खामेनेई की मौत पर भारत के शिया धर्मगुरु का विरोध

मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने कहा कि हमारे मजहब में शहादत को सबसे बड़ा मर्तबा हासिल है और हर कोई शहादत की दुआ करता है। उन्होंने कहा, "अयातुल्ला खामेनेई भी हमेशा यही कहा करते थे कि हमारी भी तमन्ना है कि हम शहीद हों।

Opposition from India's Shia cleric
ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर भारत में शोक की लहर (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar01 Mar 2026 11:35 AM
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Opposition from India's Shia cleric : ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर भारत के शिया धर्मगुरुओं ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। प्रमुख शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने अमेरिका और इजराइल के इस हमले को 'आतंकवादी कार्रवाई' और 'कायरतापूर्ण' करार दिया है। उन्होंने खामेनेई की मौत को 'शहादत' बताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर तीखा हमला बोला है।

'शहादत सबसे बड़ा मर्तबा'

मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने कहा कि हमारे मजहब में शहादत को सबसे बड़ा मर्तबा हासिल है और हर कोई शहादत की दुआ करता है। उन्होंने कहा, "अयातुल्ला खामेनेई भी हमेशा यही कहा करते थे कि हमारी भी तमन्ना है कि हम शहीद हों। वे जंग लड़ते हुए शहीद हुए हैं और उनके साथ कई उलेमा भी शहीद हुए हैं।" उन्होंने कहा कि खामेनेई ने हमेशा मजलूमों (मज़लूमों) का साथ दिया। जिस तरह उनका खून बहाया गया है, वह कभी रायगा नहीं जाएगा। खून के इसी कतरे से इंकलाब पैदा होता है और जालिम उसमें डूब जाते हैं।

'ट्रंप और नेतन्याहू ने खुद के डेथ वारंट पर किए हस्ताक्षर'

अमेरिका और इजराइल के इस हमले पर गुस्से का इजहार करते हुए मौलाना कल्बे जवाद ने साफ शब्दों में कहा कि ट्रंप और नेतन्याहू ने खामेनेई को शहीद नहीं किया है, बल्कि उन्होंने खुद अपने 'डेथ वारंट' पर दस्तखत कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप और नेतन्याहू की मौत बेहद बत्तरीन (बुरी) होगी।

3 दिन का शोक और अपील

मौलाना ने घोषणा की है कि खामेनेई की शहादत पर शिया समुदाय 3 दिनों तक शोक मनाएगा। उन्होंने समुदाय से अपील की है कि इन तीन दिनों तक अपने कारोबार और दुकानों को बंद रखें तथा खामेनेई के लिए अल्लाह से दुआ खैर करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बात का पालन किसी जबरदस्ती से नहीं, बल्कि भावनात्मक स्तर पर किया जाना चाहिए।

'इंसानियत का नुकसान'

खामेनेई के जाने को मौलाना ने इंसानियत का बड़ा नुकसान बताया। उन्होंने कहा, "वे मजलूमों की आवाज थे और अकेले फिलिस्तीन के लोगों के लिए लड़ रहे थे। उनका जाना सिर्फ शिया समुदाय का नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के मुसलमानों के लिए नुकसान है।"

लखनऊ में कैंडल मार्च और शोक सभा

इस बीच, लखनऊ में भी इस घटना के विरोध और शोक में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मौलाना ने बताया कि आज रात लखनऊ के इमामबाड़ों में लोग जमा होकर शोक मनाएंगे और रात 8 बजे कैंडल मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने पूरे भारत के मुसलमानों से अपील की है कि वे शोक सभा और कैंडल मार्च का आयोजन करें। यदि कैंडल मार्च संभव न हो, तो कम से कम शोक सभा जरूर आयोजित की जाए। मौलाना ने कहा कि वे खामेनेई के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। Opposition from India's Shia cleric

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दूल्हे को चाकू मारकर प्रेमी के साथ भागी दुल्हन

