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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में संगठित अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। हुक्का बार की आड़ में संचालित अवैध देह व्यापार नेटवर्क से जुड़े गैंगस्टर की करोड़ों की अवैध संपत्तियों को जब्त कर लिया गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में संगठित अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। हुक्का बार की आड़ में संचालित अवैध देह व्यापार नेटवर्क से जुड़े गैंगस्टर की करोड़ों की अवैध संपत्तियों को जब्त कर लिया गया है। पुलिस का दावा है कि ये संपत्तियां पूरी तरह से अपराध से अर्जित धन से बनाई गई थीं, जिन पर अब कानूनी शिकंजा कस दिया गया है। रामगढ़ताल क्षेत्र में हुक्का बार की आड़ में चल रहे इस अवैध नेटवर्क के उजागर होने के बाद जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी थी। इसी क्रम में रामगढ़ताल पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोपित अनिरुद्ध ओझा उर्फ ‘सोखा’ की लगभग 18 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी के आदेश पर झंगहा थाना क्षेत्र के जोलहाबारी गांव स्थित उसके आवासीय परिसर पर की गई, जहां चार कमरों वाली संपत्ति को सील कर दिया गया। UP News
पुलिस जांच में सामने आया कि अनिरुद्ध ओझा इस पूरे गिरोह का सक्रिय सदस्य था और अवैध गतिविधियों के संचालन में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके बाद उसे गैंगस्टर एक्ट के तहत नामजद किया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ पहले से ही कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। साथ ही, इस पूरे गिरोह में कुल 14 आरोपितों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई एक व्यापक आर्थिक अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अपराध से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर जब्त करना है। इससे पहले भी इसी मामले से जुड़े एक होटल संचालक की संपत्ति को सील किया जा चुका है। अब पुलिस अन्य आरोपितों की चल-अचल संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन का विस्तृत ब्योरा जुटा रही है। UP News
इस मामले में गुलरिहा थाना पुलिस ने 10 दिसंबर 2025 को रामनयन गुप्ता के साले अभिषेक कुमार और परमानंद गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जांच के दौरान पुलिस ने 4.15 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, फर्जी पहचान पत्र, कूटरचित दस्तावेज और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की थी। इसके बाद 6 फरवरी 2026 को रामनयन गुप्ता को भी गिरफ्तार किया गया, हालांकि बाद में उसे जमानत मिल गई। लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया कि जमानत के बाद भी उसके खिलाफ जांच और कार्रवाई लगातार जारी रही। UP News
7 जून 2026 को पुलिस ने इस पूरे गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत पुनः सख्त कार्रवाई की। इसी क्रम में वांछित चल रहे रामनयन गुप्ता को मेडिकल कॉलेज क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। एसपी सिटी के अनुसार, गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान, उनकी संपत्तियों और आर्थिक गतिविधियों की जांच तेज गति से की जा रही है। अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों को चिन्हित कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। UP News
इसी गिरोह से जुड़े एक अन्य प्रमुख नाम अनुराग सिंह, जो गीता वाटिका क्षेत्र स्थित फ्लाई इन होटल-2 का संचालक था, की लगभग छह करोड़ रुपये की संपत्ति पहले ही जब्त की जा चुकी है। पुलिस ने 10 जनवरी को उसके होटल और हुक्का बार पर छापा मारकर गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया था। जांच में सामने आया कि हुक्का बार और होटल की आड़ में अवैध गतिविधियों का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। इस मामले में 2025 में 14 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी, जिनमें अनिरुद्ध ओझा को गैंग लीडर नामित किया गया था। अन्य आरोपितों में प्रियांशु जायसवाल, अनुराग सिंह, राजन उर्फ वशीम अहमद, विमल विश्वकर्मा, मुस्कान उर्फ माला पासवान, श्रेय शुक्ला, नंदनी उर्फ परी, अजय सिंह, अनुराग त्रिपाठी, संजीत कुमार जायसवाल, आकाश गुप्ता और गौरव कुमार कशौधन समेत कई नाम शामिल हैं, जिनकी भूमिका की जांच अभी भी जारी है। UP News
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