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उत्तर प्रदेश के किसानों के ऊपर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। उत्तर प्रदेश के किसानों पर मंडरा रहे खतरे के विषय में कृषि वैज्ञानिकों ने बड़ी चेतावनी जारी की है। इस विषय में वैज्ञानिक पूरी तरह जागरूक तथा सक्रिय है।

UP News : उत्तर प्रदेश के किसानों के ऊपर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। उत्तर प्रदेश के किसानों पर मंडरा रहे खतरे के विषय में कृषि वैज्ञानिकों ने बड़ी चेतावनी जारी की है। इस विषय में वैज्ञानिक पूरी तरह जागरूक तथा सक्रिय है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद शहर में फारमर नामक संस्था का संचालन करने वाले कृषि वैज्ञानिक जगपाल सिंह का दावा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के ऊपर बहुत बड़ा खतरा मंडरा रहा है। UP News
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में गन्ना किसानों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। कृषि वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस वर्ष गन्ने और अन्य खरीफ फसलों पर सफेद लट (व्हाइट ग्रब) का गंभीर प्रकोप देखने को मिल सकता है। गाजियाबाद स्थित फारमर वोलंटरी सेंटर एवं आईसीएआर-ऑल इंडिया नेटवर्क प्रोजेक्ट ऑन सॉइल आर्थरोपोड्स पेस्ट्स के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए अध्ययन में सफेद लट के वयस्क भृंगों की असामान्य रूप से बड़ी संख्या दर्ज की गई है, जिसे आगामी दिनों में फसलों पर बड़े खतरे का संकेत माना जा रहा है। UP News
वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश का बड़ा हिस्सा गन्ना उत्पादन पर निर्भर है और यह क्षेत्र लंबे समय से सफेद लट की समस्या से प्रभावित रहा है। फारमर वोलंटरी सेंटर द्वारा किए गए सर्वेक्षणों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सफेद लट की 34 विभिन्न प्रजातियों की पहचान की जा चुकी है। सफेद लट का लार्वा जमीन के भीतर रहकर फसलों की जड़ों को नुकसान पहुंचाता है। इसके कारण पौधे सूखने लगते हैं और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। गन्ने के अलावा मक्का, बाजरा, मूंगफली, धान और अन्य खरीफ फसलें भी इसके प्रकोप से प्रभावित हो सकती हैं। UP News

विशेषज्ञों ने बताया कि सफेद लट के वयस्क भृंग जून और जुलाई के दौरान मानसून की पहली बारिश के बाद जमीन से बाहर निकलते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य मैथुन और प्रजनन होता है। शाम करीब 7:30 बजे के आसपास इनका उद्भव सबसे अधिक देखा जाता है। वैज्ञानिकों ने बताया कि यदि इस समय भृंगों की पहचान कर उनका नियंत्रण कर लिया जाए तो आने वाले समय में सफेद लट की संख्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। UP News
फारमर वोलंटरी सेंटर के वैज्ञानिक श्री रियाजुद्दीन और श्री मनीष कुमार शर्मा ने गाजियाबाद जिले के बड़का आरिफपुर गांव में सफेद लट के उद्भव स्थलों की पहचान कर वहां लाइट ट्रैप और फेरोमोन ट्रैप लगाए। एक सप्ताह तक किए गए अध्ययन के दौरान चौंकाने वाले परिणाम सामने आए। वैज्ञानिकों के अनुसार एक लाइट ट्रैप में प्रतिदिन औसतन 800 से 900 वयस्क भृंग फंसते पाए गए। प्रयोगशाला में प्रारंभिक जांच के दौरान इन भृंगों की नौ विभिन्न प्रजातियों की पहचान भी की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में वयस्क भृंगों का निकलना इस बात का संकेत है कि इस वर्ष सफेद लट का प्रकोप सामान्य वर्षों की तुलना में कहीं अधिक गंभीर हो सकता है। UP News
वैज्ञानिकों ने किसानों, चीनी मिलों, कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्रों से अपील की है कि वे जून और जुलाई के दौरान अपने क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखें। यदि शाम 7:30 बजे से 8:30 बजे के बीच नीम, तुन, बकायन, जामुन, अमरूद और शीशम के पेड़ों पर बड़ी संख्या में भृंग दिखाई दें तो इसकी सूचना तुरंत वैज्ञानिकों को दें। इससे प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करने और समय रहते नियंत्रण उपाय लागू करने में मदद मिलेगी। UP News
फारमर वोलंटरी सेंटर ने किसानों को सलाह दी है कि सफेद लट नियंत्रण के लिए केवल रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भर रहने के बजाय जैविक एवं समन्वित प्रबंधन तकनीकों को भी अपनाएं। संस्था द्वारा कीट रोगजनक सूत्रकृमि (एंटोमोपैथोजेनिक नेमाटोड्स) तथा कीट रोगजनक फफूंद (एंटोमोपैथोजेनिक फंगी) के माध्यम से सफेद लट के नियंत्रण पर कार्य किया जा रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि जैविक तकनीकों के उपयोग से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना इस कीट पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। UP News
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा गन्ना खेती और चीनी उद्योग पर आधारित है। ऐसे में यदि सफेद लट का प्रकोप बढ़ता है तो इसका असर लाखों किसानों की आय और चीनी उत्पादन पर पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मानसून के दौरान अपने खेतों की नियमित निगरानी करें और किसी भी प्रकार के प्रकोप की जानकारी तुरंत कृषि विभाग अथवा वैज्ञानिकों को दें ताकि समय रहते प्रभावी नियंत्रण उपाय किए जा सकें। उत्तर प्रदेश के किसान नीचे दिए गए नंबरो पर संपर्क करके खतरे से मुक्ति प्राप्त कर सकते है। UP News
डा. जगपाल सिंह
सचिव, फारमर
मोबाइल : 9891292444 UP News
श्री रियाजुद्दीन
वैज्ञानिक, फारमर
मोबाइल : 9971717977 UP News
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