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UP Weather Today: पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक, वज्रपात, तेज हवाओं और भारी बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है जिससे लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है।

उत्तर प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और इसका असर प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों से कहीं रुक-रुककर तो कहीं लगातार बारिश हो रही है। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार के लिए नया अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक, वज्रपात, तेज हवाओं और भारी बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है जिससे लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है।
मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक मंगलवार को पूरे उत्तर प्रदेश में मौसम बदला हुआ रहेगा। पश्चिमी यूपी के कई जिलों में तेज गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कई स्थानों पर मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का अनुमान है। बारिश के कारण कई जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे लोगों को उमस से राहत मिलेगी। हालांकि तेज बारिश वाले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की भी आशंका बनी हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल मानसून कमजोर पड़ने के कोई संकेत नहीं हैं। उत्तर प्रदेश में 7 जुलाई से 12 जुलाई तक लगातार बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कई जिलों में सामान्य से लेकर भारी बारिश तक देखने को मिल सकती है। लगातार हो रही बारिश का सबसे ज्यादा असर पूर्वांचल, तराई और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के जिलों में देखने को मिलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
सीनियर मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर सिस्टम अब अवदाब में बदल चुका है। यही सिस्टम उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश की मुख्य वजह बन रहा है। उनका कहना है कि इस सिस्टम के प्रभाव से दक्षिणी उत्तर प्रदेश में तेज बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। वहीं 7 से 12 जुलाई के बीच पूर्वांचल और तराई के कई इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। अगर यह सिस्टम और मजबूत होता है तो कई जिलों में बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है।
सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मिर्जापुर और हमीरपुर में सबसे अधिक 120 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा लखीमपुर खीरी में 114 मिलीमीटर, औरैया में 68.8 मिलीमीटर और जालौन में 60 मिलीमीटर बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से फायदेमंद मानी जा रही है लेकिन जिन क्षेत्रों में लगातार तेज बारिश होगी वहां फसल और सड़क दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
भारतीय मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए प्रदेश के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। बांदा, कौशांबी, चित्रकूट, प्रतापगढ़, फतेहपुर, सोनभद्र, संत रविदास नगर, मिर्जापुर, देवरिया, बस्ती, गोरखपुर, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, महाराजगंज, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी, बहराइच, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, बिजनौर, गौतमबुद्ध नगर, अमरोहा, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत, महोबा और झांसी समेत कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।
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