अखिलेश यादव को दिल्ली में निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का विरोध तेज हो गया है। रायबरेली में पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उनका प्रतीकात्मक पुतला फूंका और न

UP News : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दिल्ली में निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। रायबरेली में भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उनका प्रतीकात्मक पुतला फूंका और नारेबाजी की। दिल्ली में 6 अक्टूबर को निर्वाचन आयोग की ओर मार्च कर रहे विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इस दौरान अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता भी हिरासत में लिए गए। UP News
अखिलेश यादव की हिरासत की खबर के बाद रायबरेली में सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया। रायबरेली में इससे पहले भी निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की रिपोर्ट सामने आई थी। UP News
प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहीद चौक पर एकत्र होकर अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई पर नाराजगी जताई और निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शिता की मांग उठाई। UP News
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सपा नेता अखिलेश माही ने अखिलेश यादव की हिरासत को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार से जोड़ते हुए विरोध दर्ज कराया। माही ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से विशेष रूप से पीडीए वर्ग से जुड़े मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। ये आरोप सपा नेताओं की ओर से लगाए गए हैं। UP News
सपा नेताओं ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की। पार्टी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए। UP News
रायबरेली में प्रदर्शन कर रहे सपा नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। नेताओं ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग विपक्ष की आपत्तियों पर पर्याप्त जवाब नहीं दे रहा है। इन आरोपों पर निर्वाचन आयोग या संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया को इस स्थानीय प्रदर्शन की उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं किया गया है। सपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों और मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर सुनवाई नहीं हुई तो पार्टी संवैधानिक दायरे में रहकर आंदोलन को आगे बढ़ाएगी। UP News
अखिलेश यादव की हिरासत के बाद उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सपा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं। मैनपुरी में भी कार्यकर्ताओं ने धरना देकर मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका और अखिलेश यादव की रिहाई की मांग की। आगरा में भी अखिलेश यादव की हिरासत के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। वहां पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच पुतले को लेकर खींचतान की स्थिति बनी। UP News
रायबरेली के प्रदर्शन में राहुल निर्मल बागी, नीलेश यादव, हेमंत कुशवाहा, बबलू यादव, केडी यादव, ऋषभ सेन और प्रवीण यादव समेत कई सपा नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की। सपा कार्यकर्ताओं ने संकेत दिया कि मतदाता सूची और निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका विरोध आगे भी जारी रह सकता है। पार्टी की ओर से संवैधानिक तरीके से आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है। UP News
निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दलों का विरोध लगातार तेज हुआ है। 6 अक्टूबर को दिल्ली में INDIA ब्लॉक के कई नेताओं ने चुनाव आयोग तक मार्च किया, जहां पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लिया। UP News
दिल्ली की घटना के बाद रायबरेली में सपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन इस मुद्दे के प्रदेश स्तर पर राजनीतिक असर को दिखाता है। फिलहाल सपा नेता मतदाता सूची की प्रक्रिया में पारदर्शिता और अपने नेताओं की रिहाई की मांग कर रहे हैं। UP News
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