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UP News: उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को बड़ी सफलता मिली है। अंबेडकरनगर जिले में मंगलवार तड़के हुई मुठभेड़ में एक लाख रुपये के इनामी बदमाश विक्की उर्फ आसिफ अली को मार गिराया गया।

उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को बड़ी सफलता मिली है। अंबेडकरनगर जिले में मंगलवार तड़के हुई मुठभेड़ में एक लाख रुपये के इनामी बदमाश विक्की उर्फ आसिफ अली को मार गिराया गया। आरोपी लंबे समय से हत्या, लूट और अन्य संगीन अपराधों में वांछित था। पुलिस के मुताबिक वह पिछले आठ वर्षों से लगातार फरार चल रहा था और कई बार पुलिस को चकमा देकर बच निकलने में सफल रहा था।
जानकारी के अनुसार मुठभेड़ मंगलवार सुबह करीब चार बजे अंबेडकरनगर के बेवाना थाना क्षेत्र में जगदीशपुर मुस्लिमपुर के पास हुई। यूपी STF को आरोपी की मौजूदगी की सूचना मिली थी जिसके बाद टीम ने इलाके की घेराबंदी की। जैसे ही STF ने आरोपी को रोकने की कोशिश की उसने खुद को घिरता देख टीम पर कई राउंड फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में STF ने भी फायरिंग की जिसमें विक्की उर्फ आसिफ अली गोली लगने से घायल हो गया। मुठभेड़ के बाद घायल बदमाश को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक विक्की उर्फ आसिफ अली कानपुर नगर के बिल्हौर थाना क्षेत्र के धुरैथा मकरनपुर गांव का रहने वाला था। उस पर हत्या, लूट समेत 25 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। वह करीब आठ वर्षों से फरार चल रहा था और लगातार अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस से बचता रहा। उसकी गिरफ्तारी के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार हाल के दिनों में आरोपी का नाम जौनपुर और शाहजहांपुर के शाहगंज क्षेत्र में हुई हत्या की घटनाओं में भी सामने आया था। इन मामलों के बाद यूपी STF ने उसकी तलाश तेज कर दी थी। लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर टीम उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। आखिरकार मंगलवार तड़के मिली सटीक सूचना के बाद STF ने घेराबंदी कर कार्रवाई की और मुठभेड़ में उसे मार गिराया।
जांच एजेंसियों के अनुसार विक्की उर्फ आसिफ अली लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय था। हत्या, लूट और अन्य गंभीर मामलों में उसका नाम सामने आने के कारण वह कई जिलों की पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। स्थानीय स्तर पर भी उसका नाम दहशत का पर्याय माना जाता था। पुलिस का कहना है कि उसके मारे जाने से कई लंबित मामलों की जांच में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
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