2026 02:52 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में अगले डेढ़ महीने तक रेल यात्रियों को बड़ी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में ट्रैक सुधार कार्य के चलते 2 अप्रैल से 13 मई 2026 तक कई ट्रेनों को रद करने और कई के रूट बदलने का फैसला लिया गया है। यह कदम रेलवे ट्रैक को अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

ट्रैक अपग्रेड के चलते लिया गया बड़ा फैसला

रेलवे द्वारा कानपुर और लखनऊ के बीच रेल पटरियों पर स्लीपर बदलने का व्यापक काम शुरू किया जा रहा है। इस दौरान पुल संख्या 110 के आसपास भारी तकनीकी कार्य होगा, जिसके कारण इस रूट पर ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से संभव नहीं रहेगा। कार्य के दौरान पावर ब्लॉक लिया जाएगा, यानी कुछ समय के लिए ट्रैक पूरी तरह बंद रहेगा। इसी वजह से कई ट्रेनों को अस्थायी रूप से निरस्त करना पड़ा है, जबकि कुछ को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जाएगा।

किन ट्रेनों के रूट में बदलाव किया गया

इस अवधि में कई प्रमुख ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। 

* नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस अब कानपुर की बजाय गाजियाबाद और मुरादाबाद होते हुए लखनऊ पहुंचेगी।

* जम्मूतवी एक्सप्रेस का रूट भी बदला गया है और यह अब इटावा के रास्ते चलेगी।

* आगरा इंटरसिटी एक्सप्रेस को भी वैकल्पिक मार्ग से चलाया जाएगा, जिससे कई स्टेशनों का ठहराव प्रभावित होगा। 

इन बदलावों का असर खासकर उन यात्रियों पर पड़ेगा, जो नियमित रूप से इन ट्रेनों से सफर करते हैं।

कई पैसेंजर और मेमू ट्रेनें पूरी तरह रद

रेलवे ने इस अवधि में कई पैसेंजर और लोकल ट्रेनों को पूरी तरह से रद कर दिया है। इनमें प्रयागराज, कानपुर, झांसी और लखनऊ रूट की कई महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल हैं। खास तौर पर दैनिक यात्रियों (डेली कम्यूटर्स) को सबसे ज्यादा परेशानी हो सकती है, क्योंकि मेमू और पैसेंजर ट्रेनें ही उनके रोजमर्रा के सफर का मुख्य साधन होती हैं।

यात्रियों पर क्या पड़ेगा असर?

* लंबी दूरी की ट्रेनों में देरी और रूट बदलाव से यात्रा समय बढ़ सकता है

* छोटे स्टेशनों पर ठहराव कम होने से यात्रियों को अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ सकती है

* लोकल यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है। 

रेलवे का कहना है कि यह काम यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है, जिससे भविष्य में ट्रेनों की रफ्तार और विश्वसनीयता दोनों बेहतर हो सके।

यात्रा से पहले जरूर करें यह काम

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें। रद या डायवर्टेड ट्रेनों की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से प्राप्त की जा सकती है। कुल मिलाकर, यह अस्थायी असुविधा भविष्य में बेहतर और सुरक्षित रेल सफर के लिए जरूरी कदम मानी जा रही है। हालांकि, यात्रियों को फिलहाल अपनी यात्रा योजनाओं में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। 


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अनोखा मंदिर जिसमें चढ़ाए जाते रहे अंग्रेजों के सिर

उत्तर प्रदेश को भगवान की भूमि कहा जाता है। भगवान श्रीराम तथा भगवान श्रीकृष्ण का जन्म उत्तर प्रदेश की धरती पर ही हुआ था। उत्तर प्रदेश में हजारों की संख्या में मंदिर स्थापित हैं। उत्तर प्रदेश में स्थापित हर छोटे-बड़े मंदिर का अपना एक इतिहास है।

माँ तरकुलहा देवी
माँ तरकुलहा देवी
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar23 Mar 2026 02:22 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश को भगवान की भूमि कहा जाता है। भगवान श्रीराम तथा भगवान श्रीकृष्ण का जन्म उत्तर प्रदेश की धरती पर ही हुआ था। उत्तर प्रदेश में हजारों की संख्या में मंदिर स्थापित हैं। उत्तर प्रदेश में स्थापित हर छोटे-बड़े मंदिर का अपना एक इतिहास है। उत्तर प्रदेश में इन्हीं मंदिरों के बीच में स्थापित एक मंदिर ऐसा भी है जहां पर स्वतंत्रता के आंदोलन के दौरान अंग्रेज अधिकारियों तथा अंग्रेज सिपाहियों के सिर चढ़ावे के रूप में चढ़ाए जाते थे।

उत्तर प्रदेश में स्थापित है माँ तरकुलहा देवी का अनोखा मंदिर

उत्तर प्रदेश में देवी मंदिरों की भरमार है। इन्हीं देवी मंदिरों में माँ तरकुलहा देवी (Maa Tarkulha Devi) का मंदिर भी शामिल है। माँ तरकुलहा देवी का मंदिर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्थापित है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के जिला मुख्यालय से 22 किलोमीटर दूर स्थापित माँ तरकुलहा देवी के मंदिर में जो भी कामना करके पूजा-अर्चना की जाती है वह पूजा-अर्चना स्वीकार करके माँ तरकुलहा देवी अपने भक्तों की सभी मनोकामनाओं को पूरी करती हैं। भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई के दौरान माँ के भक्त स्वतंत्रता सेनानी अंग्रेजों के सिर काटकर माँ तरकुलहा देवी के चरणों में चढ़ावे के रूप में चढ़ाते थे।

महान स्वतंत्रता सेनानी बाबू बंधु सिंह से जुड़ा है माँ तरकुलहा देवी के मंदिर का इतिहास

माँ तरकुलहा देवी के मंदिर के इतिहास की बात करें तो इस मंदिर का इतिहास महान स्वतंत्रता सेनानी बाबू बंधु सिंह के साथ जुड़ा हुआ है। माँ के भक्त बताते हैं कि मंदिर की कहानी चौरीचौरा तहसील क्षेत्र के डुमरी रियासत के बाबू बंधू सिंह से जुड़ी है। बाबू बंधु सिंह महान क्रांतिकारी और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। बाबू बंधु सिंह ने अंग्रेजों से बचने के लिए जंगल में छिपकर तरकुल के पेड़ के नीचे एक पिंडी स्थापित की थी। यहीं से उन्होंने अपनी क्रांतिकारी गतिविधियों को आगे बढ़ाया। उन्होंने कई अंग्रेज अफसरों को हराया। उनके बलिदान के दौरान तरकुल का पेड़ टूट गया, जिससे खून बहने लगा। तभी से इस पिंडी को तरकुलहा देवी के नाम से जाना जाने लगा। कहा जाता है कि बंधु सिंह को जब फांसी दी जा रही थी तब 7 बार फांसी का फंदा टूटा था। अंतत: बंधु सिंह ने देवी माँ से प्रार्थना की और कहा कि हे माँ मुझे अपने चरणों में बुला ले। तब उन्होंने खुद ही अपने गले में फंदा डाला और वीरगति को प्राप्त हुए। ये स्थल आज भी श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है। UP News


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