उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर में पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त से पहले सत्यापन तेज हो गया है। जांच में 3555 किसान अपात्र मिले, जबकि 28 मामले विवादित हैं। पढ़े पूरी खबर

UP News:उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए अहम खबर है। नवंबर में धनतेरस के आसपास अगली किस्त आने की संभावना के बीच अम्बेडकरनगर जिले में कृषि विभाग ने लाभार्थियों के सत्यापन और दस्तावेजों में सुधार की प्रक्रिया तेज कर दी है। जांच के दौरान जिले में 3555 किसान अपात्र पाए गए हैं, जबकि 28 मामले विवादित होने के कारण लंबित हैं। विभाग का उद्देश्य योजना का लाभ केवल पात्र किसानों तक पहुंचाना है। UP News
उप कृषि निदेशक डॉ. अश्विनी कुमार सिंह के अनुसार, योजना शुरू होने के बाद से अम्बेडकरनगर जिले में करीब 25 हजार मृतक लाभार्थियों के नाम हटाए जा चुके हैं। इसके अलावा लगभग 2300 दोहरे पंजीकरण और 8200 पति-पत्नी से जुड़े मामलों में भी रिकॉर्ड से संबंधित कार्रवाई की गई है। पति-पत्नी में से केवल एक पात्र व्यक्ति ही किसान सम्मान निधि का लाभ ले सकता है। मृतक लाभार्थियों के नाम पर भुगतान और दोहरे पंजीकरण को रोकने के लिए विभाग लगातार रिकॉर्ड का सत्यापन कर रहा है। UP News
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त अम्बेडकरनगर जिले के करीब 3.80 लाख किसानों के बैंक खातों में भेजी गई थी। अब अगली किस्त जारी होने से पहले कृषि विभाग लाभार्थियों के दस्तावेजों और पंजीकरण संबंधी रिकॉर्ड की जांच कर रहा है। सत्यापन के दौरान मृतक किसानों के नाम, एक से अधिक बार दर्ज पंजीकरण और पति-पत्नी दोनों के योजना का लाभ लेने जैसे मामले सामने आए हैं। विभाग का उद्देश्य योजना का लाभ केवल पात्र किसानों तक पहुंचाना और अपात्र लाभार्थियों के नाम हटाना है UP News
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, नाम में संशोधन के लिए मिले 22,994 आवेदनों में से सात अक्टूबर तक 18,410 किसानों के अभिलेख दुरुस्त किए जा चुके हैं। वहीं, भूमि की गाटा संख्या में सुधार के लिए आए 6767 आवेदनों में से 6395 का निस्तारण किया जा चुका है। अभी भी कुछ आवेदन लंबित हैं। इसके अलावा 28 विवादित मामलों का निस्तारण नहीं हो सका है। विभाग इन मामलों को सुलझाने की प्रक्रिया में जुटा है। UP News
कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपने बैंक खाते, पंजीकरण में दर्ज नाम और भूमि संबंधी अभिलेखों की जांच समय रहते करा लें। यदि नाम, जमीन के रिकॉर्ड या अन्य दस्तावेजों में कोई त्रुटि है, तो संबंधित विभाग से संपर्क कर उसे ठीक कराएं। UP News
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