प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना जताई है। खास तौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि पूर्वी यूपी के कुछ क्षेत्रों में भी तेज बारिश की चेतावनी दी गई है।

उत्तर प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और इसका असर प्रदेश के लगभग हर हिस्से में साफ दिखाई दे रहा है। बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जहां लोगों को उमस और भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है, वहीं कई जिलों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आने लगी हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 29 जुलाई को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना जताई है। खास तौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि पूर्वी यूपी के कुछ क्षेत्रों में भी तेज बारिश की चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां सबसे अधिक सक्रिय बनी हुई हैं। नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली, सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा और मुरादाबाद समेत आसपास के जिलों में बुधवार को तेज बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में बादलों की तेज आवाज, बिजली चमकने और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की स्थिति बन सकती है। दिल्ली-एनसीआर से सटे नोएडा और गाजियाबाद में भी दिनभर बादल छाए रहने और कई दौर की बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
मंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में मानसून ने जमकर कहर बरपाया। सबसे अधिक बारिश मेरठ में दर्ज की गई जहां 80.8 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा बिजनौर में 80 मिलीमीटर, शाहजहांपुर में 79 मिलीमीटर और कानपुर में भी लगभग 79 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्र के कई इलाकों में दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। लगातार हो रही बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को लंबे समय बाद गर्मी से राहत मिली है। हालांकि कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा।
राजधानी लखनऊ में भी बुधवार को मौसम सुहावना बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। लखनऊ का अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बारिश के कारण वातावरण में नमी बनी रहेगी जिससे लोगों को उमस महसूस हो सकती है लेकिन तेज गर्मी से राहत बनी रहेगी।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार फिलहाल मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति में बनी हुई है जिसके कारण उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। उन्होंने बताया कि 30 जुलाई के बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिल सकता है और अगले चार से पांच दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने की संभावना है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय मौसमीय परिस्थितियों के कारण कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, मथुरा, अलीगढ़, आगरा, रामपुर, संभल, बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, झांसी और ललितपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है।
लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है वहां जलभराव और फिसलन की स्थिति भी बन सकती है इसलिए वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
विज्ञापन