पीड़ित दूल्हे ने पुलिस को बताया, "मैं रात करीब 9 बजे उसके पास गया और उसे छुआ। वह गुस्से से लाल हो गई और बोली 'मुझसे दूर रहना'। इसके बाद उसने चाकू निकालकर मेरे हाथ में मार दिया।" घटना के बाद जब दूल्हे ने दुल्हन के परिवार को सूचना दी।

knife to the groom
दुल्हन अपने ही चाचा के साथ गायब (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar28 Feb 2026 08:22 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी को स्तंभित कर दिया है। नगला बस्ती इलाके में एक नवविवाहिता ने सुहागरात के दिन ही दूल्हे पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना की गंभीरता इस कदर थी कि दुल्हन ने न सिर्फ दूल्हे को चाकू मारा, बल्कि बाद में ससुरालियों को नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया और लाखों के जेवरात व नकदी लेकर अपने 'प्रेमी चाचा' के साथ फरार हो गई।

सुहागरात पर बरसी तलवार

जानकारी के मुताबिक, दुल्हन का विवाह 21 फरवरी को हुआ था और 22 फरवरी को वह ससुराल पहुंची। सुहागरात के दिन जैसे ही दूल्हे ने उसके करीब जाने की कोशिश की, दुल्हन आग बबूला हो उठी। उसने दूल्हे को चेतावनी देते हुए कहा कि वह उससे दूर रहे, वरना वह या तो खुद मर जाएगी या उसे मार देगी। इसके तुरंत बाद उसने छिपाकर रखा चाकू निकाला और दूल्हे के हाथ पर हमला कर दिया, जिससे दूल्हा गंभीर रूप से घायल हो गया।

दूल्हे का दर्दनाक बयान

पीड़ित दूल्हे ने पुलिस को बताया, "मैं रात करीब 9 बजे उसके पास गया और उसे छुआ। वह गुस्से से लाल हो गई और बोली 'मुझसे दूर रहना'। इसके बाद उसने चाकू निकालकर मेरे हाथ में मार दिया।" घटना के बाद जब दूल्हे ने दुल्हन के परिवार को सूचना दी, तो उसकी मां, चाचा और चाची मौके पर पहुंचे। नई शादी को देखते हुए परिवार वालों ने समझाइश दी और वापस चले गए। इस डर से कि कहीं वह फिर हमला न कर दे, दूल्हा उस रात अलग खटिया पर सोया।

खाने में मिलाया जहर, लाखों की लूट

मामले का सबसे हैरान करने वाला खुलासा शादी के तीसरे दिन हुआ। भागने की नीयत से दुल्हन ने पूरे परिवार के खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया। खाना खाते ही दूल्हा और उसके परिवारजन बेहोश हो गए। इस मौके का फायदा उठाते हुए दुल्हन घर से सोने के लाखों के जेवरात और नकदी लेकर फरार हो गई।

प्रेमी चाचा के साथ मिली साजिश

सुबह जब परिवार के लोग होश में आए तो दुल्हन वहां नहीं थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि दुल्हन का अपने ही चाचा के साथ अवैध संबंध चल रहे थे। दुल्हन ने शादी के बाद भी इस रिश्ते को नहीं तोड़ा और चाचा के साथ मिलकर पूरा नाटक रचा।

पुलिस कार्रवाई

पीड़ित दूल्हे की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस फरार दुल्हन और उसके प्रेमी चाचा की तलाश में जुट गई है। आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही सफलता मिलने की उम्मीद है। UP News

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योगी सरकार की बड़ी सौगात, अब इन अस्पतालों में भी मिलेगा मुफ्त इलाज

प्रयागराज में मिले सकारात्मक नतीजों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने तय किया है कि इस मॉडल को पूरे उत्तर प्रदेश में लागू किया जाए, ताकि जरूरतमंद मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े और उन्हें नजदीक ही एक विश्वसनीय, व्यवस्थित और बेहतर विकल्प मिल सके।

