उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के सोरम गांव में 16 से 18 नवंबर 2025 तक आयोजित सर्वखाप पंचायत ने समाज सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया। तीन दिन तक चले इस आयोजन में देशभर के खाप चौधरियों ने 70 प्रस्तावों पर चर्चा की और 11 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए।

उत्तर प्रदेश आबादी के मामले में भारत का सबसे बड़ा प्रदेश है। उत्तर प्रदेश में ढ़ेर सारी अनोखी विशेषताएं मौजूद हैं। उत्तर प्रदेश की इन्हीं विशेषताओं में एक बहुत बड़ी विशेषता यह है कि उत्तर प्रदेश भारत का वह प्रदेश है जिस प्रदेश में सर्वखाप पंचायत का मुख्यालय मौजूद है। दरअसल पंचायत व्यवस्था भारत की सबसे पुरानी व्यवस्था है। पंचायत व्यवस्था को व्यापक बनाने के लिए पूरे देश की सभी जातियों की पंचायतों को जोडक़र सर्वखाप पंचायत की व्यवस्था स्थापित की गई है। सर्वखाप पंचायत का मुख्यालय (हेड क्वार्टर) उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के ऐतिहासिक गाँव सोरम में स्थापित है। उत्तर प्रदेश में स्थित सर्वखाप पंचायत के मुख्यालय सोरम गाँव में 16, 17 तथा 18 नवंबर 2025 को सर्वखाप पंचायत का बड़ा आयोजन किया गया।
उत्तर प्रदेश के सोरम गाँव में आयोजित सर्वजातीय, सर्वखाप पंचायत में देश भर की पंचायतों के मुखिया (अध्यक्ष) एकत्रित हुए। उत्तर प्रदेश की धरती पर हुए इस अनूठे आयोजन में समाज सुधार के लिए कुल 70 प्रस्ताव पेश किए गए। लम्बे विचार-विमर्श के बाद सर्वखाप पंचायत ने 11 अति महत्वपूर्ण प्रस्ताव विधिवत रूप से पास कर दिए। उत्तर प्रदेश की धरती पर हुई सर्वखाप पंचायत में पास किए गए सभी 11 प्रस्ताव समाज में फैल रही कुप्रथा को समाप्त करने वाले प्रस्ताव हैं। उत्तर प्रदेश से लेकर पूरे भारत की सभी पंचायतों ने सर्वखाप पंचायत में पास किए गए प्रस्तावों का स्वागत किया है। उत्तर प्रदेश के सोरम गाँव में ही अगली सर्वखाप पंचायत का आयोजन वर्ष-2035 में करने का भी फैसला किया गया है। 16, 17 तथा 18 नवंबर 2025 को उत्तर प्रदेश में आयोजित सर्वखाप पंचायत पूरे 15 वर्ष बाद हुई है।
उत्तर प्रदेश के सोरम गाँव में आयोजित सर्वखाप पंचायत के द्वारा बनाए गए नियम पूरे देश में लागू किए जाएंगे। सर्वखाप पंचायत के महामंत्री सुभाष बालियान ने बताया है कि सोरम की सर्वखाप सर्वजातीय महापंचायत ने समाज सुधार के लिए 11 प्रस्तावों पर मुहर लगाई। सरकार से मांग रखी गई कि हिंदू विवाह अधिनियम में परिवर्तन कर प्रेम-विवाह के मामलों में माता-पिता की सहमति अनिवार्य होनी चाहिए। लिव इन रिलेशनशिप और समलैंगिकता का एकसुर में विरोध कर सरकार से प्रतिबंधित लगाने की मांग की। बेटियों की शिक्षा पर जोर दिया। अभिभावकों से आह्वान किया अपने बच्चों को समय दें।
उत्तर प्रदेश में आयोजित सर्वखाप पंचायत के आखिरी दिन पास हुए 11 बड़े प्रस्ताव
