उत्तर प्रदेश के स्कूलों के लिए SIET ने 13 प्रेरणादायी प्रार्थना गीतों के वीडियो तैयार किए हैं। पार्थ सारथी सेन शर्मा ने लखनऊ में विमोचन किया। सरकारी और निजी स्कूल इनका निःशुल्क उपयोग कर सकेंगे।

UP News : उत्तर प्रदेश के स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा को अधिक प्रेरणादायी और संस्कारपरक बनाने के लिए राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान (SIET) ने 13 प्रार्थना गीतों का विशेष वीडियो संकलन तैयार किया है। बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने लखनऊ में इसका विमोचन किया। इन वीडियो का उपयोग प्रदेश के सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालय अपनी दैनिक प्रार्थना सभाओं में निःशुल्क कर सकेंगे।
एसआईईटी के निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र अग्रवाल के निर्देशन में तैयार किए गए इस संकलन में 13 प्रेरणादायी गीतों के अलग-अलग वीडियो शामिल हैं। प्रत्येक वीडियो की अवधि लगभग दो से चार मिनट रखी गई है, ताकि स्कूलों की सुबह की प्रार्थना सभा में इन्हें आसानी से शामिल किया जा सके। वीडियो को आकर्षक बनाने के लिए उच्च गुणवत्ता वाली ऑडियो रिकॉर्डिंग, एनीमेशन, दृश्यांकन और विद्यालयी परिवेश का रचनात्मक इस्तेमाल किया गया है। यह सामग्री विशेष रूप से स्मार्ट क्लास और डिजिटल स्क्रीन की सुविधा वाले स्कूलों के लिए उपयोगी होगी।
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इस वीडियो संकलन में विद्यार्थियों के बीच लोकप्रिय कई प्रेरणादायी गीतों को शामिल किया गया है। इनमें प्रमुख हैं:
- हम होंगे कामयाब
- इतनी शक्ति हमें देना दाता
- हमको मन की शक्ति देना
- बादल पे पांव है
- तेरी है जमीन, तेरा आसमान
- ऐ मालिक तेरे बंदे हम
- तुम ही हो माता, पिता तुम ही हो
- इंसाफ की डगर पे बच्चों, दिखाओ चलके
- आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झांकी हिंदुस्तान की
- नेकी की राह पे चल
- ज्योति से ज्योति जगाते चलो
- तेरी पनाह में हमें रखना
संकलन में शामिल गीतों के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों, सामाजिक समरसता, सह-अस्तित्व और राष्ट्रप्रेम जैसे भाव विकसित करने का उद्देश्य रखा गया है।
विमोचन कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि प्रार्थना सभा विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य केवल दिनचर्या पूरी करना नहीं, बल्कि बच्चों में अच्छे संस्कार, संवेदनशीलता और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन वीडियो का उपयोग केवल सरकारी या परिषदीय विद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा। सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालय भी इन्हें अपनी दैनिक प्रार्थना सभाओं में निःशुल्क इस्तेमाल कर सकेंगे। हालांकि, वीडियो संकलन के व्यावसायिक उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। UP News :
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इस परियोजना की खास बात यह है कि गीतों के गायन मंडल में उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन संचालित विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने अपनी आवाज दी है। वीडियो का निर्माण एसआईईटी की तकनीकी टीम ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के समन्वय से किया है। विभाग के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल, यूट्यूब, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों के जरिए इस सामग्री को स्कूलों तक पहुंचाने की योजना है।
कार्यक्रम से पहले एसआईईटी के निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र अग्रवाल ने संस्थान की वार्षिक कार्ययोजना और आगामी पहलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शैक्षिक मीडिया पहल 2026-27 के तहत पीएम ई-विद्या डीटीएच चैनलों के लिए कक्षा-वार शैक्षिक वीडियो तैयार किए जा रहे हैं। कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए गणित और विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को सरल तरीके से समझाने वाले छोटे वीडियो भी बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय और राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों के नवाचारों को पॉडकास्ट के माध्यम से साझा करने की योजना है। विद्यार्थियों के करियर मार्गदर्शन, कौशल विकास, समय प्रबंधन और परीक्षा के तनाव से निपटने के लिए भी विशेष डिजिटल सामग्री तैयार की जा रही है।
कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी, समग्र शिक्षा के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान, संयुक्त शिक्षा निदेशक लखनऊ मंडल प्रदीप कुमार सिंह, एससीईआरटी की संयुक्त निदेशक विभा मिश्र, गुणवत्ता विशेषज्ञ आनंद पाण्डेय और एसआईईटी के प्रशासनिक अधिकारी अजित कुमार सिंह सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक और तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे। UP News :
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