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मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भी कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। शुक्रवार के लिए राज्य के 44 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है जबकि कुछ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है।

उत्तर प्रदेश में आखिरकार मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पिछले कुछ दिनों से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भी कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। शुक्रवार के लिए राज्य के 44 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है जबकि कुछ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, महोबा, झांसी, ललितपुर, चित्रकूट, बांदा और सोनभद्र जैसे जिलों में शुक्रवार को तेज बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और जरूरत न होने पर घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव और फिसलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
भारी बारिश वाले जिलों के अलावा प्रदेश के 44 जिलों में गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें प्रयागराज, फतेहपुर, कौशांबी, वाराणसी, मिर्जापुर, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, कानपुर, रायबरेली, सहारनपुर, शामली, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा और फिरोजाबाद समेत कई जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में दिनभर मौसम बदलता रह सकता है और कहीं भी अचानक बारिश शुरू हो सकती है।
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गुरुवार को सबसे अधिक बारिश मिर्जापुर में दर्ज की गई जहां करीब 120 मिमी वर्षा हुई। इसके अलावा आजमगढ़ में 114.6 मिमी, संभल में 104 मिमी, बिजनौर में 62 मिमी, वाराणसी में 54.6 मिमी और बाराबंकी में 50 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे पहले बुधवार को बहराइच में 113 मिमी बारिश हुई थी, जबकि बिजनौर और ललितपुर में भी अच्छी बारिश देखने को मिली थी। लगातार हो रही बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है जिससे किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
लगातार हो रही बारिश का सबसे बड़ा असर तापमान पर देखने को मिला है। पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में तापमान लगभग 10 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया है। जहां पहले लोग तेज धूप और उमस से परेशान थे वहीं अब मौसम काफी सुहावना महसूस हो रहा है। सुबह और शाम के समय ठंडी हवाएं चलने से लोगों को राहत मिल रही है।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक शुक्रवार और शनिवार को मानसूनी गतिविधियां मुख्य रूप से बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में ज्यादा सक्रिय रहेंगी। इसके बाद 5 जुलाई से एक बार फिर पूरे उत्तर प्रदेश में अच्छी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में कई जिलों में मध्यम से तेज बारिश देखने को मिलेगी।
बारिश के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। गरज-चमक के समय सुरक्षित स्थान पर रहना बेहतर होता है। यदि बहुत जरूरी काम न हो तो तेज बारिश के दौरान यात्रा करने से बचें। जिन इलाकों में जलभराव की समस्या रहती है वहां वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
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