उत्तर प्रदेश में विकास को मिलेगी और गति, योगी सरकार का बड़ा फैसला
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 04:56 AM
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में लोक निर्माण विभाग के विभागीय अधिकारियों के वित्तीय अधिकारों में बड़ा सुधार करने का निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले के तहत अधिकारियों को निर्णय लेने में अधिक स्वायत्तता मिलेगी जिससे निविदा, अनुबंध गठन और परियोजनाओं के कार्यारंभ की प्रक्रिया में तेजी आएगी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, यह बदलाव वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता को बढ़ाने में सहायक होगा। UP News
पांच गुना से अधिक हो चुकी है वृद्धि
लोक निर्माण विभाग की शुक्रवार को हुई बैठक में यह तथ्य सामने आया कि विभाग के अधिकारियों के वित्तीय अधिकार वर्ष 1995 में निर्धारित किए गए थे। तब से निर्माण कार्यों की लागत में पांच गुना से अधिक वृद्धि हो चुकी है। कॉस्ट इन्फ्लेशन इंडेक्स के अनुसार, वर्ष 1995 की तुलना में वर्ष 2025 तक निर्माण लागत लगभग 5.52 गुना बढ़ चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, वर्तमान परिस्थितियों में वित्तीय अधिकारों का पुनर्निर्धारण आवश्यक है ताकि निर्णय प्रक्रिया में तेजी आए और परियोजनाओं का समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
बैठक में अपर मुख्य सचिव, लोक निर्माण विभाग ने मुख्यमंत्री को सिविल, विद्युत और यांत्रिक कार्यों के लिए अधिकारियों के वर्तमान वित्तीय अधिकारों की जानकारी दी। विमर्श के बाद निर्णय लिया गया कि सिविल कार्यों के लिए अधिकारियों के वित्तीय अधिकार अधिकतम पांच गुना तक बढ़ाए जाएंगे जबकि विद्युत और यांत्रिक कार्यों के लिए कम से कम दो गुना वृद्धि की जाएगी।
क्या है नए वित्तीय अधिकार?
मुख्य अभियंता: अब 2 करोड़ की बजाय 10 करोड़ तक के कार्यों की स्वीकृति का अधिकार।
अधीक्षण अभियंता: 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ तक के कार्यों की स्वीकृति।
अधिशासी अभियंता: 40 लाख से बढ़ाकर 2 करोड़ तक।
सहायक अभियंता: सीमित दायरे में टेंडर स्वीकृति और छोटे कार्यों की अनुमति।
यह पुनर्निर्धारण लगभग तीन दशकों के बाद किया गया है। बैठक में उत्तर प्रदेश अभियंता सेवा (लोक निर्माण विभाग) (उच्चतर) नियमावली, 1990 में संशोधन के प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस संशोधन के तहत विद्युत और यांत्रिक संवर्ग की सेवा संरचना, पदोन्नति व्यवस्था और वेतनमान को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुसार नया रूप दिया गया है।
नए नियमावली में पहली बार मुख्य अभियंता (स्तर-एक) का पद शामिल किया गया है। इसके अलावा मुख्य अभियंता (स्तर-दो) और अधीक्षण अभियंता के पदों की संख्या भी बढ़ाई गई है। नवसृजित पदों को नियमावली में शामिल करते हुए उनके पदोन्नति स्रोत, प्रक्रिया और वेतनमान को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है जिससे उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग की सेवा संरचना अधिक पारदर्शी और संगठित बन सके। UP News