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इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान लगाया गया है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी है। ऐसे में लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

उत्तर प्रदेश में मॉनसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। पिछले कुछ दिनों से कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी है और मौसम सुहावना बना हुआ है। इसी बीच मौसम विभाग ने रविवार के लिए राज्य के 31 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान लगाया गया है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी है। ऐसे में लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार इस बार पूर्वांचल और अवध क्षेत्र के कई जिलों में बारिश की अच्छी संभावना है। इन इलाकों में बादल छाए रहने के साथ कई जगह हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। यदि बहुत जरूरी काम न हो तो घर से बाहर निकलने से भी बचना बेहतर रहेगा।
रविवार को जिन जिलों में बारिश के आसार हैं उनमें लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, कानपुर नगर, कानपुर देहात, बाराबंकी, सीतापुर, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, बस्ती, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, मऊ, बलिया और आजमगढ़ शामिल हैं। इन जिलों में दिनभर रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक उत्तर प्रदेश में मॉनसून 30 जून को पूरी तरह पहुंच चुका था। हालांकि अब अगले तीन दिनों तक मॉनसूनी गतिविधियों में थोड़ी कमी देखने को मिल सकती है। सोमवार तक कई इलाकों में बारिश का दायरा कुछ सीमित रहेगा, जिससे दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बावजूद उमस और बादलों का असर बना रहेगा।
शनिवार को उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान में कमी दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। राज्य का सबसे अधिक तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जबकि राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस रहा। लगातार बादल छाए रहने और रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण दिन का मौसम पहले के मुकाबले अधिक आरामदायक महसूस किया गया।
हालांकि मॉनसून सक्रिय हो चुका है लेकिन प्रदेश के कई जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। प्रयागराज, प्रतापगढ़, रायबरेली और सुल्तानपुर जैसे जिलों में अब तक औसत से काफी कम वर्षा हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी बारिश उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई है जिससे किसानों की चिंता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। वहीं दूसरी ओर कुछ जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। वाराणसी और मऊ में सामान्य बारिश का लगभग 74 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है। राजधानी लखनऊ में करीब 60 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है जबकि गोरखपुर में लगभग 51 प्रतिशत और महाराजगंज में करीब 29 प्रतिशत वर्षा रिकॉर्ड की गई है। आने वाले दिनों में यदि अच्छी बारिश होती है तो इन आंकड़ों में और सुधार देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पूरी सावधानी बरतें। गरज-चमक होने पर खुले स्थानों पर जाने से बचें और पेड़ों के नीचे खड़े न हों। तेज हवाओं के दौरान कमजोर बिजली के तारों और पुराने पेड़ों से दूरी बनाए रखें। यदि किसी कारण बाहर जाना जरूरी हो तो मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही घर से निकलें।
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