मौसम विभाग का कहना है कि यह स्थिति ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगी। 18 जुलाई से प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने वाला है जिससे कई जिलों में अच्छी बारिश की संभावना बन रही है।

उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। जहां कुछ दिन पहले तक कई जिलों में लगातार बारिश हो रही थी वहीं अब बारिश की रफ्तार अचानक धीमी पड़ गई है। इसकी वजह से प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में उमस और तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दिन में तेज धूप और हवा में नमी के कारण लोग घर से बाहर निकलने में भी असहज महसूस कर रहे हैं। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि यह स्थिति ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगी। 18 जुलाई से प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने वाला है जिससे कई जिलों में अच्छी बारिश की संभावना बन रही है।
उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने का सबसे बड़ा असर आम लोगों पर देखने को मिल रहा है। बारिश नहीं होने से तापमान लगातार बढ़ रहा है और हवा में नमी बनी रहने के कारण उमस काफी ज्यादा महसूस हो रही है। सुबह से लेकर देर शाम तक लोग पसीने और चिपचिपी गर्मी से परेशान हैं।
आंकड़ों पर नजर डालें तो 1 जून से 14 जुलाई के बीच उत्तर प्रदेश में केवल 163.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य औसत से करीब 22 प्रतिशत कम है। कम बारिश का असर खेती के साथ-साथ रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखाई देने लगा है। कई जिलों में खेतों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है जबकि शहरों में गर्मी और उमस लोगों को लगातार परेशान कर रही है।
मौसम विभाग ने राहत भरी खबर देते हुए बताया है कि 18 जुलाई से उत्तर प्रदेश में मानसून फिर से सक्रिय होने लगेगा। इसकी शुरुआत पूर्वी उत्तर प्रदेश से होगी। इसके बाद अगले दो दिनों के भीतर इसका असर मध्य उत्तर प्रदेश और पश्चिमी यूपी तक पहुंच जाएगा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक ओडिशा के उत्तरी तट पर बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र का असर उत्तर प्रदेश के मौसम पर पड़ेगा। इसी सिस्टम की वजह से बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी और कई जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।
भारतीय मौसम विभाग का अनुमान है कि 17 जुलाई से 22 जुलाई के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश भी देखने को मिल सकती है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
राजधानी लखनऊ में गुरुवार को दिनभर बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। शाम के समय हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। यहां अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। प्रदेश के दूसरे शहरों में भी मौसम धीरे-धीरे बदलने के संकेत मिल रहे हैं। जैसे-जैसे मानसून सक्रिय होगा वैसे-वैसे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलने लगेगी।
बुधवार को प्रयागराज पूरे उत्तर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा जहां अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं दूसरी ओर प्रदेश के कुछ जिलों में अच्छी बारिश भी रिकॉर्ड की गई। अंबेडकर नगर में 75 मिमी, हमीरपुर में 54 मिमी, मथुरा में 44 मिमी, अयोध्या में 42 मिमी और गोरखपुर में 38 मिमी बारिश दर्ज की गई।
फिलहाल उत्तर प्रदेश के लोगों को कुछ दिन और उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक 18 जुलाई से मानसून की वापसी के साथ बारिश का दौर फिर शुरू होगा। अगर अनुमान सही साबित होता है तो अगले सप्ताह तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम काफी राहत भरा हो जाएगा और लंबे समय से गर्मी झेल रहे लोगों को आखिरकार राहत मिल सकेगी।
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