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UP PCS to IAS Promotion: उत्तर प्रदेश सरकार के नियुक्ति विभाग ने भी मंगलवार देर रात प्रमोशन के आदेश जारी कर दिए। इन अधिकारियों का चयन वर्ष 2010 से 2012 बैच के पीसीएस अधिकारियों में से किया गया है।

उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। लंबे इंतजार के बाद राज्य के 29 वरिष्ठ पीसीएस (प्रांतीय सिविल सेवा) अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पदोन्नति मिल गई है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT) की ओर से अधिसूचना जारी होने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के नियुक्ति विभाग ने भी मंगलवार देर रात प्रमोशन के आदेश जारी कर दिए। इन अधिकारियों का चयन वर्ष 2010 से 2012 बैच के पीसीएस अधिकारियों में से किया गया है। माना जा रहा है कि अब जल्द ही इन अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां और नई तैनाती मिल सकती है।
आईएएस पदोन्नति को लेकर 10 जून को नई दिल्ली में विभागीय प्रमोशन कमेटी (DPC) की अहम बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में उत्तर प्रदेश के पीसीएस अधिकारियों को आईएएस कैडर में पदोन्नति देने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में वर्ष 2010, 2011 और 2012 बैच के अधिकारियों के रिकॉर्ड और सेवा विवरण का मूल्यांकन किया गया। बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मुख्य सचिव एस.पी. गोयल, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम. देवराज और विशेष सचिव नियुक्ति मौजूद रहे। वहीं संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की ओर से सदस्य बी.बी. स्वैन ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
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विभागीय प्रमोशन कमेटी की सिफारिशों के बाद कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT) ने 29 अधिकारियों को आईएएस में पदोन्नति देने की अधिसूचना जारी कर दी। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार के नियुक्ति विभाग ने भी प्रमोशन के आदेश जारी कर दिए। अब इन अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा का दर्जा मिल जाएगा और आने वाले दिनों में नई पोस्टिंग भी दी जा सकती है।
प्रमोशन के बाद इन अधिकारियों की नई जिम्मेदारियों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए आईएएस अधिकारियों को विभिन्न जिलों और महत्वपूर्ण विभागों में तैनात कर सकती है। नई पोस्टिंग को लेकर जल्द ही अलग से आदेश जारी होने की संभावना है।
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इस प्रमोशन सूची में कई ऐसे अधिकारी शामिल हैं जो लंबे समय से अलग-अलग जिलों और विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे थे। इनमें डॉ. विश्राम, अशोक कुमार कनौजिया, पुष्प राज सिंह, संजय कुमार सिंह, राज कुमार द्विवेदी, राकेश कुमार पटेल, सुशीला, आलोक कुमार, वैभव मिश्रा, विवेक श्रीवास्तव, योगानंद पांडेय, प्रदीप कुमार यादव, अमित कुमार, पूनम निगम, डॉ. नितिन मदान, हर्ष देव पांडेय, शैलेन्द्र कुमार सिंह, नरेंद्र बहादुर सिंह, संतोष बहादुर सिंह, पंकज वर्मा, विजय कुमार सिंह, अतुल कुमार, अमित सिंह, प्रियंका सिंह, अमित कुमार, डॉ. सुनील कुमार वर्मा, गरिमा स्वरूप, संदीप कुमार और राकेश कुमार सिंह को आईएएस में पदोन्नति दी गई है। इन अधिकारियों ने वर्षों तक अलग-अलग प्रशासनिक पदों पर कार्य करते हुए अपने अनुभव और कार्यशैली के आधार पर यह उपलब्धि हासिल की है।
जहां 29 अधिकारियों को प्रमोशन मिला वहीं चार वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों को इस बार भी आईएएस में पदोन्नति नहीं मिल सकी। जानकारी के अनुसार हरीश चंद्रा, अंजू कटियार, अमर पाल और प्रभुनाथ के मामलों में लिफाफा जांच (Sealed Cover Procedure) लंबित होने के कारण उनके प्रमोशन पर फैसला नहीं लिया गया। जांच पूरी होने के बाद ही उनके मामलों पर आगे विचार किया जाएगा।
29 नए आईएएस अधिकारियों के शामिल होने से उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। कई जिलों और विभागों में अधिकारियों की नई तैनाती होने से प्रशासनिक फेरबदल भी देखने को मिल सकता है। सरकार जल्द ही इन अधिकारियों को उनकी नई जिम्मेदारियां सौंप सकती है।
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