योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, अब इस वर्ग को भी मिलेगा कैशलेस इलाज

सरकार के इस निर्णय से उत्तर प्रदेश के 1.28 लाख से अधिक शिक्षक और कर्मचारी लाभान्वित होंगे। योजना के तहत लाभार्थियों को सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ संबद्ध निजी अस्पतालों में भी इलाज की सुविधा मिलेगी। कैशलेस इलाज की सीमा 5 लाख रुपये तक तय की गई है।

सीएम योगी
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locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar10 Mar 2026 04:22 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोक भवन में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र से जुड़े एक बड़े वर्ग को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त महाविद्यालयों, राज्य विश्वविद्यालयों तथा स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में कार्यरत नियमित और स्ववित्तपोषित शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिल सकेगा। सरकार के इस निर्णय से उत्तर प्रदेश के 1.28 लाख से अधिक शिक्षक और कर्मचारी लाभान्वित होंगे। योजना के तहत लाभार्थियों को सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ संबद्ध निजी अस्पतालों में भी इलाज की सुविधा मिलेगी। कैशलेस इलाज की सीमा 5 लाख रुपये तक तय की गई है।

शिक्षक दिवस की घोषणा को कैबिनेट ने दिया अमलीजामा

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस फैसले के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस घोषणा को धरातल पर उतार दिया है, जो उन्होंने 5 सितंबर 2025 को शिक्षक दिवस के अवसर पर की थी। उस समय उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का आश्वासन दिया गया था। अब योगी कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह फैसला लागू होने की दिशा में आगे बढ़ गया है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि इस योजना में अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के नियमित शिक्षक, स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में पढ़ाने वाले शिक्षक, स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षक और उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत नियमित व स्ववित्तपोषित शिक्षक शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इस सुविधा के दायरे में लाया गया है।

उत्तर प्रदेश सरकार पर कितना आएगा सालाना खर्च

इस स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत प्रति शिक्षक 2479.70 रुपये का प्रीमियम खर्च आएगा। सरकार के अनुसार, उत्तर प्रदेश में कुल 1,28,725 लाभार्थियों को इसका फायदा मिलेगा। इस पर राज्य सरकार को हर साल करीब 31 करोड़ 92 लाख 38 हजार रुपये खर्च करने होंगे। इस राशि की व्यवस्था उच्च शिक्षा विभाग के बजट से की जाएगी। उत्तर प्रदेश में इस योजना का संचालन राज्य समग्र स्वास्थ्य एवं एकीकृत सेवा एजेंसी (साचीज) के माध्यम से किया जाएगा। लाभार्थियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को सरकारी और पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। इलाज की दरें प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत आरोग्य योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा तय मानकों के आधार पर लागू होंगी।

हर साल 30 जून तक देना होगा लाभार्थियों का ब्योरा

योजना के क्रियान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश का उच्च शिक्षा विभाग हर वर्ष 30 जून तक शिक्षकों, कर्मचारियों और उनके आश्रितों का विवरण साचीज को उपलब्ध कराएगा। हालांकि, जो व्यक्ति पहले से केंद्र या राज्य सरकार की किसी दूसरी स्वास्थ्य योजना के तहत कवर होंगे, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा संस्थानों से जुड़े शिक्षक और कर्मचारी लंबे समय से इस तरह की सुविधा की मांग कर रहे थे। खासतौर पर सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षक लगातार यह मुद्दा उठा रहे थे कि जब वे वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे हैं, तो उन्हें भी सरकारी स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में शामिल किया जाना चाहिए। इससे पहले जनवरी में हुई एक कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा क्षेत्र के कुछ वर्गों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी, लेकिन उस समय उच्च शिक्षा के कई शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी योजना से बाहर रह गए थे। इसके बाद विभिन्न शिक्षक संगठनों, जिनमें उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ और लुआक्टा जैसे संगठन भी शामिल हैं, ने सरकार से छूटे हुए वर्ग को भी योजना में शामिल करने की मांग की थी।

फैसले से शिक्षकों और कर्मचारी संगठनों में खुशी

अब योगी कैबिनेट की मंजूरी के बाद उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा क्षेत्र में खुशी का माहौल है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि यह फैसला न सिर्फ कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े हजारों परिवारों को भी राहत देगा। माना जा रहा है कि इस निर्णय से उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा क्षेत्र के कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ेगा। मंगलवार को हुई बैठक में कैशलेस इलाज योजना के अलावा उत्तर प्रदेश के विकास, प्रशासन और सुशासन से जुड़े करीब 30 प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। हालांकि, सबसे ज्यादा चर्चा उच्च शिक्षा क्षेत्र के शिक्षकों और कर्मचारियों को चिकित्सा बीमा योजना में शामिल किए जाने के फैसले की रही। UP News

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उत्तर प्रदेश में रसोई गैस की किल्लत : सिलिंडर लेने के लिए लगी भीड़

घरेलू एलपीजी (रसोई गैस) सिलिंडर की आपूर्ति में खामी के कारण गैस एजेंसियों पर भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग सिलिंंडर लेने के लिए एजेंसी पहुंचे, जिससे वहां लंबी कतारें और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

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सिलिंडर की आपूर्ति में खामी के कारण गैस एजेंसियों पर भारी भीड़
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar10 Mar 2026 03:17 PM
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UP News : बदायूं में मंगलवार को घरेलू एलपीजी (रसोई गैस) सिलिंडर की आपूर्ति में खामी के कारण गैस एजेंसियों पर भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग सिलिंंडर लेने के लिए एजेंसी पहुंचे, जिससे वहां लंबी कतारें और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि स्थानीय लोग इसे ईरान-अमेरिका युद्ध से जोड़कर देख रहे हैं। लोगों को डर है कि अगर युद्ध लंबा चला तो गैस आदि की किल्लत का सामना करना पड़ेगा।

