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उत्तर प्रदेश में ग्रामीण रोजगार और मजदूरों की आय सुरक्षा को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार एक नई व्यवस्था के तहत बेरोजगारी भत्ते और रोजगार गारंटी मॉडल को नए स्वरूप में लागू करने की तैयारी कर रही है।

UP News : उत्तर प्रदेश में ग्रामीण रोजगार और मजदूरों की आय सुरक्षा को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार एक नई व्यवस्था के तहत बेरोजगारी भत्ते और रोजगार गारंटी मॉडल को नए स्वरूप में लागू करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए ग्राम्य विकास विभाग ने विस्तृत मसौदा तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार, केंद्र सरकार की नई “विकसित भारत – जी राम जी (वीबी जीरामजी)” योजना को उत्तर प्रदेश में लागू करने की तैयारी है। इस योजना के लागू होने के बाद ग्रामीण मजदूरों को रोजगार के साथ-साथ उन दिनों में आर्थिक सहायता (बेरोजगारी भत्ता) देने की भी व्यवस्था की जाएगी, जब उन्हें कृषि कार्यों में काम नहीं मिलता। UP News
केंद्र सरकार ने मनरेगा के स्थान पर नई “वीबी जीरामजी” योजना की शुरुआत की है, जिसे राज्यों को अपने स्तर पर लागू करना है। इसी के तहत यूपी सरकार ने ग्राम्य विकास विभाग के माध्यम से इसका प्रारूप तैयार किया है। इस नई व्यवस्था में मौजूदा मनरेगा मजदूरों को शामिल किया जाएगा और साथ ही नए श्रमिकों को भी योजना से जोड़ा जाएगा, ताकि ग्रामीण रोजगार का दायरा और व्यापक हो सके। योजना के मसौदे में ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिन तक रोजगार की गारंटी देने का प्रस्ताव है। कृषि कार्यों के व्यस्त सीजन, जैसे बुवाई और कटाई के दौरान लगभग 60 दिनों तक काम की कमी रहती है, ऐसे समय में मजदूरों को आर्थिक सुरक्षा देने का प्रावधान रखा गया है। मजदूरी भुगतान को पूरी तरह डिजिटल प्रणाली से जोड़ने का प्रस्ताव है। भुगतान साप्ताहिक आधार पर या अधिकतम 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने की योजना है, ताकि श्रमिकों को समय पर उनका हक मिल सके और पारदर्शिता बनी रहे। नई योजना में केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि विकास कार्यों की प्राथमिकता भी तय की गई है। इसके तहत जल संरक्षण, कृषि विकास, भूजल स्तर सुधार और पर्यावरण संतुलन से जुड़े कार्यों को प्रमुख स्थान दिया जाएगा। इसके साथ ही ग्रामीण सड़कों, कनेक्टिविटी और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों में भी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। UP News
योजना में गड़बड़ी रोकने के लिए सत्यापन प्रणाली को मजबूत किया जाएगा। मजदूरों से नियमित फीडबैक लेकर खामियों को दूर करने और सिस्टम को और अधिक पारदर्शी बनाने की योजना है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ वास्तविक पात्र श्रमिकों तक पहुंचे और किसी भी स्तर पर अनियमितता न हो। उत्तर प्रदेश में वर्तमान में मनरेगा के तहत करीब 2.43 करोड़ मजदूर पंजीकृत हैं। इनमें लगभग 1.82 करोड़ जॉब कार्ड जारी किए जा चुके हैं। सक्रिय मजदूरों की संख्या लगभग 1.21 करोड़ है, जबकि सक्रिय जॉब कार्ड की संख्या 86 लाख से अधिक है। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्रामीण श्रमिकों को अधिक स्थिर रोजगार, बेहतर आय सुरक्षा और समय पर भुगतान की सुविधा मिल सकेगी। UP News
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