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मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश का दौर और तेज हो सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम से जुड़ी हर नई जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

उत्तर प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है और इसका असर प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में साफ दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश ने गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत दी है। कई जिलों में तेज बारिश के साथ बादलों की गरज और बिजली चमकने की घटनाएं भी सामने आई हैं। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश का दौर और तेज हो सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम से जुड़ी हर नई जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
मानसून की एंट्री के बाद उत्तर प्रदेश का मौसम पूरी तरह बदल गया है। जहां कुछ दिन पहले तक तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही थी वहीं अब बादलों की आवाजाही और लगातार हो रही बारिश से मौसम काफी सुहावना हो गया है। शनिवार के लिए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने एक बार फिर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है इसलिए लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा बारिश कानपुर में लगभग 99.8 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली। मेरठ में 86 मिलीमीटर, बदायूं में 85 मिलीमीटर, चित्रकूट और संभल में 62-62 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा बांदा में 50 मिलीमीटर, लखीमपुर खीरी में 49.2 मिलीमीटर और कासगंज में 46 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बुंदेलखंड और तराई के कई जिलों में भी लगातार बारिश होने से खेतों में नमी बढ़ी है जिससे किसानों को राहत मिली है। हालांकि, कुछ इलाकों में ज्यादा बारिश के कारण सड़कें पानी से भर गईं और लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
राजधानी लखनऊ में भी मौसम ने करवट ले ली है। सुबह से बादलों की आवाजाही बनी हुई है और बीच-बीच में हल्की बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश भी हो सकती है। लखनऊ में अधिकतम तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। हालांकि बारिश की वजह से लोगों को गर्मी और उमस से काफी राहत महसूस हो रही है।
मानसून सक्रिय होने के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की गई है। कुछ दिन पहले जहां कई जिलों में भीषण गर्मी पड़ रही थी वहीं अब मौसम काफी आरामदायक हो गया है। हाल ही में प्रदेश का सबसे अधिक तापमान फतेहगढ़ में 40 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान हरदोई में 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। तापमान में आई इस गिरावट का असर लोगों की दिनचर्या पर भी दिखाई दे रहा है। सुबह और शाम का मौसम पहले की तुलना में काफी बेहतर हो गया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल मानसून का असर बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में ज्यादा देखने को मिल रहा है लेकिन 5 जुलाई से मानसून एक बार फिर पूरे उत्तर प्रदेश में सक्रिय होने की संभावना है। इसके बाद कई जिलों में लगातार तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में बारिश का दायरा और बढ़ेगा। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव, बिजली गिरने और तेज हवाओं जैसी स्थितियां बन सकती हैं। प्रशासन भी हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
लगातार हो रही बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। धान समेत खरीफ की कई फसलों के लिए यह बारिश काफी फायदेमंद मानी जा रही है। खेतों में पर्याप्त नमी बनने से बुवाई का काम भी तेजी से आगे बढ़ सकेगा। हालांकि जिन इलाकों में बहुत ज्यादा बारिश हो रही है वहां किसानों को जलभराव से फसलों को होने वाले नुकसान पर भी नजर रखने की जरूरत है। मौसम में लगातार बदलाव को देखते हुए कृषि विशेषज्ञ भी किसानों को मौसम की ताजा जानकारी के अनुसार ही खेतों का काम करने की सलाह दे रहे हैं।
बारिश के दौरान बिना जरूरत घर से बाहर निकलने से बचें। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो मौसम का अपडेट जरूर देखें। गरज-चमक के समय पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहें। सड़क पर पानी भरा होने पर सावधानी से वाहन चलाएं और बच्चों को बारिश के दौरान नालों या तेज बहाव वाले पानी के पास न जाने दें।
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