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जब भी उत्तर प्रदेश में सबसे अमीर शहर की बात होती है तो लोगों के दिमाग में कानपुर, लखनऊ और नोएडा जैसे नाम सबसे पहले आते हैं। उत्तर प्रदेश के इन शहरों ने कारोबार, आईटी, शिक्षा और उद्योग के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई है।

उत्तर प्रदेश को देश की राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। उत्तर प्रदेश के 75 जिले अपनी अलग पहचान रखते हैं। कहीं शिक्षा की चर्चा होती है, कहीं कारोबार की तो कहीं उद्योगों की लेकिन अब उत्तर प्रदेश सिर्फ राजनीति या जनसंख्या की वजह से नहीं बल्कि अमीरों और बड़े कारोबारियों की वजह से भी चर्चा में रहने लगा है। आज का उत्तर प्रदेश तेजी से बदल रहा है। उत्तर प्रदेश में नए उद्योग लग रहे हैं बड़े-बड़े स्टार्टअप तैयार हो रहे हैं और उत्तर प्रदेश के कई शहर अब देश के बड़े बिजनेस हब बन चुके हैं। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश के कुछ शहर अरबपतियों की नई पसंद बनते जा रहे हैं।
जब भी उत्तर प्रदेश में सबसे अमीर शहर की बात होती है तो लोगों के दिमाग में कानपुर, लखनऊ और नोएडा जैसे नाम सबसे पहले आते हैं। उत्तर प्रदेश के इन शहरों ने कारोबार, आईटी, शिक्षा और उद्योग के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई है लेकिन सवाल यह है कि आखिर उत्तर प्रदेश का कौन सा शहर सबसे ज्यादा अरबपतियों का घर बन चुका है?
हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025 के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में कुल 41 अरबपति हैं और ये अरबपति राज्य के 11 अलग-अलग शहरों से आते हैं। इस लिस्ट में सबसे ऊपर नोएडा का नाम आता है। नोएडा को उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी भी कहा जाता है और अब यह शहर अरबपतियों का सबसे बड़ा गढ़ बन चुका है। रिपोर्ट के अनुसार नोएडा में सबसे ज्यादा 15 अरबपति रहते हैं। आईटी, टेक्नोलॉजी, रियल एस्टेट और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर ने इस शहर को तेजी से आगे बढ़ाया है। दिल्ली से करीब होने और शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से बड़ी कंपनियां लगातार नोएडा का रुख कर रही हैं। यही कारण है कि देश के कई बड़े कारोबारी और स्टार्टअप फाउंडर अब नोएडा में अपना कारोबार बढ़ा रहे हैं।
एक समय था जब कानपुर को उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहा जाता था। चमड़ा उद्योग, कपड़ा कारोबार और पुराने उद्योगों की वजह से कानपुर लंबे समय तक व्यापार का बड़ा केंद्र बना रहा। आज भी कानपुर इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर मौजूद है। हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025 के अनुसार, कानपुर में कुल 8 अरबपति हैं। यह आंकड़ा बताता है कि पुराने उद्योगों का शहर आज भी आर्थिक ताकत बनाए हुए है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में नोएडा ने तेजी से तरक्की की है लेकिन कानपुर की कारोबारी पहचान अभी भी मजबूत मानी जाती है।
इस लिस्ट में सबसे चौंकाने वाला नाम आगरा का है। आमतौर पर आगरा की पहचान ताजमहल और पर्यटन से जुड़ी रहती है लेकिन अब यह शहर अरबपतियों की वजह से भी चर्चा में आ गया है। रिपोर्ट के अनुसार आगरा में कुल 5 अरबपति हैं। यही वजह है कि यह शहर उत्तर प्रदेश के सबसे अमीर शहरों की सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। आगरा में जूता उद्योग, हैंडीक्राफ्ट और पर्यटन से जुड़े कारोबार ने कई बड़े उद्योगपतियों को तैयार किया है। यही कारण है कि अब आगरा सिर्फ पर्यटन नहीं बल्कि कारोबार के लिए भी पहचान बना रहा है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ भी इस सूची में पीछे नहीं है। लखनऊ में कुल 4 अरबपति हैं। पिछले कुछ वर्षों में राजधानी में रियल एस्टेट, हेल्थकेयर और शिक्षा क्षेत्र में तेजी से निवेश बढ़ा है। वहीं गाजियाबाद में 3 अरबपति हैं। दिल्ली-एनसीआर से जुड़े होने का फायदा गाजियाबाद को लगातार मिल रहा है। यहां तेजी से उद्योग और आवासीय परियोजनाएं बढ़ रही हैं।
इस लिस्ट की सबसे खास बात यह है कि सिर्फ बड़े शहर ही नहीं बल्कि छोटे शहरों से भी अरबपति निकलकर सामने आ रहे हैं। Prayagraj, Ayodhya, Bulandshahr, Greater Noida, Aligarh और Gorakhpur जैसे शहरों में भी अरबपति मौजूद हैं। यह दिखाता है कि अब उत्तर प्रदेश में कारोबार और स्टार्टअप संस्कृति सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही। छोटे शहरों से भी नए कारोबारी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025 के अनुसार, उत्तर प्रदेश के सबसे अमीर अरबपति Aditya Khemka हैं। वह Aditya Infotech के फाउंडर माने जाते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति करीब 35,140 करोड़ रुपये है। उनका कारोबार टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से जुड़ा हुआ है। वहीं दूसरे नंबर पर Alakh Pandey का नाम आता है। Physics Wallah के फाउंडर अलख पांडे मूल रूप से प्रयागराज के रहने वाले हैं। उनकी नेटवर्थ करीब 14,520 करोड़ रुपये बताई गई है।
कुछ साल पहले तक उत्तर प्रदेश की पहचान सिर्फ राजनीति और खेती तक सीमित मानी जाती थी। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। नोएडा, कानपुर, लखनऊ और आगरा जैसे शहर यह दिखा रहे हैं कि उत्तर प्रदेश अब कारोबार और निवेश का भी बड़ा केंद्र बन चुका है। तेजी से बढ़ता इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, नए एयरपोर्ट और उद्योगों में निवेश ने उत्तर प्रदेश को नई दिशा दी है। आने वाले समय में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है और कई नए शहर भी अरबपतियों की इस लिस्ट में शामिल हो सकते हैं।
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