उत्तर प्रदेश की धरती पर आयोजित सर्वखाप पंचायत का 18 नवंबर मंगलवार को आखिरी दिन था। मंगलवार को सर्वखाप पंचायत में पारित किए गए 11 प्रस्तावों की घोषणा की गई। सर्वखाप पंचायत के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बताया कि हरियाणा के जींद से आए थुआ तपा के प्रधान सोमदत्त शर्मा की अध्यक्षता में हुई पंचायत में आखिरी दिन समाज सुधार का बिगुल बजाया गया। उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से आए खाप चौधरियों के मंथन के बाद ज्वलंत मुद्दों में से 11 प्रस्ताव तैयार किए गए। सर्वखाप महामंत्री सुभाष बालियान ने प्रस्तावों को पढक़र सुनाया। सर्वसमाज के चौधरियों और पंडाल में मौजूद लोगों ने हाथ उठाकर सहमति जताई। तय किया गया कि सभी खाप चौधरी, थांबेदार और परिवार अपने-अपने क्षेत्र में इन प्रस्तावों पर समाज की सहमति बनाकर अमल कराने का काम करेंगे।
सर्वखाप पंचायत के प्रवक्ता तथा प्रसिद्ध किसान नेता राकेश टिकैत ने बताया कि सोरम की सर्वजातीय सर्वखाप महापंचायत में तीन दिन तक खाप चौधरियों और गणमान्य लोगों ने 70 से अधिक मुद्दे रखे। इनमें से 11 का प्रस्ताव बनाकर पारित किया गया। शादियों में बढ़ता खर्च खाप चौधरियों की सबसे बड़ी चिंता बना। रात में शादी पर एतराज का प्रस्ताव भी पारित किया गया। नए दौर में रात के समय शादियों का चलन बढ़ा है। इसी वजह से शादियों का खर्च भी बढऩे लगा है। देहात क्षेत्रं तक बैंक्वट हॉल खुल गए हैं। ऐसे में सोरम की सर्वखाप पंचायत में इस मुद्दे की गूंज भी देखने को मिली। वक्तओं ने कहा कि शादियों का खर्च सीमित करना होगा। अगर सिर्फ दिन में ही शादी कर लें तो खर्च को बचाया जा सकता है। लाखों रुपये रात के समय बैंक्वट हॉल पर खर्च किए जा रहे हैं। यह पूंजी बचाने के लिए जरूरी है। सर्वखाप मंत्री सुभाष बालियान ने कहा कि पंचायत में उत्तर भारत से आए वक्ताओं ने करीब 70 प्रस्ताव रखे थे, जिनमें से ड्राफ्ट टीम और खाप चौधरियों ने 11 मुद्द्दे चयनित किए।
उत्तर प्रदेश की धरती पर आयोजित सर्वखाप पंचायत में पारित किए गए सभी 11 प्रस्ताव इस प्रकार हैं:-
प्रस्ताव नम्बर-1 : मृत्यु भोज का विरोध। हवन के बाद सिर्फ शोक सभा होनी चाहिए।
प्रस्ताव नम्बर-2 : दहेज प्रथा पर रोक लगे। अंगूठी की रस्म में पांच लोग शामिल रहें।
प्रस्ताव नम्बर-3 : नशा मुक्ति के लिए सभी खाप जागरूकता अभियान चलाएगी।
प्रस्ताव नम्बर-4 : 30 साल से बढ़ी कन्या भ्रूण हत्या, चलाएंगे जागरूकता अभियान।
प्रस्ताव नम्बर-5 : लिव इन एवं समलैंगिता अभिशाप, सरकार से प्रतिबंध की मांग।
प्रस्ताव नम्बर-6 : प्रेम विवाह को माता-पिता की सहमति के बिना मंजूर नहीं किया जाए।
प्रस्ताव नम्बर-7 : शिक्षा पर जोर, बालिका शिक्षा को खाप अपने क्षेत्र में बढ़ाएं।
प्रस्ताव नम्बर-8 : जल, जंगल और जमीन को बचाने का किया जाना चाहिए काम।
प्रस्ताव नम्बर-9 : गोवंश संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
प्रस्ताव नम्बर-10 : खाप पंचायतों में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाएगी।
प्रस्ताव नम्बर-11 : प्रत्येक 10 वर्ष पर सर्वखाप पंचायत, अगला आयोजन 2035 में होगा।