आपूर्ति में बाधा का कारण

पिछले कुछ दिनों से गैस सिलिंडरों की नियमित आपूर्ति प्रभावित रही है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक गैस सप्लाई चेन पर दबाव पड़ा है, जिससे स्थानीय एजेंसियों में सिलिंडरों की संख्या सीमित हो गई। जैसे ही एजेंसी पर सिलिंडर आने की खबर लोगों को मिली, वे बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए।

भीड़ और अव्यवस्था

एजेंसी परिसर के बाहर लंबी कतारें लगीं और कई लोग घंटों इंतजार करते रहे। इस दौरान कुछ समय के लिए अव्यवस्था भी देखने को मिली। एजेंसी के कर्मचारी लगातार लाइन में व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहे थे और उपभोक्ताओं को सिलिंडर वितरित कर रहे थे। उपभोक्ताओं ने कहा कि यदि सिलिंडरों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, तो इस तरह की भीड़ और परेशानी से बचा जा सकता है। वहीं, एजेंसी कर्मचारियों ने भरोसा दिलाया कि जैसे-जैसे सिलिंडर उपलब्ध होंगे, सभी को उनकी जरूरत के अनुसार वितरित किया जाएगा। सिर्फ बदायूं ही नहीं, बल्कि गोंडा, कुशीनगर, महाराजगंज और बरेली जैसे जिलों में भी गैस सिलिंडरों की कमी की वजह से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे घरेलू रसोई संचालन प्रभावित हो रहा है और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर ध्यान बढ़ा है।


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योगी सरकार ने कैबिनेट में 30 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को दी मंजूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 31 प्रस्तावों पर विचार किया गया, जिनमें से 30 को स्वीकृति मिली। इस बैठक में संपत्ति पंजीकरण, ग्रामीण परिवहन, शहरी आवास और कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं सहित कई अहम फैसले लिए गए।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar10 Mar 2026 02:43 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 31 प्रस्तावों पर विचार किया गया, जिनमें से 30 को स्वीकृति मिली। इस बैठक में संपत्ति पंजीकरण, ग्रामीण परिवहन, शहरी आवास और कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं सहित कई अहम फैसले लिए गए।

संपत्ति रजिस्ट्रेशन में नया नियम

अब किसी भी संपत्ति की बिक्री से पहले विक्रेता का नाम खतौनी में सत्यापित किया जाएगा। अगर नाम मेल नहीं खाता, तो रजिस्ट्रेशन विभाग इसकी जांच करेगा। इसका उद्देश्य संपत्ति लेन-देन को अधिक पारदर्शी बनाना है।

ग्राम परिवहन योजना 2026

* इस योजना के तहत 59,163 ग्राम सभाओं को बस सेवा से जोड़ा जाएगा।

* लगभग 12,200 गांवों में अब पहली बार 28-सीटर बसें चलेगी।

* बस सेवा टैक्स-मुक्त होगी और निजी कंपनियों को संचालन की अनुमति दी जाएगी।

* बसों की औसत आयु 15 साल होगी और संचालन अनुबंध 10 साल का।

* हर रूट पर शुरुआत में दो बसें संचालित होंगी।

मोटर व्हीकल कानून और एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म

* एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म का राज्य में पंजीकरण अनिवार्य होगा।

* ड्राइवरों के लिए फिटनेस, मेडिकल टेस्ट और पुलिस वेरिफिकेशन की शर्तें लागू होंगी।

* आवेदन शुल्क 25,000 और लाइसेंस फीस 5 लाख तय की गई है।

* लाइसेंस का नवीनीकरण हर पांच साल में 5,000 शुल्क पर होगा।

* सरकार स्वयं एक परिवहन ऐप विकसित करेगी, जिसमें ड्राइवरों की जानकारी और ट्रेनिंग शामिल होगी।

शहरी आवास और निवेश नियमों में बदलाव

* प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत अब 30 वर्ग मीटर तक मकान बनाया जा सकेगा।

* लागत सीमा 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 9 लाख रुपये की गई है।

* सरकारी कर्मचारियों को छह माह के मूल वेतन से अधिक निवेश और अचल संपत्ति का विवरण सालाना देना अनिवार्य होगा।

अन्य स्वीकृत परियोजनाएं

* कांशीराम आवास योजना के खाली मकानों की मरम्मत कर दलित परिवारों को आवंटित करना।

* अयोध्या में खेल परिसर के लिए 2,500 वर्ग मीटर भूमि नगर निगम को हस्तांतरित।

* कानपुर ट्रांस गंगा सिटी में चार लेन पुल का निर्माण।

* बुंदेलखंड के बांदा और झांसी में डेयरी संयंत्रों की क्षमता बढ़ाना।

* कई जिलों में समग्र शहरी योजना लागू करना।

शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज

* अब अशासकीय स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी।

* प्रति शिक्षक प्रीमियम लगभग 2,479, कुल लाभार्थी: 1.28 लाख से अधिक शिक्षक।

* सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ: 31.92 करोड़।

* निजी अस्पतालों को योजना में शामिल कर अधिक विकल्प और बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाएगा।

इस तरह, उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विकास, स्वास्थ्य और पारदर्शिता को बढ़ावा देने वाले महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।



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