UPSC की परीक्षा पास की बल्कि पूरे देश में अपना, अपने परिवार, अपने समाज तथा अपने प्रदेश उत्तर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उत्तर प्रदेश के जिन बेटे तथा बेटियों ने UPSC की परीक्षा पास की है वें सब जल्दी ही अपनी ट्रेनिंग पूरी करके अपने प्रदेश तथा देश का नाम रोशन करेंगे।

UP News : उत्तर प्रदेश के बेटे तथा बेटियों ने UPSC की परीक्षा-2025 में बड़ा कमाल किया है। उत्तर प्रदेश के अनेक बेटे तथा बेटियों ने ना केवल UPSC की परीक्षा पास की बल्कि पूरे देश में अपना, अपने परिवार, अपने समाज तथा अपने प्रदेश उत्तर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उत्तर प्रदेश के जिन बेटे तथा बेटियों ने UPSC की परीक्षा पास की है वें सब जल्दी ही अपनी ट्रेनिंग पूरी करके अपने प्रदेश तथा देश का नाम रोशन करेंगे।
उत्तर प्रदेश के रहने वाले जिन बेटे-बेटियों ने UPSC की परीक्षा में झंडे गाड़े हैं उनमें नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा की दो बेटियां भी शामिल हैं। आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-82 में रहने वाली बेटी प्रीति चौहान तथा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के सादोपुर गाँव में रहने वाली बेटी मुस्कान वर्मा अचानक सबकी लाड़ली बेटी बन गई है। सबकी लाड़ली बेटी बनने का कारण बहुत ही खास है। दरअसल प्रीति चौहान तथा मुस्कान वर्मा ने UPSC की परीक्षा-2025 को पास करके अफसर बनने का काम किया है। UPSC की परीक्षा-2025 में नोएडा की बेटी प्रीति चौहान ने पूरे देश में 47वीं रैंक हासिल की है। वहीं ग्रेटर नोएडा की बेटी मुस्कान वर्मा ने UPSC की परीक्षा में देश भर में 771वीं रैंक हासिल की है।
नोएडा की लाड़ली बेटी बनी प्रीति चौहान के IAS अफसर बनने (UPSC की परीक्षा पास करना) की कहानी बेहद दिलचस्प है। प्रीति चौहान का पूरा परिवार नोएडा के सेक्टर-82 में मात्र एक कमरे के मकान में अपना गुजारा करता है। UPSC की परीक्षा पास करने का प्रीति चौहान का यह दूसरा अवसर है। प्रीति चौहान ने UPSC की परीक्षा पास करने के प्रयास में पहली बार 140 वीं रैंक हासिल की थी। ट्रेनिंग पर गई, लेकिन अपनी पसंद का पद लेने के लिए दोबारा तैयारी करने का मन बनाया। नौकरी से छुट्टी लेकर और अधिक तैयारी की। उनकी मेहनत रंग लाई। अब प्रीति ने ऑल इंडिया टॉप 50 में जगह बनाई है। प्रीति 2020-21 में नोएडा के महर्षि विद्या मंदिर की छात्रा रही हैं। 12वीं कक्षा उत्तीर्ण कर दिल्ली विश्वविद्यालय से रसायनशास्त्र से बीएससी की पढ़ाई पूरी की। यूपीएससी में समाजशास्त्र विषय रहा। ग्रेजुएशन करने के साथ यूपीएससी की तैयारी भी करती रहीं। आईएएस बनने का सपना पूरा करने के लिए दिन रात एक कर दिया।
नोएडा शहर के सेक्टर-82 में रहने वाली प्रीति चौहान के पिता राजेंद्र सिंह प्राइवेट नौकरी करते हैं। मां मधुबाला सिंह गृहिणी हैं। प्रीति बताती हैं कि उनका घर एक कमरे का है इसलिए तैयारी करने में परेशानी होती थी लेकिन परिवार के सहयोग से बेहतर तैयारी कर सकी। प्रीति की एक बहन और एक भाई है। वे बताती हैं कि प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी खुद ही की। मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए आनलाइन कक्षाएं ली थीं। रोजाना 10 घंटे से अधिक पढ़ाई करके उनका सपना पूरा हुआ।
ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के सादोपुर गांव की बेटी मुस्कान वर्मा ने UPSC परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 771वीं हासिल की। दादरी के सादोपुर गांव की बेटी मुस्कान ने यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर परिवार का नाम रोशन किया है। मुस्कान बताती हैं कि उन्होंने जामिया मीलिया इस्लामिया रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी में रहकर स्वयं तैयारी की। साथ ही सीनियर्स से मदद ली। सादोपुर गांव निवासी रोहित गुर्जर ने बताया कि मुस्कान ने दिल्ली विश्वविद्यालय के गार्गी कालेज से फिजिक्स से बीएससी की पढ़ाई की। ग्रेजुएशन के साथ UPSC की तैयारी भी करती रहीं। उनके पिता अनिल कुमार मल्टीमीडिया के क्षेत्र में कार्यरत हैं। मां मालती वर्मा ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। छोटी बहन भी मेडिकल की तैयारी कर रही हैं। सीमित संसाधनों में भी मुस्कान ने बेटी को अफसर बनने का अपने पिता का सपने न केवल जिंदा रखा बल्कि उसे पूरा भी कर दिखाया।
उत्तर प्रदेश के Shamli जिले की रहने वाली Astha Jain ने इस परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक 9 हासिल की है। आस्था ने दिल्ली विश्वविद्यालय के Miranda House से पढ़ाई की है। खास बात यह है कि वह पहले भी सिविल सेवा परीक्षा में चयनित होकर पुलिस सेवा में प्रशिक्षण ले रही थीं, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य को और ऊंचा रखते हुए दोबारा परीक्षा दी और इस बार टॉप-10 में जगह बना ली। उनकी सफलता ने पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खुशी का माहौल पैदा कर दिया है।
Bareilly की रहने वाली Surabhi Yadav ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक 14 हासिल की है। सुरभि ने नौकरी के साथ-साथ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की और अपने अनुशासन तथा समय प्रबंधन के दम पर यह उपलब्धि हासिल की। उनकी सफलता से बरेली सहित पूरे रोहिलखंड क्षेत्र में युवाओं को नई प्रेरणा मिली है।
प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र Varanasi के रहने वाले Shubham Singh ने ऑल इंडिया रैंक 21 हासिल कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले शुभम ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार और लगातार मेहनत को दिया है। उनका कहना है कि सिविल सेवा परीक्षा में सफलता के लिए उत्तर लेखन की अच्छी तैयारी और समसामयिक विषयों की गहरी समझ जरूरी होती है।
Banda जिले की Shambhavi Tiwari ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप-50 में जगह बनाई है। वह पहले भी सिविल सेवा परीक्षा में चयनित हो चुकी थीं, लेकिन बेहतर रैंक के लिए उन्होंने फिर से प्रयास किया और इस बार बड़ी सफलता हासिल की। बुंदेलखंड जैसे अपेक्षाकृत पिछड़े क्षेत्र से आने वाली शांभवी की सफलता ने यह साबित किया है कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती।
इस बार के परिणामों की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि प्रदेश के छोटे शहरों और कस्बों से भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है। गोरखपुर, भदोही, शामली, बांदा, वाराणसी और गाजियाबाद जैसे जिलों से निकले युवाओं ने यह साबित कर दिया कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता जरूर मिलती है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल प्लेटफॉर्म और बेहतर मार्गदर्शन के कारण अब छोटे शहरों के युवाओं को भी बड़े अवसर मिल रहे हैं। UP News