सीएम योगी
सीएम योगी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar28 Feb 2026 04:50 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश से जुड़ी यह बड़ी खबर उत्तर प्रदेश सरकार ने दी है। उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना से जुड़े परिवारों के लिए योगी सरकार एक और बड़ी राहत की तैयारी में है। अब इलाज की सुविधा सिर्फ सामान्य सरकारी-निजी अस्पतालों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रदेश के कैंटोनमेंट (छावनी) अस्पताल भी आयुष्मान नेटवर्क से जुड़ने जा रहे हैं। स्टेट हेल्थ एजेंसी (साचीज) जल्द ही 12 कैंटोनमेंट अस्पतालों के साथ एमओयू साइन करेगउत्तर प्रदेशमें कुल 13 कैंटोनमेंट अस्पताल हैं, जिनमें प्रयागराज कैंटोनमेंट अस्पताल पहले से आयुष्मान कार्ड पर मरीजों का उपचार कर रहा है। प्रयागराज में मिले सकारात्मक नतीजों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने तय किया है कि इस मॉडल को पूरे उत्तर प्रदेश में लागू किया जाए, ताकि जरूरतमंद मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े और उन्हें नजदीक ही एक विश्वसनीय, व्यवस्थित और बेहतर विकल्प मिल सके।

प्रयागराज मॉडल बना आधार

साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा के अनुसार, जनवरी 2026 से प्रयागराज कैंटोनमेंट अस्पताल में आयुष्मान कार्ड धारकों को पूरी तरह निशुल्क इलाज की सुविधा दी जा रही है। यहां सिर्फ सामान्य उपचार नहीं, बल्कि गंभीर और जटिल बीमारियों के लिए विशेषज्ञ विभागों की सेवाएं भी उपलब्ध हैं - जैसे कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और मेडिकल व सर्जिकल ऑन्कोलॉजी। खास बात यह है कि मरीजों को फ्री OPD अप्वाइंटमेंट, फ्री जांच और गंभीर स्थिति में मुफ्त परिवहन जैसी सुविधाएं भी मिल रही हैं। सरकार का दावा है कि प्रयागराज में इस व्यवस्था के बेहद सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं, इसी वजह से अब योगी सरकार इस सफल मॉडल को उत्तर प्रदेश के अन्य कैंटोनमेंट अस्पतालों तक विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

एमओयू के बाद इन शहरों में मिलेगा लाभ

स्टेट हेल्थ एजेंसी ने एमओयू को लेकर औपचारिक प्रक्रियाएं लगभग पूरी कर ली हैं। समझौता होते ही उत्तर प्रदेश के जिन 12 कैंटोनमेंट अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड पर उपचार सुनिश्चित किया जाएगा, उनमें लखनऊ, कानपुर, मेरठ, बरेली, वाराणसी, अयोध्या, शाहजहांपुर, मथुरा, आगरा, फतेहपुर, झांसी और बबीना शामिल हैं। इन अस्पतालों के जुड़ने से यूपी में आयुष्मान योजना के तहत पैनल्ड अस्पतालों की संख्या बढ़ेगी और लाभार्थियों को शहर-दर-शहर इलाज के अधिक विकल्प मिलेंगे। साचीज की एसीईओ डॉ. पूजा यादव के अनुसार, कैंटोनमेंट अस्पतालों के साथ बेहतर समन्वय से उत्तर प्रदेश के आयुष्मान कार्ड धारकों को विशेषज्ञ सेवाएं मजबूत रूप से उपलब्ध हो सकेंगी। खास तौर पर गंभीर और जटिल बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को उच्च स्तर की चिकित्सा सुविधा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि गंभीर मरीजों के लिए पिक एंड ड्रॉप जैसी सुविधा भी उपलब्ध कराने की तैयारी है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में दिक्कत न हो।

आयुष्मान पोर्टल से जुड़ेंगे अस्पताल

योगी सरकार की योजना है कि एमओयू के बाद कैंटोनमेंट अस्पतालों को आयुष्मान योजना के पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इससे उपचार, बिलिंग और क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तय समय में पूरी हो सकेगी। सरकार के मुताबिक, इस फैसले से उत्तर प्रदेश में न सिर्फ गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते दबाव को भी संतुलित करने में मदद मिलेगी। साथ ही कैंटोनमेंट अस्पतालों की आधुनिक सुविधाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुंच सकेगा। UP News

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