
UP Result 2022 : उत्तर प्रदेश (UP Result 2022) की जनता ने एक बार फिर योगी की सरकार को चुना है। 260 से ज्यादा सीटों पर जीत (UP Result 2022 हो चुकी है, हालांकि अभी अधिकारिक घोषणा होना बाकी है। योगी आदित्यनाथ गोरखपुर सीट एक लाख वोटों से जीत गए हैं। प्रदेश की राजधानी समेत पूरे राज्य के भाजपा कार्यालयों में गुलाल उड़ाकर भाजपा की जीत पर जश्न मनाया जा रहा है।
करीब पौने छह बजे वे मंच पर पहुंचे और साथी मंत्रियों-पदाधिकारियों के साथ गले मिले और जमकर गुलाल उड़ाया। विजयी भाषण भी दिया। बोले- जब मोदी जी जैसा नेतृत्व वो तो ऐसा ही प्रचंड बहुमत मिलता है। विजय उल्लास से शुरू हुआ ये 30 मिनट का कार्यक्रम जय श्री राम के नारों के साथ खत्म हुआ।
अपने 10 मिनट के संक्षिप्त भाषण में योगी बोले- भाजपा ने चार राज्यों में चुनाव जीते हैं। उत्तर प्रदेश पर विशेष रूप से देश और दुनिया की निगाहें थीं। जब मोदी जी कोरोना और भ्रष्टाचार से लड़ रहे थे, तब कुछ लोग भ्रामक प्रचार कर रहे थे। मतगणना के बारे में भ्रामक बातें कही जा रही थीं। उत्तर प्रदेश की जनता ने उस प्रचार को झुठलाते हुए भाजपा को बहुमत दिया है। जनता का आभार। ये बहुमत राष्ट्रवाद, सुरक्षा, विकास और सुशासन के मॉडल को जनता का आशीर्वाद है।
देर शाम लखनऊ में भाजपा कार्यालय पर प्रेस वार्ता के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम यूपी, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड में सरकारें बनाएंगे। यूपी की जनता ने जातिवाद, परिवारवाद को तिलांजलि दे BJP को दिया प्रचंड जनादेश दिया है। उन्होंने कहा कि यूपी ने सुशासन को चुना है। सीएम योगी ने प्रचंड जनादेश के लिए जनता का आभार भी जताया है। सपा, 130 सीटों के आसपास नजर आ रही है, जबकि कांग्रेस को बुरी हार का सामना करना पड़ा है। बसपा सुप्रीमो की चुप्पी, बसपा को पूरी तरह से चुप कर गई। बसपा प्रत्याशियों को करारी हार का सामना करना पड़ा।
बसपा के बाद दलित वोट प्राप्त करने का दंभ भरने वाले भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद भी कहीं नजर नहीं आए। उनकी नई पार्टी आजाद समाज पार्टी पहली बार चुनाव मैदान में उतरी थी। स्वयं चंद्रशेखर आजाद गोरखपुर से योगी के सामने चुनाव लड़े थे।
दिग्गजों के किले हुए ध्वस्त चुनाव से पहले अखिलेश का हाथ थामने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य फाजिल नगर में हार गए। TET पेपर लीक में घिरे योगी के मंत्री सतीश द्विवेदी सिद्धार्थनगर भी इटवा सीट नहीं जीत पाए। कैराना में भी भाजपा को हार मिली, यहां सपा के नाहिद हसन जीते। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह लल्लू को कुशीनगर में हार मिली।
37 साल से यूपी में किसी पार्टी की लगातार दूसरी बार सरकार नहीं बनी। 1985 में कांग्रेस लगातार दूसरी बार यहां चुनाव जीती थी। इस सरकार का टर्म पूरा होने के अगले करीब 19 सालों तक राज्य में हंग असेंबली रही। 2007 से हर 5 साल बाद सरकार बदली है। पहले मायावती फिर अखिलेश और फिर योगी सीएम बने। इस बार फिर भाजपा की सरकार बनती दिख रही है। उत्तर प्रदेश में 37 साल में पहली बार ऐसा होगा। देश में कर्नाटक, उत्तराखंड, हिमाचल और राजस्थान में भी लंबे अरसे से ऐसा ही ट्रेंड है।
राजा भैया के जनसत्ता दल के विनोद कुमार ने प्रतापगढ़ की बाबागंज विधानसभा सीट से जीत हासिल की है।
अखिलेश यादव करहल से और उनके चाचा शिवपाल यादव जसवंत नगर से चुनाव जीत गए हैं।
मेरठ कैंट पर भाजपा के अमित अग्रवाल की जीत हुई है। हस्तिनापुर सीट से भाजपा के दिनेश खटीक ने जीत दर्ज कर सपा के योगेश वर्मा को हराया है। सरधना से BJP के संगीत सोम को हराकर सपा के अतुल प्रधान ने जीत दर्ज की है। शहर सीट पर सपा के रफीक अंसारी ने बीजेपी के कमलदत्त शर्मा को हराया। उधर, सिवालखास सीट पर सपा गठबंधन से रालोद के गुलाम मोहम्मद जीते उन्होंने BJP के मनिंदर पाल सिंह को हराया है।
मुजफ्फरनगर दंगे के दोनों आरोपी संगीत सोम और सुरेश राणा चुनाव हार गए। सुरेश राणा योगी सरकार में मौजूद समय में कैबिनेट मंत्री हैं। वह शामली के थाना भवन सीट से भाजपा से चुनाव लड़ रहे थे।
सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में भी भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र नेम दूसरी बार विधायक बने। उन्होंने सपा गठबंधन के प्रत्याशी विवेक कांत को करीब 18000 वोटों से हराया है। सहारनपुर के नकुड विधानसभा में भाजपा के बाद ही मंत्री डॉक्टर धर्म सिंह सैनी सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे। भाजपा के मुकेश चौधरी ने करीब 7000 वोटों से उन्हें मात दी है। सहारनपुर के देवबंद विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी कुंवर बृजेश सिंह करीब आठ हजार वोटों से जीत बताई जा रही है। हालांकि, अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कार्यकर्ताओं में काफी जोश है।
योगी आदित्यनाथ(भाजपा) 58,140 वोटों से जीते
अखिलेश यादव(सपा) 60,415 वोटों से जीते
स्वामी प्रसाद मौर्य(सपा) हारे