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उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों तीन विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव चर्चा का प्रमुख विषय बने हुए हैं। राज्य की 403 विधानसभा सीटों में से फिलहाल तीन सीटें रिक्त हैं, लेकिन इन पर उपचुनाव की घोषणा अब तक नहीं हो सकी है।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों तीन विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव चर्चा का प्रमुख विषय बने हुए हैं। राज्य की 403 विधानसभा सीटों में से फिलहाल तीन सीटें रिक्त हैं, लेकिन इन पर उपचुनाव की घोषणा अब तक नहीं हो सकी है। चुनावी प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम जनता के बीच भी सवाल उठने लगे हैं। राज्य की जिन तीन सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उनमें मऊ जिले की घोसी, सोनभद्र की दुद्धी और बरेली जिले की फरीदपुर विधानसभा सीट शामिल हैं। इन तीनों क्षेत्रों के निर्वाचित विधायकों का निधन हो जाने के बाद सीटें खाली हुई थीं। सामान्य परिस्थितियों में किसी सीट के रिक्त होने पर छह माह के भीतर उपचुनाव कराना संवैधानिक व्यवस्था का हिस्सा माना जाता है, लेकिन इस बार स्थिति कुछ अलग दिखाई दे रही है। UP News
घोसी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक रहे सुधाकर सिंह का नवंबर 2025 में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद यह सीट खाली हुई और अब इसे रिक्त हुए सात महीने से अधिक का समय बीत चुका है। वहीं बरेली की फरीदपुर सीट का प्रतिनिधित्व भारतीय जनता पार्टी के विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल कर रहे थे। जनवरी 2026 में एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें अचानक हृदयाघात हुआ, जिसके बाद उनका निधन हो गया। सोनभद्र की दुद्धी सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक विजय सिंह गोंड चुने गए थे। इलाज के दौरान जनवरी 2026 में उनका निधन हो गया, जिसके चलते यह सीट भी रिक्त हो गई। उपचुनाव में हो रही देरी को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विशेष मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया (एसआईआर) इसकी एक वजह हो सकती है। हालांकि चुनाव आयोग अप्रैल में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर चुका है, इसलिए यह तर्क भी पूरी तरह स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहा है। UP News
घोसी सीट को रिक्त हुए सात महीने से अधिक समय बीत चुका है, जबकि फरीदपुर और दुद्धी सीटों पर भी छह माह की अवधि पूरी होने वाली है। इसके बावजूद चुनाव कार्यक्रम घोषित न होने से राजनीतिक दलों के बीच अटकलों का दौर तेज हो गया है। सभी प्रमुख दल संभावित चुनावी रणनीति बनाने में जुटे हैं, लेकिन तारीखों के अभाव में तैयारियां अधर में लटकी हुई हैं।उत्तर प्रदेश विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल मई 2027 तक है। ऐसे में इन तीनों सीटों पर उपचुनाव कब होंगे, यह सवाल अभी भी अनुत्तरित बना हुआ है। UP News
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